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उत्तराखंड में राशन कार्ड बनवाने के नियम बदले, अब OTP और ई-केवाईसी अनिवार्य↗

देहरादून 08 मई 2026 (समय बोल रहा) उत्तराखंड में राशन कार्ड प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अब नया राशन कार्ड बनवाने या पुराने कार्ड को ट्रांसफर कराने के लिए ओटीपी और ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। राज्य का राशन कार्ड डाटा अब केंद्रीयकृत पोर्टल से…

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2027 चुनाव में सीएम पुष्कर सिंह धामी ही BJP का चेहरा

देहरादून 24 अप्रैल 2026 ( समय बोल रहा) उत्तराखंड की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा संकेत सामने आया है। Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने साफ संदेश दे दिया है कि आगामी चुनाव उनके ही चेहरे पर लड़ा जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से दिए…

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बड़ी खबर:सुरेंद्र सिंह नामधारी को बड़ी जिम्मेदारी — किसान आयोग के उपाध्यक्ष बने, मिला राज्यमंत्री दर्जा

देहरादून 11 अप्रैल 2026 (समय बोल रहा) उत्तराखंड सरकार ने ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह नामधारी को उत्तराखंड राज्य किसान आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।जारी आदेश में बताया गया है कि नामधारी जल्द ही अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।…

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शिक्षा विभाग में 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, रोजगार प्रयाग पोर्टल पर आवेदन आमंत्रित

देहरादून 06 फरवरी 2026 (समय बोल रहा) उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में लंबे समय से रिक्त पड़े चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य भर में कुल 2364 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के “रोजगार प्रयाग पोर्टल” पर…

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देहरादून, 20 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – हरियाणा के अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या के मामले में उत्तराखंड सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। इस जघन्य अपराध पर संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सीधे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से फोन पर बात की। मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोरतम दंड सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। हरियाणा सरकार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में शीघ्र और सख्त कार्रवाई करने के लिए हरियाणा पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सैनी ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पीड़ित परिवार के साथ उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री धामी ने इस दुखद घटना पर पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम सरकार की अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है, खासकर तब जब वे राज्य के बाहर किसी मुश्किल में होते हैं। वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने भी की मुलाकात दूसरी तरफ, उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के उपाध्यक्ष वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने भी चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। सेमवाल ने मुख्यमंत्री सैनी को साहिल बिष्ट की हत्या के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने का अनुरोध किया। यह पहल दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार और उसके प्रतिनिधि इस मामले में हर स्तर पर सक्रिय हैं। घटना का विवरण मालूम हो कि यह दुखद घटना अंबाला के शहजादपुर क्षेत्र में हुई थी। साहिल बिष्ट पर देर रात बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने उत्तराखंड के लोगों में रोष और दुख का माहौल बना दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

घर बैठे मिलेगी खतौनी की वेरिफाइड कॉपी, राजस्व विभाग के 6 नए पोर्टल लॉन्च

देहरादून 10 जनवरी2026 (समय बोल रहा ) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजस्व विभाग के छह नए वेब पोर्टलों का शुभारंभ किया। इन पोर्टलों के शुरू होने से अब राज्य के नागरिकों को खसरा-खतौनी, भू-अभिलेख और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए तहसील या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।मुख्यमंत्री ने…

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गुरु गोविंद सिंह जयंती पर उत्तराखंड में 27 दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश

उत्तराखंड 26 दिसंबर 2025 (समय बोल रहा) गुरु गोविंद सिंह जयंती के उपलक्ष्य में सरकारी अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह अवकाश राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, बोर्ड/निगम कार्यालयों और अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों पर लागू रहेगा। आम तौर पर यह दिन सिख समुदाय के लिए बेहद आस्था और धार्मिक महत्व रखता है…

