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बन्नाखेड़ा, 25 जुलाई 2025 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड के ग्राम बन्नाखेड़ा में गुरुवार देर रात चोरों की अफवाह और आसमान में एक ड्रोन दिखने की घटना ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली। गांव में फैली अफवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए थे, तभी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने भीड़ के बीच से गुजरते हुए सोरन कश्यप नामक युवक को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में सोरन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद शुक्रवार को सोरन की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया, आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी और उस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही थी। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। रात के सन्नाटे में फैली अफवाह, सड़क पर उमड़ा जनसैलाब घटना गुरुवार देर रात की है, जब ग्राम बन्नाखेड़ा का शांत माहौल अचानक एक अफवाह से गरमा गया। गांव में किसी ने आसमान में एक ड्रोन दिखने की बात फैलाई, और इसके साथ ही चोरों के गांव में घुसने की अफवाह भी तेजी से फैल गई। यह अफवाह आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। अपने घरों की सुरक्षा और चोरों को पकड़ने की नियत से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे अपने घरों से बाहर निकलकर सड़क किनारे जमा हो गए। सभी की निगाहें ड्रोन और चोरों की तलाश में थीं, और वे एक-दूसरे से घटनाक्रम को लेकर बात कर रहे थे। इसी दौरान, बन्नाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय सोरन कश्यप पुत्र कन्हई भी अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ सड़क पर आ गए थे। उन्हें भी गांव की सुरक्षा की चिंता थी और वे अन्य लोगों के साथ मिलकर स्थिति को समझने का प्रयास कर रहे थे। तेज रफ्तार कार ने ली सोरन की जान, हादसा या लापरवाही? ग्रामीणों के सड़क पर जमा होने के इसी नाजुक पल में, एक तेज गति से आती कार ने ग्रामीणों के बीच से निकलने का प्रयास किया। सड़क पर भीड़ और रात के अंधेरे में, कार चालक ने शायद नियंत्रण खो दिया या भीड़ को नजरअंदाज किया, और सीधे 25 वर्षीय सोरन कश्यप को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोरन हवा में उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर हड़कंप मच गया। लोग चोरों की अफवाह को भूलकर सोरन की ओर दौड़े। पुलिस को तत्काल सूचना दी गई, और लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल सोरन को तुरंत उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने सोरन कश्यप को मृत घोषित कर दिया। उनकी असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। पहली बार हंगामा और पुलिस का हस्तक्षेप सोरन कश्यप की मौत की खबर सुनते ही उनके परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वे आरोपी कार चालक पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए मोर्चा संभाला और परिजनों व ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। न्याय की मांग पर शव रखकर फिर हुआ प्रदर्शन हालांकि, पुलिस के आश्वासन के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शुक्रवार को, जब सोरन कश्यप का अंतिम संस्कार किया जाना था, परिजनों और ग्रामीणों ने एक बार फिर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सोरन के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग स्पष्ट थी: जब तक आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा और उसे पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का भरसक प्रयास किया। इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक बाजपुर, प्रवीण कोश्यारी, ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर वे तहरीर देते हैं, तो आरोपी के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद, परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का कारण बनने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद ही परिजनों ने आक्रोशित मन से सोरन कश्यप का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की तलाश जारी, क्षेत्र में भय का माहौल प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी ने मीडिया को बताया कि "सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। परिजन आरोपी वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोश दिखा रहे थे। तहरीर के बाद पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है और उसकी तलाश की जा रही है।" पुलिस टीमें आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह घटना ग्राम बन्नाखेड़ा में चोरों की अफवाह और ड्रोन के कारण सड़क पर भीड़ जमा होने के अप्रत्याशित परिणाम को दर्शाती है। सोरन कश्यप की दुखद मौत ने न केवल उनके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे गांव में शोक और भय का माहौल भी पैदा कर दिया है। यह घटना अफवाहों के प्रसार और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करती है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

