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79वें संत समागम की सेवाओं का मंगलमय आगाज सेवा बनी समर्पण की साधना हर हृदय से हो सेवा और मानवता का शुभारम्भ – निरंकारी राजपिता रमित जी

काशीपुर 20 सितम्बर, 2026 (समय बोल रहा) विविधताओं से सजे इस संसार में हमारे रूप, भाषाएँ और जीवन-शैलियाँ भले ही अलग हों, किंतु इन बाहरी भिन्नताओं के पीछे बसने वाली चेतना एक ही है। हम सभी इसी परमात्मा की संतान हैं, जिन्हें सतगुरु ने प्रेम के अदृश्य सूत्र में बाँधकर मानवता को एकता का संदेश…

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गढ़ीनेगी नगर पंचायत में 4 सभासद नामित, शासन ने जारी की अधिसूचना

गढ़ीनेगी नगर पंचायत में 4 सभासद नामित, शासन ने जारी की अधिसूचना

गढ़ीनेगी 09 सितंबर 2026 (समय बोल रहा) नगर पंचायत गढ़ीनेगी को लेकर उत्तराखंड शासन की ओर से महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। शहरी विकास अनुभाग-03 द्वारा जारी अधिसूचना के तहत नगर पंचायत गढ़ीनेगी में चार नामित सभासदों की नियुक्ति की गई है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह अधिसूचना जारी की गई है।जारी आदेश…

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रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस का शुभारंभ, रेल मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया उद्घाटन, सांसद अनिल बलूनी रहे मौजूद

रामनगर 18 जुलाई 2026 (समय बोल रहा) ।उत्तराखंड के लिए आज का दिन रेल परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ केंद्रीय रेल मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर रामनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी सहित कई…

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AAP छोड़ राघव चड्ढा BJP में हुए शामिल, मिठाई खिलाकर नितिन नवीन किया गया स्वागत

नई दिल्ली 24 अप्रैल 2026 (समय बोल रहा) आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। बताया जा रहा है कि BJP नेताओं ने उनका स्वागत मिठाई खिलाकर किया। इस घटनाक्रम के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और…

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budget 2026 expectations highlights india inc wants bold reforms from nirmala sitharaman co to fuel next growth cycle

बजट 2026-27: किस सेक्टर को कितना मिला? सरकार का पूरा खर्च प्लान सामने देखे

नई दिल्ली 01 फरवरी 2026 (समय बोल रहा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया है। इस बार का बजट साफ संकेत देता है कि सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं की बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता दी है। आम करदाताओं को टैक्स में बड़ी राहत नहीं…

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UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 2012 के नियम ही रहेंगे लागू

दिल्ली | 29 जनवरी 2026 | समय बोल रहा सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए और विवादित नियमों पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार करते हुए गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि नए नियमों में अस्पष्टता है और उनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी…

