मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त आदेश के बाद पंतनगर पुलिस ने काशीपुर के पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद, उत्तराखंड पुलिस में निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीड़िता वैजयंती चंद की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाए थे। वैजयंती चंद, जो कि विला नंबर बीटा-2, ओमेक्स रिवेरा कॉलोनी, नैनीताल रोड, रुद्रपुर की निवासी हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका विवाह 18 फरवरी 2019 को मथुरा में आशुतोष कुमार सिंह के साथ हुआ था। आशुतोष कुमार सिंह, जो कि हनुमान गली, रुड़की, जिला हरिद्वार के रहने वाले बिशन लाल के पुत्र हैं, ने शादी के समय वैजयंती को अपनी पहली पत्नी से तलाक होने की जानकारी दी थी। हालांकि, वैजयंती का आरोप है कि आशुतोष ने अपनी दूसरी पत्नी पूनम रानी, निवासी मुजफ्फरनगर, से अपने विवाह और उससे तलाक न होने की बात को छुपाकर उन्हें धोखे में रखा और उनसे शादी कर ली। दो बेटियों के जन्म के बाद उत्पीड़न बढ़ा, दहेज की मांग वैजयंती ने बताया कि शादी के बाद उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों की हर संभव सेवा की और 8 सितंबर 2019 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद उनकी सास शकुंतला देवी उन्हें पुत्र पैदा न करने के लिए ताने देने लगीं। इस बीच, उनके पति का तबादला रुद्रपुर से भवाली (नैनीताल) हो गया, जिसके बाद उनके सास-ससुर भी रुड़की से ओमेक्स में आने-जाने लगे। 6 सितंबर 2021 को वैजयंती ने दूसरी बेटी को जन्म दिया, जिसके बाद उनकी सास का व्यवहार और भी अभद्र और अपमानजनक हो गया। वैजयंती का आरोप है कि उनकी सास उन्हें लगातार कोसती थीं, गाली-गलौज करती थीं और पुत्र न पैदा करने का ताना देती थीं। वह अक्सर कहती थीं कि उनका बेटा तो पुलिस में इंस्पेक्टर है और उन्होंने गलती से उनसे शादी कर ली। सास यह भी कहती थीं कि अगर उनके बेटे की शादी उत्तर प्रदेश में हुई होती तो उन्हें दहेज में 50 लाख रुपये मिलते। वैजयंती ने बताया कि जब उनके पति का तबादला वापस रुद्रपुर हो गया, तो उनके पति और सास दोनों मिलकर उन्हें बात-बात पर कोसने लगे और रोजाना मारपीट कर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करने लगे। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उनके पति का व्यवहार भी बदल गया और वह अक्सर कहते थे कि बेटा होता तो ठीक था, फिर से बेटी पैदा हो गई। वैजयंती का आरोप है कि उनके पति ने शादी के बाद से ही कई बार उनसे अपने पिता से कहकर उनके नाम एक प्लॉट करवाने की मांग की थी। देहरादून में अकेला छोड़ा, दूसरी शादी का खुलासा इसी बीच, उनके पति का तबादला आईटीआई, काशीपुर हो गया। उस समय उनकी छोटी बेटी केवल चार महीने की थी, जब उनके पति ने उनसे कहा कि उन्होंने देहरादून में एक फ्लैट लिया है और उन्हें वहां जाकर रहना चाहिए, जबकि वह अवकाश लेकर उनसे मिलने आते रहेंगे। हालांकि, देहरादून जाने के बाद उनके पति कभी भी उनसे मिलने नहीं आए और वह किसी अन्य महिला से बातचीत करने लगे। जब वैजयंती ने उनके पति का नंबर ढूंढकर उस महिला से बात की और उसे बताया कि वह उनका घर बर्बाद कर रही है, तो उस महिला ने बताया कि वह खुद परेशान है क्योंकि उनके पति (आशुतोष) उन्हें तलाक देने की धमकी दे रहे हैं और उनका व्यवहार भी उनके प्रति बदल गया है। वैजयंती ने बताया कि जब यह बात उनके पति को पता चली तो उन्होंने उनके साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट की और घर का खर्चा देना बंद कर दिया। वह अपने मायके वालों से पैसे लेकर अपना और अपनी बेटियों का भरण-पोषण करती रहीं। करवा चौथ के दिन, वर्ष 2022 में, वह बिना पति को बताए अपनी बेटियों को लेकर आईटीआई काशीपुर आ गईं। उनके पति ने उन्हें और बच्चों को गौतमी होटल में ठहराया, लेकिन शाम को होटल के कमरे में आकर उनसे लड़ाई-झगड़ा करने लगे, कमरे का सारा सामान गिरा दिया और खाना भी फेंक दिया। इसी दौरान वैजयंती को पता चला कि उनके पति ने पूनम रानी नाम की महिला से दूसरी शादी की है, जिससे उनकी एक बेटी भी है। वैजयंती का आरोप है कि उनके पति ने उस पत्नी और बच्चे को भी छोड़ दिया है और बिना उससे तलाक लिए उनके साथ तीसरी शादी की है, और अब वह चौथी शादी करने की तलाश में हैं। जब वैजयंती ने अपने पति से इस बारे में पूछा तो उन्होंने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की और धमकी दी कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो वह उन्हें छोड़ देंगे क्योंकि उन्होंने उन्हें बेटा पैदा करके नहीं दिया और दो-दो बेटियां पैदा कर दी हैं, जबकि उन्हें और उनकी मां को बेटा चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह बेटा पैदा नहीं कर पाएंगी, इसलिए वह चौथी शादी करेंगे। जंगल में जान से मारने की धमकी वैजयंती ने एक और भयावह घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मार्च 2023 में उनके पति अचानक देहरादून आ गए और उनसे कहा कि बेटियों की छुट्टियां हैं तो उनके साथ आईटीआई रहने चलें। वहां उनके पति दिनभर कमरे में सोते रहे और रात 8 बजे वह उन्हें लेकर रुद्रपुर के लिए रवाना हुए। हरिद्वार से आते समय बीच जंगल में उनके पति ने गाड़ी रोक दी और पीछे मुड़कर उन्हें थप्पड़ मारा और कहा कि उन्होंने उन्हें और दूसरी स्त्री को पूरे स्टाफ में बदनाम कर दिया है। इतने में ही उनके पति ने रिवाल्वर निकालकर उनके ऊपर तान दी और कहा कि वह उन्हें मारकर यहीं जंगल में फेंक देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। अचानक उनकी बड़ी बेटी नींद से जाग गई और रोने लगी, तब जाकर उनके पति ने रिवाल्वर वापस रखी और तेजी से गाड़ी चलाकर वह लोग रात करीब 3 बजे आईटीआई पहुंचे। शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न जारी वैजयंती ने बताया कि इसी बीच उनके पति ने विला नंबर बीटा-2, ओमेक्स रिवेरा कॉलोनी में खरीद लिया, जिसके गृह प्रवेश के दिन उनके पति ने उन्हें उनके मायके से फोन कर बुलाया। वह वहां आईं और उस विला के एक मंजिल में अपनी बेटियों के साथ रहने लगीं, जबकि दूसरी मंजिल पर उनके सास-ससुर रहने लगे। उनके पति अपनी पोस्टिंग पर रहने लगे, जबकि उनकी सास लगातार उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करती रहीं, गाली-गलौज करतीं और अमानवीय व्यवहार करती थीं। उनके पति ने घर खर्च देना पूरी तरह से बंद कर दिया। वैजयंती ने बताया कि इस बीच उनकी छोटी बेटी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन उनके पति और सास उसे देखने तक नहीं आए। उन्होंने अस्पताल में अकेले रहकर अपने मायके वालों से पैसे लेकर अपनी बेटी का इलाज कराया। इसके बाद उनकी बड़ी बेटी की आंखों में परेशानी होने लगी। जब उन्होंने अपने पति को फोन किया तो उन्होंने उनका फोन ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और कह दिया कि उन्हें उनसे और उनकी बेटियों से कोई लेना-देना नहीं है और कहा कि वह उन्हें तलाक दे दें और यह घर छोड़कर चली जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एक 2 बीएचके का फ्लैट और बेटियों के लिए 10-10 लाख रुपये मिल जाएंगे। वैजयंती का कहना है कि इसके बाद से उनके पति और सास द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। कभी उनके कमरे की लाइट बंद कर देते हैं, तो कभी पानी बंद कर देते हैं। पति कमरे में आकर गीजर खराब करके चले जाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की गहन जांच कराकर उन्हें और उनकी बेटियों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री के आदेश पर पंतनगर थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज एक्ट की धारा 3, 4 तथा आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुंचाना), 498ए (दहेज के लिए उत्पीड़न), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करना), 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई गणेश दत्त भट्ट को सौंप दी है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद इंस्पेक्टर पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज

पंतनगर  13 मई 2025 (समय बोल रहा) मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त आदेश के बाद पंतनगर पुलिस ने काशीपुर के पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद, उत्तराखंड पुलिस में निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीड़िता वैजयंती चंद की शिकायत…

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काशीपुर 12 मई 2025 (समय बोल रहा ) काशीपुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक पर एक व्यक्ति ने उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है और युवती की तलाश तेज कर दी है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और युवक को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि वह ट्रक चालक का काम करता है और उसकी नाबालिग पुत्री उसके साथ ही रहती है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाला अंकित कश्यप, जो कि दीपक कश्यप उर्फ सईंया का पुत्र है, का उसके घर पर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। पीड़ित पिता ने बताया कि 9 मई 2025 को जब वह काम पर गया हुआ था, तब उसकी पुत्री घर पर अकेली थी। इसी दौरान अंकित कश्यप उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पीड़ित पिता ने अपनी तहरीर में आगे बताया कि उन्हें बाद में सूचना मिली कि अंकित उनकी पुत्री को रामनगर लेकर गया है। सूचना मिलते ही वह और उनके कुछ परिजन तुरंत रामनगर के लिए रवाना हुए। हालांकि, जब वे रामनगर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि अंकित वहां से भी उनकी पुत्री को अपने साथ लेकर फरार हो गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि कुछ लोगों ने उनकी पुत्री और अंकित को आखिरी बार रामनगर बैराज पर एक साथ देखा था। इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही काशीपुर पुलिस हरकत में आ गई। तत्काल प्रभाव से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 (अपहरण) के तहत अंकित कश्यप के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है, जिसे युवती की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है। एसआईटी की टीमें विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही हैं। पुलिस अंकित कश्यप के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि उसके और युवती के वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई जानकारी मिल सके। पुलिस तकनीकी सर्विलांस का भी इस्तेमाल कर रही है ताकि आरोपी के मोबाइल फोन लोकेशन और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी इस मामले में सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को अंकित कश्यप या युवती के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत काशीपुर पुलिस को सूचित करे। पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने काशीपुर क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक नाबालिग लड़की का इस तरह से बहला-फुसलाकर ले जाना न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए चिंता का विषय है। लोग युवती की सुरक्षा और जल्द बरामदगी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और युवती की सकुशल बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। एसपी ने कहा है कि पुलिस की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही युवती को बरामद कर लिया जाएगा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाती है। माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें अनजान लोगों से घुलने-मिलने से बचाने की