उत्तराखंड: चोर की अफवाह ने ली युवक की जान, अनियंत्रित कार ने सड़क पर भीड़ के बीच युवक को रौंदा; परिजनों का हंगामा

बन्नाखेड़ा, 25 जुलाई 2025 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड के ग्राम बन्नाखेड़ा में गुरुवार देर रात चोरों की अफवाह और आसमान में एक ड्रोन दिखने की घटना ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली। गांव में फैली अफवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए थे, तभी एक तेज…

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जसपुर, 24 जुलाई – (समय बोल रहा) – उत्तराखंड में खेलों के प्रति बदल रही सामाजिक सोच और युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल आज जसपुर में देखने को मिली। उधम सिंह नगर के जसपुर स्थित प्रतिष्ठित ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी में सीबीएसई नॉर्थ जोन क्रिकेट कंपटीशन का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसका उद्घाटन स्वयं प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया। इस विशाल प्रतियोगिता में देश के उत्तरी क्षेत्र से 2000 से अधिक युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए हैं। खेल मंत्री ने इस अवसर पर न केवल प्रतियोगिता का आगाज किया, बल्कि खेल और खिलाड़ियों के प्रति समाज की बदलती धारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। महानगरों जैसी चमक जसपुर के खेल मैदान पर ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी का परिसर आज सुबह से ही खिलाड़ियों, आयोजकों, शिक्षकों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की भीड़ से गुलजार था। रंग-बिरंगे झंडों और उत्साहपूर्ण नारों के बीच एक उत्सव का माहौल था। खेल मंत्री रेखा आर्या के आगमन पर खिलाड़ियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद क्रिकेट के इस महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ हुआ। खेल मंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से क्रिकेट पिच पर बल्ला घुमाकर या गेंद को हवा में उछालकर प्रतियोगिता के आगाज की घोषणा की, जिससे युवा खिलाड़ियों में जोश भर गया। यह प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने का एक बड़ा प्रयास है, जो खेल प्रतिभाओं को निखारने का अवसर प्रदान करेगा। खेल मंत्री रेखा आर्या का प्रेरणादायी संबोधन: 'खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, करियर भी है' अपने संबोधन में खेल मंत्री रेखा आर्या ने खेल और खिलाड़ियों के प्रति समाज में आए क्रांतिकारी बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि "बीते एक दशक में, देश और प्रदेश में खेलों और खिलाड़ियों को देखने का नजरिया पूरी तरह से बदल गया है। एक समय था जब खेल को केवल मनोरंजन या शारीरिक गतिविधि का एक साधन मात्र समझा जाता था। माता-पिता भी अपने बच्चों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करते थे और खेल को करियर के रूप में शायद ही कभी सोचा जाता था।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन आज स्थिति पूरी तरह भिन्न है। अब युवा खेल में अपनी असाधारण प्रतिभा दिखाकर न केवल अपने भविष्य को संवार रहे हैं, बल्कि देश और प्रदेश का नाम भी रोशन कर रहे हैं।" मंत्री ने इस बदलाव का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, सरकार की नीतियों और खेल के प्रति बढ़ती जागरूकता को दिया। उन्होंने गर्व से कहा कि "हमारी प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को हर संभव बढ़ावा देने में हमेशा अग्रणी रही है। हमने राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया है, ताकि उन्हें भविष्य की चिंता न रहे और वे पूरी तरह से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।" यह नीति युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है, जिसने हजारों युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित किया है। 