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पटना, 13 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – बिहार की राजधानी पटना के पुनपुन प्रखंड में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रभावशाली नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, बल्कि पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल भी पैदा कर दिया है। मृतक की पहचान भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र केवट के रूप में हुई है, जिन्हें बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। दिनदहाड़े वारदात: खेत पर गए थे, घात लगाकर किया हमला यह वारदात उस समय हुई जब सुरेंद्र केवट अपने पुनपुन स्थित खेत पर लगे मोटर को बंद करने के लिए गए थे। यह उनका रोजमर्रा का काम था, जिसकी उन्हें शायद ही कोई आशंका रही होगी। इसी दौरान, एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाश घात लगाकर वहाँ पहुँचे। उन्होंने बिना किसी चेतावनी के सुरेंद्र केवट पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर बड़ी फुर्ती से वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र केवट खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। उन्हें तुरंत स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से इलाज के लिए पटना एम्स ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन शरीर में अधिक खून बह जाने और गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस खबर के मिलते ही, उनके समर्थकों और परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस की जांच शुरू: सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने सुरेंद्र केवट की हत्या के संबंध में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के तनाव या अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए घटनास्थल और उसके आस-पास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा, पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, जो घटना के समय मौजूद थे। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही हमलावरों तक पहुंचा जा सकेगा और उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। आपसी रंजिश या राजनीतिक दुश्मनी: हत्या के पीछे की वजह? सुरेंद्र केवट की हत्या को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में आपसी रंजिश या राजनीतिक दुश्मनी को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। सुरेंद्र केवट का अपने इलाके में सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव काफी मजबूत था। वे भाजपा के एक सक्रिय और लोकप्रिय नेता थे, जिनकी पहुँच जमीनी स्तर तक थी। उनकी यह सक्रियता कुछ लोगों के लिए परेशानी का सबब हो सकती थी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पंचायत या अन्य स्थानीय चुनावों में किसी तरह की प्रतिद्वंदिता इस जघन्य अपराध की वजह हो सकती है। वहीं, कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि यह मामला किसी पुराने विवाद या आपसी दुश्मनी का परिणाम हो सकता है। पुलिस दोनों ही पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों को जुटा रही है। भाजपा में आक्रोश: प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग सुरेंद्र केवट की हत्या की खबर मिलते ही भाजपा के स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेताओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस वारदात को लेकर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। पार्टी के कई बड़े नेताओं ने इस हत्या की निंदा की है और इसे बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक और उदाहरण बताया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ऐसे नेता की हत्या जो अपने खेत पर काम करने गया था, यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया है। इलाके में भय का माहौल, सुरक्षा पर गहराया संकट सुरेंद्र केवट जैसे एक प्रभावशाली और जाने-माने व्यक्ति की हत्या से पूरे पुनपुन प्रखंड में भय का माहौल बना हुआ है। लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और उनमें सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है। यह घटना आम लोगों के मन में यह सवाल खड़ा करती है कि जब एक राजनीतिक नेता दिनदहाड़े सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की क्या स्थिति होगी? फिलहाल, पुलिस की टीमें इस मामले की जांच में जुटी हुई हैं और उम्मीद है कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक सुरेंद्र केवट के परिवार, भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता के मन में यह आशंका बनी रहेगी कि इस हत्या के पीछे का सच क्या है और क्या यह एक सोची-समझी साजिश थी। यह घटना बिहार की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है, जिसका समाधान प्रशासन को जल्द से जल्द करना होगा।

सनसनी: भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या! जांच में आपसी रंजिश’ और ‘राजनीतिक दुश्मनी’ की आशंका, आरोपियों की तलाश तेज

पटना, 13 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – बिहार की राजधानी पटना के पुनपुन प्रखंड में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रभावशाली नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, बल्कि…

