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रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस का शुभारंभ, रेल मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया उद्घाटन, सांसद अनिल बलूनी रहे मौजूद

रामनगर 18 जुलाई 2026 (समय बोल रहा) ।उत्तराखंड के लिए आज का दिन रेल परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ केंद्रीय रेल मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर रामनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी सहित कई…

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करुणा प्रेम और सह-अस्तित्व का सजीवउत्सव – मानव एकता दिवस

काशीपुर, 24 अप्रैल, 2026 (समय बोल रहा):- जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक…

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AAP छोड़ राघव चड्ढा BJP में हुए शामिल, मिठाई खिलाकर नितिन नवीन किया गया स्वागत

नई दिल्ली 24 अप्रैल 2026 (समय बोल रहा) आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। बताया जा रहा है कि BJP नेताओं ने उनका स्वागत मिठाई खिलाकर किया। इस घटनाक्रम के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और…

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budget 2026 expectations highlights india inc wants bold reforms from nirmala sitharaman co to fuel next growth cycle

बजट 2026-27: किस सेक्टर को कितना मिला? सरकार का पूरा खर्च प्लान सामने देखे

नई दिल्ली 01 फरवरी 2026 (समय बोल रहा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया है। इस बार का बजट साफ संकेत देता है कि सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं की बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता दी है। आम करदाताओं को टैक्स में बड़ी राहत नहीं…

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UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 2012 के नियम ही रहेंगे लागू

दिल्ली | 29 जनवरी 2026 | समय बोल रहा सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए और विवादित नियमों पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार करते हुए गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि नए नियमों में अस्पष्टता है और उनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी…

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सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में उठाया सवाल — उत्तराखंड को जल जीवन मिशन का बजट अब तक जारी क्यों नहीं?

नई दिल्ली/उत्तराखंड 5 दिसम्बर 2025 (समय बोल रहा) पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और नैनीताल–उधम सिंह नगर से सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में उत्तराखंड की ग्रामीण पेयजल योजनाओं को लेकर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से पूछा कि जल जीवन मिशन के तहत उत्तराखंड को वर्ष 2024–25 का बजट अभी…

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निरंकार से जुड़कर ही हो पाएगा आत्ममंथन: निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज काशीपुर/दिल्ली, 01 अक्तूबर, 2025 – (रिपोर्ट: समय बोल रहा ) – मानवता की निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक जागृति का संदेश देने वाले संत निरंकारी मिशन के 78वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य शुभारम्भ , 31 अक्तूबर को सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं आदरणीय निरंकारी राजपिता रमित जी की पावन छत्रछाया में हुआ। 3 नवंबर तक चलने वाले इस चार-दिवसीय समागम में पूरे भारतवर्ष एवं विदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होकर दिव्य आनंद की अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। आत्ममंथन: भीतर की यात्रा का पावन संदेश समागम के पहले दिन, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने मानवता के नाम अपना पावन संदेश देते हुए आत्ममंथन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने फरमाया, ‘‘आत्ममंथन एक भीतर की यात्रा है। इसे केवल चंचल मन और बुद्धि के स्तर पर नहीं तय किया जा सकता। इसके लिए अपने अंदर आध्यात्मिक रूप में मंथन करने की जरूरत है।’’ सतगुरु माता जी ने आगे समझाया कि हर मानव के अंदर और बाहर एक स्थिर और शाश्वत सत्य (निरंकार) निवास करता है। जब मनुष्य पहले इस सत्य को जान लेता है, तभी उसके मन में सबके प्रति प्रेम का भाव उत्पन्न हो पाता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने मनुष्य को प्रेम भाव की प्राथमिकता के साथ बनाया है, लेकिन अज्ञानता के कारण वह एक-दूसरे से नफ़रत करने के कारण ढूंढ लेता है। अंत में, सतगुरु माता जी ने पूरे संसार के लिए यही शुभ कामना की कि मनुष्य मानवता की राह पर चले, अंदर से खुद का सुधार करते चले जाएं ताकि सुधार का दायरा बढ़ते हुए पुरे संसार में अमन एवं भाईचारे का वातावरण स्थापित हो सके। भव्य शोभायात्रा और दिव्य स्वागत समागम स्थल पर आगमन होते ही, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी का स्वागत मिशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा किया गया। सतगुरु माता जी का स्वागत: संत निरंकारी मण्डल की प्रधान श्रीमती राजकुमारी जी ने फूलों की माला पहनाकर और मण्डल की सचिव डॉक्टर प्रवीण खुल्लर जी ने फूलों का गुलदस्ता भेंट करके किया। निरंकारी राजपिता जी का स्वागत: संत निरंकारी मण्डल के सीनियर एक्जिक्युटिव मेंबर अशोक मनचंदा जी ने फूलों की माला पहनाकर और विदेश विभाग के मेंबर इंचार्ज श्री विनोद वोहरा जी ने फूलों का गुलदस्ता भेंट करके किया। इसके बाद, इस दिव्य युगल को एक फूलों से सुसज्जित खुली पालकी में विराजमान कर एक भव्य शोभा यात्रा के रूप में समागम पंडाल के मध्य से मुख्य मंच तक ले जाया गया। कला और भक्ति का अनुपम संगम मुख्य मंच पर पहुँचते ही सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी का स्वागत निरंकारी इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट्स (NIMA) के 2500 से भी अधिक छात्रों ने किया। छात्रों ने भरत नाट्यम एवं स्वागती गीत द्वारा अपनी श्रद्धा अर्पित की। पंडाल में उपस्थित लाखों श्रद्धालु भक्तों की नयनों से आनंद की धाराएं बह रही थीं। विभिन्न संस्कृतियों के भक्त अपनी जाति, धर्म, और भाषा को भुलाकर केवल प्रेमाभक्ति में सराबोर थे। दिव्यता का यह अनुपम नज़ारा प्रेमा भक्ति की अनुभूति से सराबोर था।