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देहरादून, 28 अगस्त 2025 (समय बोल रहा ) – देहरादून में उच्च शिक्षा संस्थानों में लगातार बढ़ रही अराजकता का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के भीतर पढ़ाई की जगह गुटबाज़ी और दबंगई का खेल इस कदर हावी हो गया कि दो छात्र गुटों के बीच हुई वर्चस्व की लड़ाई गोलीबारी तक जा पहुँची। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सात छात्रों को गिरफ्तार किया है। कैंपस के बाहर हुई फायरिंग घटना यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर स्थित एक बॉयज पीजी (पेइंग गेस्ट) के पास हुई। आपसी वर्चस्व को लेकर दो छात्र गुटों के बीच शुरू हुई बहस ने हिंसक रूप ले लिया और बात फायरिंग तक पहुँच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में यह सामने आया है कि इस विवाद के पीछे कैंपस के भीतर अपनी दादागिरी स्थापित करने की होड़ थी। सात छात्र गिरफ्तार, सभी उत्तर प्रदेश के निवासी इस मामले में पुलिस ने सात छात्रों को गिरफ्तार किया है और उन्हें भारी मुचलके पर पाबंद किया है। गिरफ्तार किए गए छात्रों की पहचान इस प्रकार है: वैभव तिवारी (वाराणसी, यूपी) उत्तम सैनी (सहारनपुर, यूपी) मयंक चौहान (बिजनौर, यूपी) आयुष (अमरोहा, यूपी) युवराज (सहारनपुर, यूपी) अर्जुन (देवबंद, यूपी) दिव्य (बिजनौर, यूपी) यह बात भी सामने आई है कि इनमें से कई छात्र पहले भी कैंपस के अंदर विभिन्न विवादों और गुटबाज़ी में शामिल रहे हैं। इन छात्रों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। शिक्षा की जगह पनप रही है अराजकता यह घटना एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि क्या उच्च शिक्षा संस्थान सिर्फ डिग्री बाँटने का माध्यम बनकर रह गए हैं? पढ़ाई के नाम पर दाखिला लेने वाले ये छात्र असल में गुंडागर्दी और दबंगई में लिप्त हैं। आकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में अब तक विभिन्न यूनिवर्सिटियों से 85 ऐसे छात्रों को निष्कासित किया जा चुका है। इस तरह की घटनाओं से यह भी स्पष्ट होता है कि कैंपस के माहौल पर यूनिवर्सिटी प्रशासन की पकड़ ढीली हो चुकी है। छात्रों की जगह उपद्रवी तत्वों ने कैंपस को अपना ठिकाना बना लिया है, जिससे शिक्षा का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। जिम्मेदारी किसकी? यह सिर्फ छात्रों की गुंडागर्दी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन की विफलता है। जब तक प्रशासन कैंपस के भीतर और बाहर होने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी नहीं रखेगा, तब तक शिक्षा का माहौल ऐसे ही अराजकता की भेंट चढ़ता रहेगा। यह समय है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन न केवल दाखिला प्रक्रिया को सख्त करे, बल्कि ऐसे तत्वों को कैंपस से पूरी तरह निष्कासित कर दे।

देहरादून यूनिवर्सिटी में छात्रों की गुटबाज़ी का विस्फोट: फायरिंग कांड के बाद 7 गिरफ्तार

देहरादून, 28 अगस्त 2025 (समय बोल रहा ) – देहरादून में उच्च शिक्षा संस्थानों में लगातार बढ़ रही अराजकता का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के भीतर पढ़ाई की जगह गुटबाज़ी और दबंगई का खेल इस कदर हावी हो गया कि दो छात्र गुटों के बीच हुई वर्चस्व की…