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देहरादून, 30 मई, 2025 ( समय बोल रहा )- अंकिता भंडारी हत्याकांड में अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे न्याय की बड़ी जीत बताया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी, मनवीर सिंह चौहान ने दोषियों को मिली सज़ा को सुखद और संतोषजनक करार देते हुए कहा कि यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक सबक है, जो इस दुखद मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने विपक्षी कांग्रेस की प्रतिक्रिया को दुर्भाग्यपूर्ण और विशुद्ध रूप से राजनीति से प्रेरित बताया, और जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने लगातार जांच एजेंसियों की ईमानदारी पर सवाल उठाए थे, उन्हें अब अदालत के इस स्पष्ट और निर्णायक फैसले का सम्मान करना चाहिए। श्री चौहान ने इस बात पर विशेष बल दिया कि अदालत ने अपने निर्णय में तथ्यों और पुख्ता सबूतों को आधार बनाया है। उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी भूमिका शुरू से ही दुष्प्रचार फैलाने और ओछी राजनीति करने की रही है, जो अब सबके सामने उजागर हो चुकी है। कांग्रेस लगातार अंकिता मामले में "लचर पैरवी" का आरोप लगाती रही, लेकिन अदालत का यह फैसला उनकी उन सभी मनगढ़ंत आशंकाओं और दुष्प्रचार को निरर्थक साबित कर गया है। श्री चौहान ने कहा, "आखिरकार, न्याय मिला है, और यही सबसे महत्वपूर्ण है।" उन्होंने अंकिता के नाम पर निकाली गईं तमाम "राजनीतिक यात्राओं" पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं का मूल उद्देश्य अंकिता को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि राजनीतिक तुष्टि और लाभ प्राप्त करना था, और इस फैसले के बाद उनकी यह कुत्सित मंशा पूरी नहीं हो पाई है। जांच एजेंसियों की भूमिका और कांग्रेस का दोहरा मापदंड श्री चौहान ने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड प्रदेश की बेटी थी। उनके परिजनों के दुख में समस्त देवभूमिवासी शामिल थे। उन्होंने जांच एजेंसियों की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दोषियों को कटघरे में खड़ा करने के लिए हर संभव साक्ष्य एकत्रित किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब जांच एजेंसियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ साक्ष्य जुटाने और मामले की गहन विवेचना कर रही थीं, तब कांग्रेस सहित कुछ अन्य दल जानबूझकर "नई थ्योरी" सामने लाने की साजिश रच रहे थे और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहे थे। कांग्रेस के दोहरे रवैये पर श्री चौहान ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "यह विडंबना है कि कांग्रेस एक तरफ अंकिता के हत्यारों को मिली सज़ा को 'संतोषजनक' बता रही है, और दूसरी तरफ उसी फैसले पर सवाल भी उठा रही है।" उन्होंने याद दिलाया कि जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की गहन और विस्तृत जांच के दौरान कोई भी ऐसी बात सामने नहीं आई, जो कांग्रेस के दुष्प्रचार को बल देती हो। उनका सारा खेल केवल "दुष्प्रचार" तक ही सीमित रहा और सच्चाई से कोसों दूर था। मुख्यमंत्री धामी का सक्रिय सहयोग और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान श्री चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने इस मुद्दे पर शुरुआत से ही बारीकी से नज़र रखी और जांच एजेंसियों को पूरी तरह से स्वतंत्रता (फ्री हैंड) दी, ताकि जांच में कोई भी बाधा न आए और पूरी पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पूर्व में न्यायालय भी जांच एजेंसियों के कार्य की सराहना कर चुका है, जो उनकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता का अकाट्य प्रमाण है। श्री चौहान ने बताया कि पैरवी के दौरान, अंकिता के परिजनों की राय और उनकी मांगों का पूरा सम्मान रखा गया, यह सुनिश्चित करते हुए कि न्याय की प्रक्रिया में उनकी भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिजन इस फैसले को संतोषजनक बता रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को अपने राजनीतिक स्वार्थवश यह न्याय "हज़म" नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस की अवसरवादिता और जनता का जवाब भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कांग्रेस पर राजनीतिक अवसरवादिता का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस की इस अवसरवादिता का जनता सही समय पर जवाब देगी।" उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस का वास्तविक ध्येय अंकिता को न्याय दिलाना कभी नहीं रहा, बल्कि उनका एकमात्र उद्देश्य इस दुखद घटना पर राजनीति करना था। यह फैसला, भाजपा के अनुसार, न केवल अंकिता को न्याय दिलाता है, बल्कि उन सभी राजनीतिक साजिशों और पैंतरेबाज़ियों को भी बेनकाब करता है, जो इस दुखद समय का लाभ उठाने का प्रयास कर रहे थे। भाजपा का दृढ़ विश्वास है कि यह फैसला सच्चाई और न्याय की जीत का प्रतीक है, और यह हमारी न्याय प्रणाली की अखंडता और ईमानदारी को दर्शाता है, भले ही कुछ लोग इसे अपने राजनीतिक लाभ के लिए बदनाम करने की कोशिश करें।

अंकिता हत्याकांड: कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, न्याय की जीत

देहरादून, 30 मई, 2025 ( समय बोल रहा )- अंकिता भंडारी हत्याकांड में अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे न्याय की बड़ी जीत बताया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी, मनवीर सिंह चौहान ने दोषियों को मिली सज़ा को सुखद और संतोषजनक करार देते हुए कहा कि यह फैसला…