‘आत्ममंथन’ की दिव्य झलक बिखेरते हुए 78वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य शुभारम्भ

निरंकार से जुड़कर ही हो पाएगा आत्ममंथन: निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज काशीपुर/दिल्ली, 01 अक्तूबर, 2025 – (रिपोर्ट: समय बोल रहा ) – मानवता की निस्वार्थ सेवा और आध्यात्मिक जागृति का संदेश देने वाले संत निरंकारी मिशन के 78वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का भव्य शुभारम्भ , 31 अक्तूबर को सतगुरु माता सुदीक्षा जी…

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ग्रेटर नोएडा, 13 सितंबर 2025 - ( समय बोल रहा ) - ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ऐस सिटी सोसाइटी शनिवार को उस समय सदमे में डूब गई जब एक मां और उसके 11 साल के बेटे ने 13वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस दर्दनाक घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय साक्षी चावला और उनके बेटे दक्ष चावला के रूप में हुई है। इस घटना ने पूरे सोसाइटी परिसर में मातम और हैरानी का माहौल बना दिया है। क्या हुआ पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, यह दुखद घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। साक्षी के पति दर्पण चावला ने उन्हें बेटे को दवा देने के लिए कहा था। दवा देने के बाद साक्षी बेटे को बालकनी में टहलाने लगीं और कुछ ही देर में दोनों ने 13वीं मंजिल से छलांग लगा दी। सोसाइटी के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद पूरे परिवार और सोसाइटी में मातम का माहौल है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक पड़ोसियों और परिवार के करीबी लोगों ने पुलिस को बताया कि साक्षी लंबे समय से तनाव में थीं। वह अक्सर कहती थीं कि उनकी जिंदगी बहुत कठिन हो गई है। उनके बेटे दक्ष की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और उसका लंबे समय से इलाज चल रहा था। वह स्कूल भी नहीं जाता था और पूरी तरह से दवाइयों पर निर्भर था। बेटे की बीमारी और इलाज में कोई सुधार न होने से साक्षी लगातार मानसिक दबाव और परेशानी झेल रही थीं, जिसे इस दुखद कदम की वजह माना जा रहा है। पुलिस की जांच जारी पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे साक्षी ने अपने पति दर्पण चावला के नाम लिखा था। इस नोट में उन्होंने लिखा है, "हम दुनिया छोड़ रहे हैं… सॉरी। हम तुम्हें अब और परेशान नहीं करना चाहते। हमारी वजह से तुम्हारी जिंदगी खराब न हो। हमारी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है।" एडीसीपी सेंट्रल नोएडा शैव्या गोयल ने बताया कि सुसाइड नोट की लिखावट की जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स को भेजा गया है। इसके अलावा, पुलिस मामले की जांच हर पहलू से कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई और वजह तो नहीं है। यह परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के नगर पंचायत गढ़ी नेगी का निवासी है। फिलहाल, वे ऐस सिटी सोसाइटी के फ्लैट नंबर E-1309 में रह रहे थे। इस घटना ने पूरे इलाके में एक गहरा सदमा और दुख का माहौल बना दिया है।