युवती को बहला-फुसलाकर ले गया युवक, पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का मामला

काशीपुर 12 मई 2025 (समय बोल रहा ) काशीपुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक पर एक व्यक्ति ने उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है और युवती की…

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नैनीताल 10 मई 2025 (समय बोल रहा) उत्तराखंड सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: 'जीरो टॉलरेंस' नीति का दिखा असर नैनीताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 'जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन' नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सतर्कता विभाग (विजिलेंस) की टीम ने नैनीताल के मुख्य कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा और एकाउंटेंट बसंत कुमार जोशी को ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी शुक्रवार को उस समय हुई, जब दोनों अधिकारी एक कर्मचारी की वार्षिक वेतन वृद्धि (एसीपी) के लिए हस्ताक्षर करने के एवज में गैरकानूनी रूप से धन की मांग कर रहे थे। इस घटना ने राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को एक बार फिर से मजबूती से स्थापित किया है। नैनीताल में भ्रष्टाचार: एसीपी के एवज में रिश्वत की मांग नैनीताल न्यायालय में कार्यरत एक कर्मचारी ने सतर्कता विभाग में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी और उनके पांच अन्य सहयोगियों की एसीपी (वार्षिक वेतन वृद्धि) लंबित है। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी, जिसमें से दो सदस्यों ने पहले ही अपने हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि, मुख्य कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा अनावश्यक रूप

नैनीताल में भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का करारा प्रहार: मुख्य कोषाधिकारी और एकाउंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

नैनीताल 10 मई 2025 (समय बोल रहा) उत्तराखंड सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का दिखा असर नैनीताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सतर्कता विभाग (विजिलेंस) की टीम ने नैनीताल के मुख्य कोषाधिकारी दिनेश…

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काशीपुर में महाराणा प्रताप चौक के फ्लाईओवर के नीचे अस्थायी पार्किंग का होगा निर्माण

काशीपुर ,10 मई 2025, (समय बोल रहा) शहर की यातायात समस्याओं के समाधान की ओर प्रशासन का बड़ा कदम काशीपुर शहर में बढ़ती यातायात समस्याओं और व्यापारियों की लगातार शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महाराणा प्रताप चौक स्थित फ्लाईओवर के नीचे अस्थायी पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। यह पार्किंग…

