उधम सिंह नगर में जल संरक्षण पर मंथन, काशीपुर-जसपुर के भू-जल संकट से निपटने की बनी रणनीति
रुद्रपुर 23 जुलाई 2026 (समय बोल रहा)
स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन अथॉरिटी (SARRA) के तत्वावधान में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन विषय पर जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत लघु सिंचाई विभाग परिसर में वृक्षारोपण के साथ हुई।

कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उधम सिंह नगर के जसपुर और काशीपुर विकासखंड अर्द्ध-क्रिटिकल (Semi-Critical) भू-जल क्षेत्र में शामिल हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण और पुनर्भरण के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
साथ ही विशेषज्ञों से प्रस्तावित भू-जल पुनर्भरण संरचनाओं पर सुझाव भी मांगे गए।कार्यक्रम के दौरान लघु सिंचाई विभाग के सदस्य सचिव एवं अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। वहीं विक्रांत सिंह भंडारी ने फीका नदी में प्रस्तावित कार्यों पर पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया।कार्यशाला में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर ए.एस. मौर्य ने भू-जल पुनर्भरण की आधुनिक तकनीकों पर जानकारी दी।
सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के वैज्ञानिक मो. अरशद ने काशीपुर और जसपुर में प्राथमिकता के आधार पर भू-जल संरक्षण कार्यों पर जोर दिया। वहीं जलागम प्रबंधन निदेशालय के जियोहाइड्रोलॉजिस्ट शिवेंद्र प्रताप सिंह और सामाजिक विशेषज्ञ गीता रावत ने तकनीकी पहलुओं एवं जनसहभागिता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, आईआईटी रुड़की, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड, जलागम प्रबंधन निदेशालय के विशेषज्ञ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