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देहरादून, 22 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सफल समापन के बाद, अब राज्य सरकार ने नवगठित पंचायतों के शपथ ग्रहण और पहली बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है। यह कदम पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शासन सचिव चंद्रेश कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कार्यक्रम हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के शेष सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से होगा शपथ ग्रहण और बैठक राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि शपथ ग्रहण की पूरी प्रक्रिया सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम को तीन अलग-अलग स्तरों पर विभाजित किया गया है: ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत। ग्राम पंचायत स्तर पर: शपथ ग्रहण: नव-निर्वाचित ग्राम पंचायतों के सदस्य और ग्राम प्रधान 27 अगस्त को अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। यह तिथि ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक होगी। पहली बैठक: शपथ ग्रहण के ठीक अगले दिन, यानी 28 अगस्त को, नवगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रधान और सदस्य मिलकर गाँव के विकास एजेंडे पर चर्चा करेंगे और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा तैयार करेंगे। क्षेत्र पंचायत स्तर पर: शपथ ग्रहण: क्षेत्र पंचायत के सदस्य, प्रमुख, उप प्रमुख और वरिष्ठ उप प्रमुख 29 अगस्त को शपथ लेंगे। ये प्रतिनिधि ग्रामीण विकास की मध्यवर्ती कड़ी के रूप में कार्य करते हैं, और उनकी शपथ से यह सुनिश्चित होगा कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में हो। पहली बैठक: उनकी पहली बैठक 30 अगस्त को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों, विकास परियोजनाओं और फंड के उपयोग पर चर्चा होगी। जिला पंचायत स्तर पर: शपथ ग्रहण: जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्य, उपाध्यक्ष और अध्यक्ष 1 सितंबर को शपथ ग्रहण करेंगे। ये सबसे उच्च स्तर के पंचायत प्रतिनिधि होते हैं, जिनकी भूमिका पूरे जिले के विकास को निर्देशित करने में महत्वपूर्ण होती है। पहली बैठक: इन प्रतिनिधियों की पहली बैठक 2 सितंबर को होगी। इस बैठक में जिला स्तर पर विकास की रणनीतियों, बड़े प्रोजेक्ट्स और विभिन्न ब्लॉक के बीच समन्वय स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम का महत्व और भविष्य की चुनौतियाँ शपथ ग्रहण और पहली बैठकों का यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह पंचायती राज व्यवस्था के संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि नव-निर्वाचित प्रतिनिधि अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से अवगत हों। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, पंचायतों के माध्यम से विकास कार्यों को गति मिलने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान होने की उम्मीद है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि निर्धारित तिथियों पर यह पूरी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से और सुचारू रूप से पूरी की जाए। इसके लिए, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सभी स्तरों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहेंगे। यह कार्यक्रम पंचायती राज प्रणाली को मजबूत करने, सुशासन को बढ़ावा देने और अंततः उत्तराखंड के ग्रामीण परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उत्तराखंड में नवगठित पंचायतों का शपथ ग्रहण और पहली बैठक का कार्यक्रम तय, हरिद्वार को छोड़कर सभी जिलों में होगा लागू

देहरादून, 22 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सफल समापन के बाद, अब राज्य सरकार ने नवगठित पंचायतों के शपथ ग्रहण और पहली बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है। यह कदम पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने की…

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देहरादून, 20 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – हरियाणा के अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या के मामले में उत्तराखंड सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। इस जघन्य अपराध पर संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सीधे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से फोन पर बात की। मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोरतम दंड सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। हरियाणा सरकार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में शीघ्र और सख्त कार्रवाई करने के लिए हरियाणा पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सैनी ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पीड़ित परिवार के साथ उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री धामी ने इस दुखद घटना पर पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम सरकार की अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है, खासकर तब जब वे राज्य के बाहर किसी मुश्किल में होते हैं। वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने भी की मुलाकात दूसरी तरफ, उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के उपाध्यक्ष वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने भी चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। सेमवाल ने मुख्यमंत्री सैनी को साहिल बिष्ट की हत्या के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा देने का अनुरोध किया। यह पहल दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार और उसके प्रतिनिधि इस मामले में हर स्तर पर सक्रिय हैं। घटना का विवरण मालूम हो कि यह दुखद घटना अंबाला के शहजादपुर क्षेत्र में हुई थी। साहिल बिष्ट पर देर रात बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने उत्तराखंड के लोगों में रोष और दुख का माहौल बना दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

अंबाला में उत्तराखंड के युवक की हत्या पर सीएम धामी ने हरियाणा के सीएम से की बात, न्याय और कठोरतम कार्रवाई का दिया आश्वासन

देहरादून, 20 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – हरियाणा के अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या के मामले में उत्तराखंड सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। इस जघन्य अपराध पर संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सीधे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से फोन पर…