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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त आदेश के बाद पंतनगर पुलिस ने काशीपुर के पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद, उत्तराखंड पुलिस में निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीड़िता वैजयंती चंद की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाए थे। वैजयंती चंद, जो कि विला नंबर बीटा-2, ओमेक्स रिवेरा कॉलोनी, नैनीताल रोड, रुद्रपुर की निवासी हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका विवाह 18 फरवरी 2019 को मथुरा में आशुतोष कुमार सिंह के साथ हुआ था। आशुतोष कुमार सिंह, जो कि हनुमान गली, रुड़की, जिला हरिद्वार के रहने वाले बिशन लाल के पुत्र हैं, ने शादी के समय वैजयंती को अपनी पहली पत्नी से तलाक होने की जानकारी दी थी। हालांकि, वैजयंती का आरोप है कि आशुतोष ने अपनी दूसरी पत्नी पूनम रानी, निवासी मुजफ्फरनगर, से अपने विवाह और उससे तलाक न होने की बात को छुपाकर उन्हें धोखे में रखा और उनसे शादी कर ली। दो बेटियों के जन्म के बाद उत्पीड़न बढ़ा, दहेज की मांग वैजयंती ने बताया कि शादी के बाद उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों की हर संभव सेवा की और 8 सितंबर 2019 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद उनकी सास शकुंतला देवी उन्हें पुत्र पैदा न करने के लिए ताने देने लगीं। इस बीच, उनके पति का तबादला रुद्रपुर से भवाली (नैनीताल) हो गया, जिसके बाद उनके सास-ससुर भी रुड़की से ओमेक्स में आने-जाने लगे। 6 सितंबर 2021 को वैजयंती ने दूसरी बेटी को जन्म दिया, जिसके बाद उनकी सास का व्यवहार और भी अभद्र और अपमानजनक हो गया। वैजयंती का आरोप है कि उनकी सास उन्हें लगातार कोसती थीं, गाली-गलौज करती थीं और पुत्र न पैदा करने का ताना देती थीं। वह अक्सर कहती थीं कि उनका बेटा तो पुलिस में इंस्पेक्टर है और उन्होंने गलती से उनसे शादी कर ली। सास यह भी कहती थीं कि अगर उनके बेटे की शादी उत्तर प्रदेश में हुई होती तो उन्हें दहेज में 50 लाख रुपये मिलते। वैजयंती ने बताया कि जब उनके पति का तबादला वापस रुद्रपुर हो गया, तो उनके पति और सास दोनों मिलकर उन्हें बात-बात पर कोसने लगे और रोजाना मारपीट कर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करने लगे। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उनके पति का व्यवहार भी बदल गया और वह अक्सर कहते थे कि बेटा होता तो ठीक था, फिर से बेटी पैदा हो गई। वैजयंती का आरोप है कि उनके पति ने शादी के बाद से ही कई बार उनसे अपने पिता से कहकर उनके नाम एक प्लॉट करवाने की मांग की थी। देहरादून में अकेला छोड़ा, दूसरी शादी का खुलासा इसी बीच, उनके पति का तबादला आईटीआई, काशीपुर हो गया। उस समय उनकी छोटी बेटी केवल चार महीने की थी, जब उनके पति ने उनसे कहा कि उन्होंने देहरादून में एक फ्लैट लिया है और उन्हें वहां जाकर रहना चाहिए, जबकि वह अवकाश लेकर उनसे मिलने आते रहेंगे। हालांकि, देहरादून जाने के बाद उनके पति कभी भी उनसे मिलने नहीं आए और वह किसी अन्य महिला से बातचीत करने लगे। जब वैजयंती ने उनके पति का नंबर ढूंढकर उस महिला से बात की और उसे बताया कि वह उनका घर बर्बाद कर रही है, तो उस महिला ने बताया कि वह खुद परेशान है क्योंकि उनके पति (आशुतोष) उन्हें तलाक देने की धमकी दे रहे हैं और उनका व्यवहार भी उनके प्रति बदल गया है। वैजयंती ने बताया कि जब यह बात उनके पति को पता चली तो उन्होंने उनके साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट की और घर का खर्चा देना बंद कर दिया। वह अपने मायके वालों से पैसे लेकर अपना और अपनी बेटियों का भरण-पोषण करती रहीं। करवा चौथ के दिन, वर्ष 2022 में, वह बिना पति को बताए अपनी बेटियों को लेकर आईटीआई काशीपुर आ गईं। उनके पति ने उन्हें और बच्चों को गौतमी होटल में ठहराया, लेकिन शाम को होटल के कमरे में आकर उनसे लड़ाई-झगड़ा करने लगे, कमरे का सारा सामान गिरा दिया और खाना भी फेंक दिया। इसी दौरान वैजयंती को पता चला कि उनके पति ने पूनम रानी नाम की महिला से दूसरी शादी की है, जिससे उनकी एक बेटी भी है। वैजयंती का आरोप है कि उनके पति ने उस पत्नी और बच्चे को भी छोड़ दिया है और बिना उससे तलाक लिए उनके साथ तीसरी शादी की है, और अब वह चौथी शादी करने की तलाश में हैं। जब वैजयंती ने अपने पति से इस बारे में पूछा तो उन्होंने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की और धमकी दी कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो वह उन्हें छोड़ देंगे क्योंकि उन्होंने उन्हें बेटा पैदा करके नहीं दिया और दो-दो बेटियां पैदा कर दी हैं, जबकि उन्हें और उनकी मां को बेटा चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह बेटा पैदा नहीं कर पाएंगी, इसलिए वह चौथी शादी करेंगे। जंगल में जान से मारने की धमकी वैजयंती ने एक और भयावह घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मार्च 2023 में उनके पति अचानक देहरादून आ गए और उनसे कहा कि बेटियों की छुट्टियां हैं तो उनके साथ आईटीआई रहने चलें। वहां उनके पति दिनभर कमरे में सोते रहे और रात 8 बजे वह उन्हें लेकर रुद्रपुर के लिए रवाना हुए। हरिद्वार से आते समय बीच जंगल में उनके पति ने गाड़ी रोक दी और पीछे मुड़कर उन्हें थप्पड़ मारा और कहा कि उन्होंने उन्हें और दूसरी स्त्री को पूरे स्टाफ में बदनाम कर दिया है। इतने में ही उनके पति ने रिवाल्वर निकालकर उनके ऊपर तान दी और कहा कि वह उन्हें मारकर यहीं जंगल में फेंक देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। अचानक उनकी बड़ी बेटी नींद से जाग गई और रोने लगी, तब जाकर उनके पति ने रिवाल्वर वापस रखी और तेजी से गाड़ी चलाकर वह लोग रात करीब 3 बजे आईटीआई पहुंचे। शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न जारी वैजयंती ने बताया कि इसी बीच उनके पति ने विला नंबर बीटा-2, ओमेक्स रिवेरा कॉलोनी में खरीद लिया, जिसके गृह प्रवेश के दिन उनके पति ने उन्हें उनके मायके से फोन कर बुलाया। वह वहां आईं और उस विला के एक मंजिल में अपनी बेटियों के साथ रहने लगीं, जबकि दूसरी मंजिल पर उनके सास-ससुर रहने लगे। उनके पति अपनी पोस्टिंग पर रहने लगे, जबकि उनकी सास लगातार उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करती रहीं, गाली-गलौज करतीं और अमानवीय व्यवहार करती थीं। उनके पति ने घर खर्च देना पूरी तरह से बंद कर दिया। वैजयंती ने बताया कि इस बीच उनकी छोटी बेटी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन उनके पति और सास उसे देखने तक नहीं आए। उन्होंने अस्पताल में अकेले रहकर अपने मायके वालों से पैसे लेकर अपनी बेटी का इलाज कराया। इसके बाद उनकी बड़ी बेटी की आंखों में परेशानी होने लगी। जब उन्होंने अपने पति को फोन किया तो उन्होंने उनका फोन ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और कह दिया कि उन्हें उनसे और उनकी बेटियों से कोई लेना-देना नहीं है और कहा कि वह उन्हें तलाक दे दें और यह घर छोड़कर चली जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एक 2 बीएचके का फ्लैट और बेटियों के लिए 10-10 लाख रुपये मिल जाएंगे। वैजयंती का कहना है कि इसके बाद से उनके पति और सास द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। कभी उनके कमरे की लाइट बंद कर देते हैं, तो कभी पानी बंद कर देते हैं। पति कमरे में आकर गीजर खराब करके चले जाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की गहन जांच कराकर उन्हें और उनकी बेटियों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री के आदेश पर पंतनगर थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज एक्ट की धारा 3, 4 तथा आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुंचाना), 498ए (दहेज के लिए उत्पीड़न), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करना), 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई गणेश दत्त भट्ट को सौंप दी है।