'स्टेडियम की मांग समाज की बदलती सोच का प्रतीक' खेल मंत्री रेखा आर्या ने समाज की सोच में आए इस परिवर्तन का एक और महत्वपूर्ण पहलू उजागर किया। उन्होंने कहा कि "पहले, जब वह जनता के बीच जाती थीं, तो लोगों की मुख्य मांगें सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं होती थीं। ये आवश्यक भी थीं और आज भी हैं।" लेकिन, उन्होंने जोड़ा, "यह समाज की सोच में आया एक बड़ा बदलाव ही है कि अब हर जगह से स्टेडियम और खेल मैदान बनाए जाने की मांग उठने लगी है। लोग अपने बच्चों के लिए बेहतर खेल सुविधाएं चाहते हैं, ताकि वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें।" यह बात दर्शाती है कि समाज अब शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ खेलों को भी बच्चों के सर्वांगीण विकास का एक अनिवार्य हिस्सा मान रहा है। यह एक सकारात्मक संकेत है जो राज्य में एक मजबूत खेल संस्कृति के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इन मांगों को गंभीरता से ले रही है और खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रही है। 2000 से अधिक खिलाड़ी, भविष्य की उम्मीदें सीबीएसई नॉर्थ जोन क्रिकेट कंपटीशन में 2000 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि युवा पीढ़ी खेलों को लेकर कितनी गंभीर है। यह प्रतियोगिता इन युवा प्रतिभाओं को न केवल अपनी कौशल दिखाने का अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में भी मदद करेगी। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान करते हैं, जिससे उनका खेल निखरता है और वे बड़े टूर्नामेंटों के लिए तैयार होते हैं। यह मंच उन्हें खेल भावना, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण गुणों को विकसित करने में भी सहायता करता है। स्थानीय नेताओं की उपस्थिति और समर्थन इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई स्थानीय और क्षेत्रीय भाजपा नेता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इनमें काशीपुर भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल, पूर्व विधायक डॉ शैलेंद्र मोहन सिंघल, काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, सुनील कंबोज, सुमित कंबोज, मधु शर्मा, पुष्कर काला, राजकुमार चौहान आदि प्रमुख थे। इन नेताओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व खेलों और युवा विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें खेल के मैदान पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कुल मिलाकर, जसपुर में सीबीएसई नॉर्थ जोन क्रिकेट कंपटीशन का यह शुभारंभ उत्तराखंड में खेलों के एक नए युग का प्रतीक है। खेल मंत्री रेखा आर्या के शब्दों ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार और समाज दोनों ही अब खेलों को केवल मनोरंजन से कहीं बढ़कर, एक गंभीर करियर विकल्प और सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण आयाम के रूप में देख रहे हैं। यह निश्चित रूप से राज्य में खेल प्रतिभाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।