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नई दिल्ली, 26 मई 2025 ( समय बोल रहा ): भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक पटल पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। नवीनतम आंकड़ों और आर्थिक विश्लेषणों के अनुसार, भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जो इसकी बढ़ती आर्थिक ताकत, लचीलेपन और वैश्विक व्यापार में लगातार मजबूत होती भूमिका का एक स्पष्ट प्रमाण है। यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर न केवल देश के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह भविष्य में एक अग्रणी आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरने की इसकी प्रबल क्षमता को भी रेखांकित करता है। यह उपलब्धि भारत के आर्थिक सुधारों और दूरदर्शी नीतियों का सीधा परिणाम है, जिसने देश को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद लगातार प्रगति करने में सक्षम बनाया है। अभूतपूर्व आर्थिक विस्तार: एक दशक की ऐतिहासिक छलांग पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वास्तव में अभूतपूर्व गति से विकास किया है, जिसने विश्व को आश्चर्यचकित किया है। एक दशक से भी पहले, भारत अभी भी शीर्ष दस अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन आज यह कई स्थापित और विकसित देशों को पीछे छोड़ते हुए चौथे स्थान पर आ गया है। इस तीव्र और टिकाऊ विकास दर ने वैश्विक आर्थिक विश्लेषकों, प्रमुख वित्तीय संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का ध्यान समान रूप से भारत की ओर आकर्षित किया है। वे अब भारत को निवेश, व्यापार और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए एक अत्यंत आकर्षक और विश्वसनीय गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। यह विकास दर न केवल संख्यात्मक है, बल्कि यह एक अरब से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी ला रही है। भारत की आर्थिक सफलता के आधार स्तंभ: प्रमुख कारक भारत की इस असाधारण आर्थिक सफलता के पीछे कई परस्पर जुड़े हुए और महत्वपूर्ण कारकों का योगदान रहा है, जिन्होंने मिलकर एक मजबूत नींव तैयार की है: व्यापक आर्थिक सुधार: केंद्र सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में किए गए साहसिक और दूरगामी संरचनात्मक सुधारों ने अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) का सफल कार्यान्वयन, जिसने पूरे देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली बनाई, व्यापार की जटिलताओं को कम किया है। दिवालियापन संहिता (IBC) ने बैंकों के फंसे हुए कर्जों की वसूली में मदद की है और व्यापारिक दिवालियापन के मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया है। इसके अतिरिक्त, रक्षा, रेलवे, कोयला खनन और बीमा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों का लगातार सरलीकरण किया गया है, जिससे विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ा है और निवेश के लिए एक अत्यधिक अनुकूल माहौल बना है। डिजिटल क्रांति और समावेशन: 'डिजिटल इंडिया' जैसी महत्वाकांक्षी पहल ने देश में एक अभूतपूर्व डिजिटल क्रांति ला दी है। यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल भुगतान प्रणालियों ने वित्तीय लेनदेन को अत्यधिक सुगम और पारदर्शी बनाया है, जिससे वित्तीय समावेशन बढ़ा है। ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आई है और सरकारी सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच बढ़ी है। यह डिजिटलीकरण अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में दक्षता और पारदर्शिता ला रहा है। बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास: सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे के विकास पर लगातार और भारी निवेश किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे नेटवर्क, आधुनिक बंदरगाहों और नए हवाई अड्डों का तेजी से निर्माण हुआ है। इस बुनियादी ढांचे के विकास ने न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है, बल्कि वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन की लागत को भी कम किया है, जिससे भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बन रहे हैं। मजबूत घरेलू मांग का आधार: भारत की विशाल और बढ़ती आबादी, साथ ही मध्यम वर्ग की बढ़ती क्रय शक्ति, ने एक मजबूत और स्थिर घरेलू मांग को बनाए रखा है। यह घरेलू मांग वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बाहरी झटकों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास को लगातार गति प्रदान कर रही है, जिससे यह वैश्विक मंदी के प्रभावों से अपेक्षाकृत सुरक्षित रही है। विनिर्माण और निर्यात प्रोत्साहन: 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी प्रमुख पहलों ने घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को एक बड़ा प्रोत्साहन दिया है। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं ने विभिन्न उद्योगों में निवेश आकर्षित किया है और उत्पादन क्षमता को बढ़ाया है। इन प्रयासों से न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम हुई है, बल्कि इसके निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की हिस्सेदारी और महत्व बढ़ा है। वैश्विक मंच पर बढ़ती साख और प्रभाव दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का उदय वैश्विक मंच पर इसकी साख और प्रभाव को कई गुना बढ़ा रहा है। यह उपलब्धि भारत को विभिन्न महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंचों और बहुपक्षीय संगठनों, जैसे G20, ब्रिक्स (BRICS), विश्व व्यापार संगठन (WTO) और संयुक्त राष्ट्र में एक मजबूत और अधिक मुखर आवाज़ प्रदान करेगी। भारत अब वैश्विक आर्थिक नीतियों, व्यापार नियमों और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों को आकार देने में अधिक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली भूमिका निभा सकेगा। यह बढ़ी हुई साख निश्चित रूप से विदेशी निवेशकों के लिए भारत को और भी आकर्षक बनाती है, जिससे देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निवेश बढ़ेगा और रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित होंगे। चुनौतियाँ और आगे का रास्ता: सतत विकास की राह हालांकि, इस शानदार आर्थिक उपलब्धि के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं, जिन पर भारत को निरंतर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। इनमें प्रति व्यक्ति आय को और अधिक बढ़ाना, आय और संपत्ति की असमानता को कम करना, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार करना, और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं, भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार संरक्षणवाद और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधान जैसी बाहरी चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकांश आर्थिक विशेषज्ञ भारत के दीर्घकालिक आर्थिक भविष्य को लेकर अत्यधिक आशावादी हैं। सरकार की दूरदर्शी नीतियां, भारत की युवा और कार्यशील आबादी का जनसांख्यिकीय लाभ, और तकनीकी नवाचार तथा अनुसंधान एवं विकास के प्रति बढ़ता रुझान भारत को आने वाले दशकों में एक निर्विवाद वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। 'अमृत काल' के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ, भारत एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना इस लंबी और महत्वपूर्ण यात्रा में एक मील का पत्थर है, जो देश को अगले स्तर पर ले जाने के लिए प्रेरित करेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को और अधिक मजबूत करेगा।

भारत ने रचा इतिहास: दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर!