काशीपुर में अवैध रूप से रह रही पाकिस्तानी महिला का पर्दाफाश, पति फारुख हुसैन पर मुकदमा दर्ज

काशीपुर 09 मई 2025 (समय बोल रहा ) उत्तराखंड के काशीपुर क्षेत्र में एक पाकिस्तानी महिला के अवैध रूप से निवास करने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मामले में एलआईयू (स्थानीय अभिसूचना इकाई) सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार की तहरीर पर महिला के पति फारुख हुसैन के खिलाफ विदेशियों विषयक…

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काशीपुर 07 मई 2025 (समय बोल रहा ) देशभर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “वक़्फ सुधार जनजागरण अभियान” के अंतर्गत आज काशीपुर-जसपुर मार्ग स्थित पवार रिसोर्ट में एक भव्य जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्र सरकार, उत्तराखंड सरकार एवं पार्टी के कई शीर्ष नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अजय भट्ट इस विशेष कार्यक्रम में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री माननीय अजय भट्ट जी ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में वक़्फ बोर्डों के प्रबंधन में व्याप्त अनियमितताओं, पारदर्शिता की कमी और संपत्तियों के दुरुपयोग की समस्याओं को रेखांकित किया। राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने भी किया संबोधित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि वक़्फ संपत्तियों का सही उपयोग सामाजिक विकास के लिए होना चाहिए, न कि निजी लाभ या ग़लत कार्यों के लिए। उन्होंने अभियान को देश की एकता और सामाजिक समरसता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। भाजपा के जिला स्तरीय नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में भाजपा के जिला स्तर के वरिष्ठ नेताओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख नेताओं में शामिल थे जिला अध्यक्ष श्री मनोज पाल, जिला प्रभारी श्री पुष्कर काला, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री इंतजार हुसैन, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष हाजी रिज़वान, कार्यक्रम के जिला संयोजक लविश अरोरा, निवर्तमान जिला महामंत्री श्री मोहन बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री सायरा बानो, राजकुमार चौहान, गौरव प्रजापति, विशाल कश्यप, अभिषेक, रवि साहनी, गुरताज भुल्लर, सुरेश लोहिया, अभिषेक सुखीजा, दीपक राणा, गुरप्रीत सिंह, लवकेश प्रजापति, हरप्रीत सिंह। इन सभी नेताओं ने मंच से अपने विचार रखते हुए समाज को जागरूक करने की अपील की और अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। वक़्फ सुधार क्यों है जरूरी? कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि वक़्फ संपत्तियों की संख्या लाखों में है, लेकिन उनका उचित प्रबंधन नहीं होने के कारण समाज को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई मामलों में वक़्फ संपत्तियाँ अवैध कब्जे, भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता का शिकार रही हैं। भाजपा के इस अभियान का उद्देश्य इन संपत्तियों को भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर उनका न्यायोचित उपयोग सुनिश्चित करना है, जिससे विशेषकर गरीब व पिछड़े वर्गों को लाभ मिल सके। कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब पवार रिजॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, व्यापारी वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस अभियान को समर्थन देने का वादा किया। मंच के माध्यम से लोगों को बताया गया कि किस प्रकार वे अपने क्षेत्र में वक़्फ से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कर सकते हैं और उचित जानकारी संबंधित विभागों तक पहुँचा सकते हैं। संकल्प और समापन कार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं एवं उपस्थितजनों ने हाथ उठाकर वक़्फ सुधार अभियान को समर्थन देने और समाज में पारदर्शिता लाने का संकल्प लिया। साथ ही, जनता को इसके प्रति जागरूक करने, सही जानकारी फैलाने और किसी भी प्रकार की ग़लत जानकारी या अफवाहों से बचने का आग्रह किया गया। उत्तराखंड काशीपुर-जसपुर मार्ग पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक राजनीतिक पहल था, बल्कि सामाजिक न्याय, जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत कदम भी सिद्ध हुआ। “वक़्फ सुधार जनजागरण अभियान” आने वाले समय में उत्तराखंड सहित देशभर में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनेगा — ऐसा विश्वास सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने व्यक्त किया।पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री माननीय अजय भट्ट जी ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में वक़्फ बोर्डों के प्रबंधन में व्याप्त अनियमितताओं, पारदर्शिता की कमी और संपत्तियों के दुरुपयोग की समस्याओं को रेखांकित किया। अपने क्षेत्र में वक़्फ से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कर सकते हैं और उचित जानकारी संबंधित विभागों तक पहुँचा सकते हैं।

“वक़्फ सुधार जनजागरण अभियान” के तहत पवार रिसोर्ट में हुआ भव्य कार्यक्रम, अजय भट्ट और कल्पना सैनी सहित कई गणमान्य लोग हुए शामिल

काशीपुर 07 मई 2025 (समय बोल रहा )देशभर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “वक़्फ सुधार जनजागरण अभियान” के अंतर्गत आज काशीपुर-जसपुर मार्ग स्थित पवार रिसोर्ट में एक भव्य जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्र सरकार, उत्तराखंड सरकार एवं पार्टी के कई शीर्ष नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति…