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उत्तराखंड 04 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में घरेलू हिंसा के दो अलग-अलग और बेहद परेशान करने वाले मामले सामने आए हैं, जिन्होंने पारिवारिक रिश्तों में पनप रही हिंसा और आक्रोश की भयावहता को उजागर किया है। एक मामले में, एक महिला ने डीएम से गुहार लगाई कि उसका पति बात-बात पर बंदूक तानकर उसे धमकाता है, जबकि दूसरे मामले में एक मामूली सी बात—बेटे की शर्ट जल जाने पर—दंपति के बीच जमकर मारपीट हुई। इन दोनों घटनाओं ने न केवल पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर किया है, बल्कि समाज में गहराती घरेलू हिंसा की समस्या पर भी चिंताजनक सवाल खड़े किए हैं। बंदूक की नोक पर दहशत का माहौल, डीएम ने लाइसेंस रद्द कर दिया उत्तराखंड में घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला तब सामने आया, जब एक महिला ने सीधे जिलाधिकारी सविन बंसल से मिलकर अपनी आपबीती सुनाई। महिला ने जिलाधिकारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर बताया कि उसका पति दहेज की मांग को लेकर उसे अक्सर प्रताड़ित करता है। यह प्रताड़ना सिर्फ मौखिक नहीं है, बल्कि उसका पति आए दिन घर में अपनी लाइसेंसी बंदूक तानकर उसे और उसके बच्चों को डराता-धमकाता है। महिला ने कहा कि इस लगातार मानसिक उत्पीड़न के कारण वह भारी दबाव में जी रही है और उसे अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा महसूस होता है। शिकायत की गंभीरता को समझते हुए, डीएम सविन बंसल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि "लोक शांति, पारिवारिक सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा" को बनाए रखने के लिए इस तरह के कृत्य को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। डीएम ने आरोपी पति के शस्त्र लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि आरोपी की बंदूक को तुरंत जब्त कर सरकारी पुलिस अभिरक्षा में रखा जाए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी पति को अपने बचाव में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यह प्रशासनिक कार्रवाई न केवल महिला को सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि ऐसे लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो लाइसेंसी हथियारों का दुरुपयोग कर अपने ही परिवार को डराते-धमकाते हैं। बेटे की शर्ट जली तो झगड़ा, मारपीट के बाद दर्ज हुआ केस इसी तरह घरेलू हिंसा का एक और मामला सामने आया है, जो बताता है कि कैसे छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी हिंसक रूप ले सकते हैं। नेहरू कॉलोनी थाने में ऋताक्षी हूजा नामक एक महिला ने अपने पति अर्जुन हूजा के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, दंपति के बीच पहले से ही तलाक का केस चल रहा है, जिसके कारण वे एक ही घर में अलग-अलग रह रहे हैं। गत 17 जुलाई की सुबह, ऋताक्षी ने अपने 5 वर्षीय बेटे की शर्ट प्रेस करने के लिए अपने पति अर्जुन से कहा। आरोप है कि प्रेस करते वक्त अर्जुन से शर्ट जल गई। इस पर ऋताक्षी ने आपत्ति जताई तो अर्जुन आग-बबूला हो गया। बात कहासुनी से शुरू हुई और देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट तक जा पहुंची। इस घटना के बाद ऋताक्षी ने तत्काल नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अर्जुन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। यह घटना दर्शाती है कि पारिवारिक तनाव और रिश्तों में कड़वाहट किस तरह एक छोटी सी गलती को भी बड़े झगड़े और हिंसा में बदल सकती है। समाधान की ओर: एक मजबूत समाज की जरूरत ये दोनों मामले घरेलू हिंसा की विभिन्न परतों को उजागर करते हैं। एक तरफ, जहां बंदूकों का इस्तेमाल कर शारीरिक और मानसिक भय का माहौल बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर, छोटी-छोटी बातों पर होने वाली हिंसा भी पारिवारिक रिश्तों की बुनियाद को कमजोर कर रही है। इन मामलों में प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है। डीएम द्वारा लाइसेंसी बंदूक को जब्त करने का निर्णय यह दिखाता है कि प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी तरह, पुलिस द्वारा घरेलू विवाद में भी तत्काल केस दर्ज करना यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं को न्याय मिल सके। यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को खुलकर सामने आने और अपनी आवाज उठाने का हौसला मिले। समाज को भी घरेलू हिंसा के खिलाफ एक मजबूत और संवेदनशील माहौल बनाने की जरूरत है, जहां महिलाएं सुरक्षित महसूस करें और उन्हें बिना किसी डर के मदद मिल सके। इन घटनाओं से यह साफ है कि घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।

उत्तराखंड में घरेलू हिंसा के दो संगीन मामले: पत्नी पर बंदूक तानता था पति, तो दूसरी तरफ शर्ट जलने पर हुई मारपीट; डीएम ने बंदूक का लाइसेंस रद्द किया

उत्तराखंड 04 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में घरेलू हिंसा के दो अलग-अलग और बेहद परेशान करने वाले मामले सामने आए हैं, जिन्होंने पारिवारिक रिश्तों में पनप रही हिंसा और आक्रोश की भयावहता को उजागर किया है। एक मामले में, एक महिला ने डीएम से गुहार लगाई कि उसका पति बात-बात…

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