उत्तराखंड: जसपुर में खेलों को लेकर बदल रही समाज की सोच, खेल मंत्री रेखा आर्या ने CBSE नॉर्थ जोन क्रिकेट प्रतियोगिता का किया भव्य शुभारंभ

जसपुर, 24 जुलाई – (समय बोल रहा) – उत्तराखंड में खेलों के प्रति बदल रही सामाजिक सोच और युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल आज जसपुर में देखने को मिली। उधम सिंह नगर के जसपुर स्थित प्रतिष्ठित ब्राइट स्टार्ट इंटरनेशनल एकेडमी में सीबीएसई नॉर्थ जोन क्रिकेट कंपटीशन का…

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बन्नाखेड़ा, 25 जुलाई 2025 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड के ग्राम बन्नाखेड़ा में गुरुवार देर रात चोरों की अफवाह और आसमान में एक ड्रोन दिखने की घटना ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली। गांव में फैली अफवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए थे, तभी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने भीड़ के बीच से गुजरते हुए सोरन कश्यप नामक युवक को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में सोरन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद शुक्रवार को सोरन की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया, आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी और उस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही थी। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। रात के सन्नाटे में फैली अफवाह, सड़क पर उमड़ा जनसैलाब घटना गुरुवार देर रात की है, जब ग्राम बन्नाखेड़ा का शांत माहौल अचानक एक अफवाह से गरमा गया। गांव में किसी ने आसमान में एक ड्रोन दिखने की बात फैलाई, और इसके साथ ही चोरों के गांव में घुसने की अफवाह भी तेजी से फैल गई। यह अफवाह आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। अपने घरों की सुरक्षा और चोरों को पकड़ने की नियत से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे अपने घरों से बाहर निकलकर सड़क किनारे जमा हो गए। सभी की निगाहें ड्रोन और चोरों की तलाश में थीं, और वे एक-दूसरे से घटनाक्रम को लेकर बात कर रहे थे। इसी दौरान, बन्नाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय सोरन कश्यप पुत्र कन्हई भी अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ सड़क पर आ गए थे। उन्हें भी गांव की सुरक्षा की चिंता थी और वे अन्य लोगों के साथ मिलकर स्थिति को समझने का प्रयास कर रहे थे। तेज रफ्तार कार ने ली सोरन की जान, हादसा या लापरवाही? ग्रामीणों के सड़क पर जमा होने के इसी नाजुक पल में, एक तेज गति से आती कार ने ग्रामीणों के बीच से निकलने का प्रयास किया। सड़क पर भीड़ और रात के अंधेरे में, कार चालक ने शायद नियंत्रण खो दिया या भीड़ को नजरअंदाज किया, और सीधे 25 वर्षीय सोरन कश्यप को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोरन हवा में उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर हड़कंप मच गया। लोग चोरों की अफवाह को भूलकर सोरन की ओर दौड़े। पुलिस को तत्काल सूचना दी गई, और लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल सोरन को तुरंत उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने सोरन कश्यप को मृत घोषित कर दिया। उनकी असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। पहली बार हंगामा और पुलिस का हस्तक्षेप सोरन कश्यप की मौत की खबर सुनते ही उनके परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वे आरोपी कार चालक पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए मोर्चा संभाला और परिजनों व ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। न्याय की मांग पर शव रखकर फिर हुआ प्रदर्शन हालांकि, पुलिस के आश्वासन के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शुक्रवार को, जब सोरन कश्यप का अंतिम संस्कार किया जाना था, परिजनों और ग्रामीणों ने एक बार फिर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सोरन के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग स्पष्ट थी: जब तक आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा और उसे पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का भरसक प्रयास किया। इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक बाजपुर, प्रवीण कोश्यारी, ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर वे तहरीर देते हैं, तो आरोपी के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद, परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का कारण बनने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद ही परिजनों ने आक्रोशित मन से सोरन कश्यप का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की तलाश जारी, क्षेत्र में भय का माहौल प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी ने मीडिया को बताया कि "सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। परिजन आरोपी वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोश दिखा रहे थे। तहरीर के बाद पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है और उसकी तलाश की जा रही है।" पुलिस टीमें आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह घटना ग्राम बन्नाखेड़ा में चोरों की अफवाह और ड्रोन के कारण सड़क पर भीड़ जमा होने के अप्रत्याशित परिणाम को दर्शाती है। सोरन कश्यप की दुखद मौत ने न केवल उनके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे गांव में शोक और भय का माहौल भी पैदा कर दिया है। यह घटना अफवाहों के प्रसार और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करती है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

रामनगर: गर्जिया में भीषण सड़क हादसा, स्कूली बच्चों को ले जा रहे टेम्पो को कार ने मारी टक्कर; 8 बच्चे समेत 10 गंभीर घायल

रामनगर, 24 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – रामनगर के ग्राम गर्जिया में बृहस्पतिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब सुंदरखाल से ढिकुली राजकीय विद्यालय जा रहे स्कूली बच्चों से भरे एक टेम्पो को गर्जिया के पास…