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रुद्रपुर, 06 मई 2025 (समय बोल रहा ): उधमसिंहनगर में अवैध खनन, वन संपदा की लूट और गैरकानूनी परिवहन पर अब शिकंजा कसने वाला है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जिले में इस अवैध गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय सोमवार को जिला समन्वय समिति की एक अहम बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि जनपद में अवैध खनन, वन संपदा की चोरी और नियमों के खिलाफ चल रहे परिवहन पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने पुलिस, प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग को परस्पर समन्वय के साथ सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी धरातल पर कार्य दिखना चाहिए। सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी डीएम भदौरिया ने विशेष रूप से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों पर चिंता जताई और कहा कि इन इलाकों में अवैध खनन और वन संपदा की तस्करी पर निगरानी बढ़ाई जाए। इन क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की नियमित पेट्रोलिंग होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। परगना स्तर पर समन्वयात्मक बैठकें अनिवार्य जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परगना स्तर पर नियमित बैठकें करें और आपसी समन्वय से रणनीति तैयार करें। इसका उद्देश्य यह है कि हर स्तर पर जानकारी और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो और विभागीय तालमेल से कोई भी अवैध गतिविधि न बच सके। सख्त कार्यवाही की चेतावनी बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो अधिकारी इस अभियान में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक संयुक्त प्रयास है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विभागों को चाहिए कि वे अपने स्तर पर डेटा एकत्र करें, गश्त बढ़ाएं और स्थानीय नागरिकों को भी जागरूक करें कि वे अवैध खनन या लकड़ी कटाई जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। वन संपदा और पारिस्थितिकी की रक्षा प्राथमिकता डीएम भदौरिया ने कहा कि जिले की प्राकृतिक धरोहर, जैसे कि जंगल, नदियाँ और पहाड़ी क्षेत्र, हमारी सामूहिक धरोहर हैं और इनकी रक्षा करना प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि वे जंगलों की सैटेलाइट निगरानी शुरू करें और किसी भी अवैध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट प्रशासन को भेजें। बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, प्रभागीय वन अधिकारी हिमांशु बागरी, अपर पुलिस अधीक्षक अभय सिंह, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, मनीष बिष्ट और प्रभारी खनन अधिकारी मनीष कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल रहे। जनता से सहयोग की अपील बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनपद की जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक अवैध माफियाओं की कमर नहीं तोड़ी जा सकती। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना जिला प्रशासन, स्थानीय थाना या वन विभाग को तुरंत दें ताकि त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। इस अवैध गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय सोमवार को जिला समन्वय समिति की एक अहम बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि जनपद में अवैध खनन, वन संपदा की चोरी और नियमों के खिलाफ चल रहे परिवहन पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने पुलिस, प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग को परस्पर समन्वय के साथ सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।

DM का बड़ा एक्शन! उधमसिंहनगर में अवैध खनन और लकड़ी माफियाओं पर टूटेगा कहर, सख्त आदेश जारी

रुद्रपुर, 06 मई 2025 (समय बोल रहा ):उधमसिंहनगर में अवैध खनन, वन संपदा की लूट और गैरकानूनी परिवहन पर अब शिकंजा कसने वाला है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जिले में इस अवैध गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय सोमवार को जिला समन्वय समिति की एक अहम…

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उधमसिंह नगर, 5 मई 2025 (समय बोल रहा ): उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले में चर्चित पूजा मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुश्ताक के सितारगंज स्थित गौरीखेड़ा गांव में बने अवैध मकान को प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी चलवाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नितिन भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के सख्त निर्देश पर की गई। प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई हत्या जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति को दर्शाती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई की अब सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है। अवैध कब्जे पर बना था मकान प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर मुश्ताक और उसके पिता अली अहमद का मकान बना था, वह जमीन अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति मथुरा प्रसाद के नाम पर दर्ज थी। मुश्ताक के पिता अली अहमद ने इस जमीन पर वर्षों पूर्व अवैध कब्जा कर लिया था और वहीं पक्का मकान बना लिया था जिसमें दोनों बाप-बेटा रह रहे थे। प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को लेकर पहले ही अली अहमद को नोटिस जारी किया था, लेकिन अली अहमद ने न तो जवाब दिया और न ही कोई कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया और रविवार सुबह इस मकान को जेसीबी मशीन से ढहा दिया गया। हत्या का वीभत्स मामला गौरतलब है कि यह मामला 2 मई को उस समय सामने आया जब खटीमा के नदन्ना नहर में एक सिर कटी लाश बरामद हुई। जांच में मृतका की पहचान नानकमत्ता की पूजा मंडल के रूप में हुई, जो पिछले पांच महीनों से लापता थी और जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट गुरुग्राम (हरियाणा) में दर्ज थी। पूजा मंडल के हत्यारोपी मुश्ताक को हरियाणा पुलिस की सहायता से उत्तराखंड के सितारगंज से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मुश्ताक और पूजा लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। लेकिन 2 नवंबर 2024 को मुश्ताक ने किच्छा की एक युवती से निकाह कर लिया जिससे पूजा आहत हुई और दोनों के बीच लगातार विवाद बढ़ने लगा। ‘सर तन से जुदा’ की वीभत्स घटना पुलिस के अनुसार, मुश्ताक ने 16 नवंबर 2024 को पूजा को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और एक नृशंस साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी। उसने पूजा का सर धड़ से अलग कर शव को खटीमा के नदन्ना नहर में फेंक दिया। पुलिस ने मुश्ताक की निशानदेही पर पूजा के शव का धड़ बरामद कर लिया है, लेकिन उसका सिर अभी तक नहीं मिल पाया है। गोताखोरों की टीम बीते कई दिनों से नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है। सख्त संदेश: अपराधियों के लिए जगह नहीं प्रशासन द्वारा आरोपी के अवैध मकान पर की गई कार्रवाई को कानून व्यवस्था का कड़ा संदेश माना जा रहा है। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया और एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि अपराध करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि समाज में अपराध के प्रति भय और न्याय के प्रति विश्वास बना रहे। सोशल मीडिया पर समर्थन इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर जमकर समर्थन जताया है। लोगों ने कहा कि इस तरह की ठोस कार्रवाई से कानून का डर अपराधियों में बना रहेगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद भी मजबूत होगी। मुश्ताक की गिरफ्तारी पूजा मंडल हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। आरोपी मुश्ताक की गिरफ्तारी के बाद उसके अवैध मकान को ढहाना इस बात का प्रतीक है कि अपराध और अवैध कार्यों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने आम जनता में भरोसे की भावना को और मजबूत किया है।

