जसपुर में मूर्ति स्थापना पर राजनीतिक घमासान: विधायक और पूर्व विधायक के बीच टकराव, प्रशासन ने लागू की धारा 163

जसपुर (ऊधम सिंह नगर), 20 अप्रैल 2026 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड के जसपुर में ठाकुर मंदिर के पास वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और महाराजा अग्रसेन की मूर्ति स्थापित किए जाने को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। वर्तमान विधायक आदेश सिंह चौहान और पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल के समर्थकों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (जो पहले धारा 144 थी) लागू कर दी है। क्या है पूरा विवाद? प्राप्त जानकारी के अनुसार, जसपुर के ठाकुर मंदिर के पास मूर्तियों की स्थापना को लेकर विधायक आदेश सिंह चौहान और पूर्व विधायक डॉ. सिंघल के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। आज 20 अप्रैल को दोनों पक्षों द्वारा भारी संख्या में (लगभग 600-700 समर्थक) बीएसवी मैदान में आमने-सामने आकर शक्ति प्रदर्शन और चुनौती दिए जाने की सूचना मिली थी। खुफिया विभाग और कोतवाली जसपुर की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने इसे शांति व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा माना। इन इलाकों में लगा कड़ा पहरा परगना मजिस्ट्रेट (SDM) राहुल शाह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जसपुर के निम्नलिखित संवेदनशील इलाकों के 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू रहेगी: बी.एस.वी. कॉलेज और मैदान कलियावाला मोड़ सुभाष चौक लकड़ी मण्डी चौक पृथ्वी राज चौक सूत मिल चौकी प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंध शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं: समूह पर पाबंदी: इन क्षेत्रों में 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे। हथियारों पर रोक: कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, चाकू, ईंट-पत्थर या किसी भी प्रकार का हथियार या विस्फोटक लेकर नहीं चलेगा। रैली और नारेबाजी: बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की जनसभा, जुलूस, वाहन रैली या उत्तेजनात्मक नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक भावनाएं: ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा जिससे किसी धर्म, जाति या सामाजिक वर्ग की भावनाएं आहत हों। उल्लंघन करने पर होगी जेल यह आदेश 21 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे शहर में इसकी घोषणा कराई जाए और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात रखा जाए। वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

महाराजा अग्रसेन और महारानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति स्थापना को लेकर बढ़ा तनाव; चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, 5 से अधिक लोगों के जुटने पर पाबंदी

जसपुर (ऊधम सिंह नगर), 20 अप्रैल 2026 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड के जसपुर में ठाकुर मंदिर के पास वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और महाराजा अग्रसेन की मूर्ति स्थापित किए जाने को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। वर्तमान विधायक आदेश सिंह चौहान और पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल के समर्थकों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (जो पहले धारा 144 थी) लागू कर दी है।

क्या है पूरा विवाद?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जसपुर के ठाकुर मंदिर के पास मूर्तियों की स्थापना को लेकर विधायक आदेश सिंह चौहान और पूर्व विधायक डॉ. सिंघल के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। आज 20 अप्रैल को दोनों पक्षों द्वारा भारी संख्या में (लगभग 600-700 समर्थक) बीएसवी मैदान में आमने-सामने आकर शक्ति प्रदर्शन और चुनौती दिए जाने की सूचना मिली थी। खुफिया विभाग और कोतवाली जसपुर की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने इसे शांति व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा माना।

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इन इलाकों में लगा कड़ा पहरा

परगना मजिस्ट्रेट (SDM) राहुल शाह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जसपुर के निम्नलिखित संवेदनशील इलाकों के 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू रहेगी:

  • बी.एस.वी. कॉलेज और मैदान
  • कलियावाला मोड़
  • सुभाष चौक
  • लकड़ी मण्डी चौक
  • पृथ्वी राज चौक
  • सूत मिल चौकी
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प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंध

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

  1. समूह पर पाबंदी: इन क्षेत्रों में 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे।
  2. हथियारों पर रोक: कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा, चाकू, ईंट-पत्थर या किसी भी प्रकार का हथियार या विस्फोटक लेकर नहीं चलेगा।
  3. रैली और नारेबाजी: बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की जनसभा, जुलूस, वाहन रैली या उत्तेजनात्मक नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  4. धार्मिक भावनाएं: ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा जिससे किसी धर्म, जाति या सामाजिक वर्ग की भावनाएं आहत हों।

उल्लंघन करने पर होगी जेल

यह आदेश 21 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे शहर में इसकी घोषणा कराई जाए और संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात रखा जाए। वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

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