नई दिल्ली, 26 मई 2025 ( समय बोल रहा ): भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक पटल पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। नवीनतम आंकड़ों और आर्थिक विश्लेषणों के अनुसार, भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जो इसकी बढ़ती आर्थिक ताकत, लचीलेपन और वैश्विक व्यापार में लगातार मजबूत होती भूमिका…

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नई दिल्ली, 11 मई 2025  (समय बोल रहा) पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर में किए गए कायराना सीजफायर उल्लंघन पर भारत ने कठोर प्रत्युत्तर दिया है। उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के बाद, भारत सरकार ने सीमा पर जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज करने और पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव बनाने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए हैं|'ऑपरेशन सिंदूर' जारी रहेगा, जिसके तहत पाकिस्तानी सेना को उसकी हरकतों का प्रभावी जवाब दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारत ने अपने हवाई क्षेत्र को पाकिस्तानी एयरलाइन के किसी भी विमान के आवागमन के लिए तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। 'ऑपरेशन सिंदूर': सीमा पर पाकिस्तान को मिलेगा करारा जवाब पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी सेक्टरों में अकारण गोलीबारी और मोर्टार हमलों के बाद, प्रधानमंत्री कार्यालय में एक आपातकालीन उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित शीर्ष सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने भाग लिया। गहन विचार-विमर्श के बाद, भारत ने पाकिस्तान को उसकी उकसावे वाली कार्रवाई का करारा जवाब देने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की। बैठक के निष्कर्षों की जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को तत्काल प्रभाव से जारी रखने का निर्णय लिया है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य सीमा पर पाकिस्तान की किसी भी दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को निगरानी बढ़ाने, गश्त तेज करने और किसी भी शत्रुता का प्रभावी प्रत्युत्तर देने का पूर्ण अधिकार दिया गया है। आवश्यकतानुसार सीमा पर अतिरिक्त सैन्य बलों और उन्नत हथियारों की तैनाती भी हो सकती है। आसमान भी सील: पाकिस्तानी विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद पाकिस्तान के खिलाफ एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने अपने संपूर्ण हवाई क्षेत्र को पाकिस्तानी एयरलाइन के किसी भी विमान के लिए तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इस कठोर निर्णय का उद्देश्य पाकिस्तान पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पाकिस्तान की किसी भी उड़ान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने या उतरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले से पाकिस्तानी एयरलाइनों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे और महंगे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा, जिससे परिचालन लागत बढ़ेगी और यात्रियों को असुविधा होगी। भारत का यह कदम ICAO नियमों के अनुरूप है। भारतीय अधिकारियों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान को उसकी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों का स्पष्ट संदेश देगा। देशव्यापी समर्थन: पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट भारत भारत सरकार के इन कड़े कदमों को पूरे देश में व्यापक समर्थन मिल रहा है। राजनीतिक दलों और आम नागरिकों ने पाकिस्तान की इस हरकत की निंदा की है और सरकार के प्रत्युत्तर का समर्थन किया है। लोगों का मानना है कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों का सबक सिखाना जरूरी है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर नजर भारत सरकार ने इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाने का फैसला किया है। विभिन्न देशों के राजनयिकों को घटनाक्रम से अवगत कराया जा रहा है और पाकिस्तान पर शांति बनाए रखने के लिए दबाव बनाने की अपील की जा रही है। पाकिस्तान को मिलेगा गद्दारी का जवाब पाकिस्तान के बार-बार

पाकिस्तान की नापाक हरकत का करारा जवाब: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी, भारतीय हवाई क्षेत्र पाकिस्तानी विमानों के लिए बंद

नई दिल्ली, 11 मई 2025  (समय बोल रहा) पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर में किए गए कायराना सीजफायर उल्लंघन पर भारत ने कठोर प्रत्युत्तर दिया है। उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के बाद, भारत सरकार ने सीमा पर जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज करने और पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव बनाने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए हैं|‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी रहेगा,…

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