पूजा मंडल हत्याकांड: ‘सर तन से जुदा’ करने वाले मुश्ताक का अवैध मकान प्रशासन ने किया जमींदोज

उधमसिंह नगर, 5 मई 2025 (समय बोल रहा ):उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले में चर्चित पूजा मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुश्ताक के सितारगंज स्थित गौरीखेड़ा गांव में बने अवैध मकान को प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी चलवाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नितिन भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा…

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रुद्रपुर, 04 मई 2025 (समय बोल रहा) – मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना ने जानकारी दी है कि खरीफ सीजन 2025 में किसानों को धान की खेती को लेकर पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने बताया कि किसान भाई 1 मई 2025 से धान की नर्सरी लगाना शुरू कर सकते हैं और 1 जून 2025 से धान की रोपाई भी बिना किसी प्रतिबंध के कर सकते हैं। धान फसल के लिए समय पर तैयारी की सलाह मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों से अनुरोध किया कि वे समय से अपनी नर्सरी तैयार करें और उन्नत कृषि विधियों का पालन करें ताकि उत्पादन में वृद्धि हो। अच्छी किस्म के बीज, समय पर रोपाई और संतुलित उर्वरक उपयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: कम प्रीमियम में बड़ा सुरक्षा कवच डॉ. सक्सेना ने बताया कि दैवीय या प्राकृतिक आपदा से होने वाली फसल क्षति की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान ₹792.89 प्रति एकड़ प्रीमियम देकर ₹39644.53 प्रति एकड़ तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से लागू की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए किसान अर्पण कुमार, जिला समन्वयक (मोबाइल: 9536241931) से संपर्क कर सकते हैं। उन्नत किस्मों के बीज पंचायत स्तर पर उपलब्ध जनपद में कृषि विभाग द्वारा स्थापित सभी न्याय पंचायत स्तरीय कृषि निवेश केंद्रों पर धान की उन्नत प्रजातियाँ जैसे – एचकेआर-47, पंत धान-26, पूसा बासमती-1509, पूसा बासमती-1637 उपलब्ध हैं। इसके अलावा उर्द की पीयू-08, 09, 10, 12, मूंग की पंत मूंग-09 और सोयाबीन की पीएस-1368, पीएस-26 जैसी उन्नत किस्में भी किसानों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। कृषि रक्षा रसायन और सूक्ष्म पोषक तत्व भरपूर मात्रा में उपलब्ध सभी कृषि निवेश केंद्रों पर कृषि रक्षा रसायन, कीटनाशक, जैविक उत्पाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे गुणवत्तापूर्ण व मान्यता प्राप्त उत्पादों का ही उपयोग करें। कृषि यंत्रों के लिए समाम योजना के तहत जल्द उपलब्ध होंगे लाभ डॉ. सक्सेना ने बताया कि कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने के इच्छुक किसानों को "समाम योजना" के अंतर्गत जल्द ही लाभ मिल सकता है। भारत सरकार द्वारा मई माह के अंतिम सप्ताह तक कृषि यंत्रों के लक्ष्य प्राप्त होने की संभावना है। यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सक्रिय की जाएगी और चयनित किसानों को सब्सिडी के माध्यम से उन्नत उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जैविक खेती और जल संरक्षण पर जोर मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ-साथ जैविक खेती को अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन और भूमिगत जलस्तर में गिरावट को देखते हुए जल संरक्षण, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और शून्य लागत खेती जैसे उपायों को अपनाने की आवश्यकता है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को दी जा रही तकनीकी सहायता कृषि विभाग द्वारा तकनीकी सहायकों, कृषि पर्यवेक्षकों और वैज्ञानिकों की टीमों को किसानों के गांवों में भेजा जा रहा है ताकि उन्हें बीज चयन, मिट्टी परीक्षण, उर्वरक उपयोग और कीट नियंत्रण के बारे में मार्गदर्शन दिया जा सके। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग कृषि विभाग का उद्देश्य है कि जनपद के हर किसान को समय पर सही जानकारी, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, बीमा सुरक्षा, यंत्र सुविधा और वैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जिससे वर्ष 2025 का खरीफ सीजन उत्पादक और लाभकारी साबित हो।

खरीफ सीजन 2025: 1 मई से धान की नर्सरी और 1 जून से रोपाई की अनुमति, किसान लें योजनाओं का लाभ