ग्रेटर नोएडा में हादसा: उत्तराखंड के नगर पंचायत गढ़ीनेगी के मां-बेटे की मौत

ग्रेटर नोएडा, 13 सितंबर 2025 – ( समय बोल रहा ) – ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ऐस सिटी सोसाइटी शनिवार को उस समय सदमे में डूब गई जब एक मां और उसके 11 साल के बेटे ने 13वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस दर्दनाक घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।…

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नई दिल्ली, 09 सितंबर 2025 – (समय बोल रहा ) – आज के उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने एक निर्णायक जीत हासिल कर देश के अगले उपराष्ट्रपति का पद संभाल लिया है। इस चुनाव में उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया, जिससे संसद में सत्ताधारी गठबंधन की मजबूत पकड़ एक बार फिर साबित हो गई है। यह जीत एनडीए के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि यह राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर उसकी स्थिति को और मजबूत करती है। जीत के आंकड़े और राजनीतिक संदेश सुबह से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम तक जारी रही, जिसमें कुल 767 वोट डाले गए। इनमें से 752 वोट वैध पाए गए, जबकि 15 वोट अवैध घोषित कर दिए गए। मतदान के बाद हुई मतगणना में, एनडीए के प्रत्याशी सी.पी. राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोटों से संतोष करना पड़ा। वोटों का यह अंतर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि एनडीए का समर्थन आधार संसद में कितना व्यापक और संगठित है। राधाकृष्णन की 452 वोटों की संख्या एनडीए के एकजुट वोट बैंक को दर्शाती है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल थे। इस जीत ने न केवल उनकी व्यक्तिगत योग्यता को प्रमाणित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि सत्ताधारी गठबंधन के पास महत्वपूर्ण विधायी निर्णयों को लागू करने के लिए आवश्यक संख्या बल मौजूद है। दूसरी ओर, विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को मिले 300 वोट भी कम महत्वपूर्ण नहीं हैं। यह संख्या दिखाती है कि विपक्षी एकता अभी भी एक महत्वपूर्ण ताकत है और वह सरकार की नीतियों का विरोध करने और जनता के मुद्दों को उठाने के लिए पर्याप्त संख्या में सांसद जुटा सकती है। यह भविष्य में होने वाले विधायी और राजनीतिक संघर्षों के लिए एक संकेत है कि विपक्ष अपनी आवाज को सशक्त बनाए रखने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव उपराष्ट्रपति के रूप में सी.पी. राधाकृष्णन की जीत से आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर कई तरह के प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। इस पद पर एनडीए के एक उम्मीदवार का होना सरकार के लिए विधायी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होगा, खासकर जब राज्यसभा में बिल पास करने की बात आती है। यह सरकार को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद करेगा और महत्वपूर्ण सुधारों को लागू करने में आने वाली बाधाओं को कम कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सत्ताधारी गठबंधन के मजबूत जनादेश की पुष्टि करता है। यह दिखाता है कि गठबंधन का विश्वास और समर्थन अभी भी बरकरार है। यह जीत एनडीए के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इससे भविष्य में होने वाले अन्य चुनावों में भी उसके मनोबल को मजबूती मिलेगी। सी.पी. राधाकृष्णन अपनी जीत के बाद मीडिया के सामने आए और उन्होंने सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें वोट दिया। उन्होंने कहा कि वह संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने और उपराष्ट्रपति पद की गरिमा के अनुसार कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विपक्ष को भी साथ लेकर चलने की बात कही और कहा कि वे सभी दलों के साथ मिलकर देश के विकास के लिए काम करेंगे। यह चुनाव केवल एक पद की जीत नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच शक्ति संतुलन का एक महत्वपूर्ण संकेतक भी है। भले ही विपक्ष इस चुनाव में सफल न हो पाया हो, लेकिन उनके वोटों की संख्या ने यह संदेश दिया है कि भारतीय लोकतंत्र में उनका भी महत्वपूर्ण स्थान है और वे लगातार अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति चुनाव: एनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन ने 452 वोटों से जीत दर्ज की, विपक्ष के बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया

नई दिल्ली, 09 सितंबर 2025 – (समय बोल रहा ) – आज के उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने एक निर्णायक जीत हासिल कर देश के अगले उपराष्ट्रपति का पद संभाल लिया है। इस चुनाव में उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को बड़े अंतर से हराया, जिससे संसद में सत्ताधारी गठबंधन…

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नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लाखों यात्रियों की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो में सफर करना आज से महंगा हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लगभग आठ साल बाद किराए में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों की जेब पर पड़ेगा। DMRC ने एक बयान जारी कर किराए में संशोधन की पुष्टि की है, जो आज यानी 25 अगस्त से ही प्रभावी हो गए हैं। यह बढ़ोतरी सामान्य मेट्रो लाइनों और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन दोनों पर लागू होगी। किराए में कितनी हुई बढ़ोतरी? डी.एम.आर.सी. के अनुसार, किराए में यह बदलाव मामूली है, लेकिन इससे न्यूनतम और अधिकतम दोनों किराए प्रभावित हुए हैं। सामान्य मेट्रो लाइनों पर: किराए में ₹1 से ₹4 तक की वृद्धि की गई है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर: किराया ₹1 से ₹5 तक बढ़ाया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली मेट्रो का न्यूनतम किराया ₹11 और अधिकतम किराया ₹64 हो गया है। यह नई दरें सभी स्टेशनों और रूटों पर लागू होंगी। स्मार्ट कार्ड यूजर्स को मिलेगी राहत इस किराए वृद्धि के बीच, उन यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है जो स्मार्ट कार्ड (Smart Card) का उपयोग करते हैं। स्मार्ट कार्ड से यात्रा करने वालों को पहले की तरह किराए में छूट मिलती रहेगी, जो कि नियमित यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम DMRC द्वारा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और यात्रियों को स्मार्ट कार्ड का अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रयास भी है। 8 साल बाद क्यों बढ़ा किराया? दिल्ली मेट्रो में पिछली बार किराया वृद्धि 2017 में हुई थी। इसके बाद से, मेट्रो के संचालन और रखरखाव की लागत में काफी वृद्धि हुई है। बिजली, कर्मचारियों के वेतन, मरम्मत, और नई परियोजनाओं पर होने वाले खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इन बढ़ती लागतों को पूरा करने और मेट्रो सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए, DMRC को किराया बढ़ाना पड़ा। DMRC का कहना है कि यह वृद्धि मेट्रो के भविष्य के संचालन और नए विस्तार योजनाओं के लिए जरूरी है। आम जनता पर असर और प्रतिक्रियाएं किराए में बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो मेट्रो को अपनी यात्रा का मुख्य साधन मानते हैं। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह एक अतिरिक्त बोझ साबित होगा। हालांकि, DMRC का कहना है कि मेट्रो अभी भी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का सबसे सस्ता और सबसे कुशल साधन है, खासकर बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों के मुकाबले। कुछ यात्री इस फैसले से निराश हैं, जबकि कुछ इसे परिचालन लागतों को देखते हुए एक आवश्यक कदम मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। भविष्य की योजनाएं और चुनौतियाँ किराया वृद्धि से प्राप्त राजस्व का उपयोग मेट्रो सेवाओं को बेहतर बनाने, नई लाइनों का निर्माण करने और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव में किया जाएगा। आने वाले समय में, दिल्ली मेट्रो अपनी कनेक्टिविटी का विस्तार करने और यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की योजना बना रही है। हालांकि, इस किराया वृद्धि के बाद, यह देखना होगा कि क्या यह कदम यात्रियों की संख्या पर कोई नकारात्मक प्रभाव डालता है या नहीं।

दिल्ली मेट्रो में आज से सफर हुआ महंगा: 8 साल बाद DMRC ने बढ़ाया किराया, स्मार्ट कार्ड यूजर्स को मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लाखों यात्रियों की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो में सफर करना आज से महंगा हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लगभग आठ साल बाद किराए में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर रोजाना…

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