रुद्रपुर, 04 मई 2025 (समय बोल रहा) – मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना ने जानकारी दी है कि खरीफ सीजन 2025 में किसानों को धान की खेती को लेकर पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने बताया कि किसान भाई 1 मई 2025 से धान की नर्सरी लगाना शुरू कर सकते हैं और 1 जून…

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रामनगर ,30 अप्रैल 2025 (समय बोल रहा )  — उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में शनिवार दोपहर अवैध खनन को लेकर वन विभाग और खनन माफियाओं के बीच हुई झड़प एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर राज्य में अवैध खनन पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। रामनगर के सुल्तानपुर पट्टी इलाके में हुई इस घटना में वन विभाग की टीम पर तस्करों ने हमला किया और अपने वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वन विभाग को आत्मरक्षा में एक डंपर के टायर पर गोली चलानी पड़ी। अवैध खनन की सूचना पर पहुंची टीम वन विभाग को जानकारी मिली थी कि कुछ वाहन अवैध रूप से नदी से रेती, बजरी और मौरंग (RBM) भरकर बिना रॉयल्टी और वैध दस्तावेजों के ले जा रहे हैं। इस सूचना के बाद तराई पश्चिमी वन प्रभाग के निर्देश पर उप प्रभागीय वनाधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी और वन सुरक्षा बल के साथ एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दो डंपर—UK18CA-6449 और UK08CA-6345—को रोका और जांच शुरू की। दोनों वाहनों के पास खनिज ढुलाई का कोई वैध दस्तावेज नहीं था, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह खनिज तस्करी का मामला है। जब टीम इन डंपरों को जब्त कर बन्नाखेड़ा रेंज परिसर की ओर ला रही थी, तभी स्थिति अचानक से तनावपूर्ण हो गई। स्कॉर्पियो, थार और बाइक सवारों ने किया हमला जैसे ही टीम ग्राम रतनपुरा के पास पहुंची, अचानक एक स्कॉर्पियो, एक थार और कुछ मोटरसाइकिलों पर सवार दर्जनों लोग आए। यह लोग डंपर स्वामी और उनके साथी बताए जा रहे हैं। इन्होंने टीम को घेरकर जबरन डंपर छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान वन विभाग की टीम के साथ हाथापाई भी हुई। तस्करों ने टीम के ऊपर दबाव बनाकर जब्त वाहन को छुड़ाने की कोशिश की। आत्मरक्षा में चली गोली स्थिति बेकाबू होती देख टीम ने तत्काल 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही हालात तनावपूर्ण हो चुके थे। तस्कर किसी भी कीमत पर डंपर छुड़ाना चाहते थे। अंत में मजबूरी में वन विभाग की टीम को डंपर UK18CA-6449 के टायर पर दो राउंड गोली चलानी पड़ी, जिससे वाहन वहीं रुक गया और तस्करों की कोशिश विफल हो गई। डंपर को सुरक्षित रूप से बन्नाखेड़ा रेंज परिसर और दूसरे डंपर UK08CA-6345 को सुल्तानपुर पट्टी पुलिस चौकी में सुरक्षित खड़ा करवा दिया गया। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उप प्रभागीय वनाधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह बिष्ट, वन दरोगा अजय कुमार, वन आरक्षी मनमोहन सिंह, मुराद अली, सुंदर बिष्ट, और वाहन चालक कर रहे थे। सभी ने साहसिक ढंग से तस्करों का सामना किया और डंपर को जब्त करने में सफलता प्राप्त की। राज्य में लगातार बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं यह कोई पहला मामला नहीं है जब वन विभाग की टीम को तस्करों के साथ संघर्ष करना पड़ा हो। उत्तराखंड में अवैध खनन एक बड़ी समस्या बन चुका है। विशेषकर तराई क्षेत्र में यह धंधा संगठित रूप से चलाया जा रहा है। खनन माफिया इतने दुस्साहसी हो चुके हैं कि अब वे सरकारी अधिकारियों और कर्मियों पर हमला करने से भी नहीं हिचकते। हाल ही में उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल जिलों में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां खनन माफियाओं ने वन विभाग की टीम पर हमला किया है या फरार हो गए हैं। यह स्थिति कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। कानून सख्त लेकिन कार्रवाई धीमी उत्तराखंड सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए कई सख्त कानून बनाए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन कानूनों को लागू करने में प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी और राजनीतिक हस्तक्षेप अक्सर रुकावट बन जाते हैं। यही कारण है कि तस्कर बिना डर के खनन करते हैं और अधिकारी जब रोकते हैं तो उल्टा उन्हें ही निशाना बना लेते हैं। जनता और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी इस प्रकार की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि केवल प्रशासन की नहीं, जनता की भी जिम्मेदारी है कि वे अवैध खनन की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें और कार्रवाई में सहयोग करें। साथ ही, सरकार को चाहिए कि वह वन विभाग की टीमों को बेहतर सुरक्षा संसाधन और कानूनी सहायता प्रदान करे ताकि वे बिना डर के अपनी ड्यूटी निभा सकें। खनन माफियाओं की हिम्मत रामनगर की यह घटना उत्तराखंड में खनन माफियाओं की हिम्मत और प्रशासन की चुनौतियों को उजागर करती है। अगर समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई

खनन माफियाओं का दुस्साहस: रामनगर में वन विभाग की टीम पर हमला, फायरिंग कर पकड़ा गया डंपर

रामनगर ,30 अप्रैल 2025 (समय बोल रहा )  — उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में शनिवार दोपहर अवैध खनन को लेकर वन विभाग और खनन माफियाओं के बीच हुई झड़प एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर राज्य में अवैध खनन पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। रामनगर…

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