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सितारगंज, 23 जुलाई, 2025 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2025 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में, आज सितारगंज ब्लॉक की कुल 287 मतदान पार्टियाँ पूरी मुस्तैदी के साथ सितारगंज मंडी परिसर से अपने-अपने मतदान स्थलों के लिए रवाना हुईं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री मणिकांत मिश्रा स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने मतदान पार्टियों की रवानगी से लेकर स्ट्रांग रूम तक की समस्त व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। मंडी परिसर में दिखी चुनावी सरगर्मी, अधिकारियों ने परखा हर इंतजाम सुबह से ही सितारगंज मंडी परिसर में चुनावी माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। मतदान अधिकारी अपने निर्धारित काउंटरों से मतपत्रों, ईवीएम (यदि प्रयोग हो), मुहरों, स्याही और अन्य आवश्यक मतदान सामग्री का मिलान कर रहे थे। सुरक्षाकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात थे और पूरी व्यवस्था को नियंत्रित कर रहे थे। जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी श्री मणिकांत मिश्रा ने इस दौरान पूरे परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने मतदान सामग्री वितरण काउंटरों का जायजा लिया, सुरक्षा व्यवस्था को परखा और स्ट्रांग रूम की सीलिंग प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। उनकी उपस्थिति ने चुनाव कर्मियों का मनोबल बढ़ाया और यह सुनिश्चित किया कि कहीं भी कोई चूक न हो। इस दौरान उपजिलाधिकारी श्री रविन्द्र जुवाटा, ईई पेयजल निगम श्री सुनील जोशी, एआरओ (सहायक रिटर्निंग ऑफिसर) तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में सहयोग किया। डीएम भदौरिया के स्पष्ट निर्देश: सतर्कता और निष्पक्षता सर्वोपरि जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया ने मतदान पार्टियों को रवाना करने से पहले उपस्थित सभी मतदान अधिकारियों और कर्मियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि "मतदान प्रक्रिया चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है, और यह पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है। अतः, सभी मतदान अधिकारी अत्यधिक सतर्कता, पूर्ण निष्पक्षता और आपसी समन्वय के साथ मतदान संपन्न कराना सुनिश्चित करें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर होने वाली छोटी से छोटी लापरवाही भी चुनाव की शुचिता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए हर कदम पर सावधानी बरतना अनिवार्य है। डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि "प्रत्येक मतदान दल समय से अपने-अपने निर्धारित गंतव्य पर पहुंचे और मतदान केंद्र की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे प्रकाश, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और मतदान बूथ की गोपनीयता सुनिश्चित करें।" उन्होंने यह भी कहा कि "निर्धारित समय पर ही मतदान प्रारंभ किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी से बचा जाए।" विशेष रूप से, उन्होंने मतदान अधिकारियों को निर्देशित किया कि "वे मतपत्रों और अन्य मतदान सामग्री का सूची से भलीभांति मिलान कर के ही रवाना हों, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का व्यवधान या सामग्री की कमी का सामना न करना पड़े।" यह निर्देश त्रुटि रहित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अतिथ्य निषेध और जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेटों की भूमिका जिला निर्वाचन अधिकारी श्री भदौरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि "कोई भी मतदान अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार का आतिथ्य (खानपान या अन्य सुविधाएं) किसी भी बाहरी व्यक्ति से स्वीकार नहीं करेगा।" उन्होंने जोर दिया कि "सभी मतदान कर्मी अपने आवंटित मतदान स्थल पर ही निवास करेंगे और बाहर से किसी भी प्रकार के प्रभाव से दूर रहेंगे।" यह निर्देश चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम है, ताकि कोई भी बाहरी दबाव या प्रलोभन मतदान को प्रभावित न कर सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को भी कड़े निर्देश दिए। उन्हें कहा गया कि "वे अपनी संबंधित मतदान पार्टियों के बूथों पर सुरक्षित पहुंचने की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष एवं रिटर्निंग ऑफिसर (आर.ओ.) को अवश्य उपलब्ध कराएं।" साथ ही, "मतदान दिवस पर क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करते हुए अपने-अपने बूथों पर कड़ी निगरानी बनाए रखें।" यह सुनिश्चित करेगा कि कहीं भी कोई अनियमितता न हो और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। 48 बसों से रवाना हुईं पार्टियाँ, 29 रिज़र्व में निर्वाचन अधिकारी श्री संजय छिमवाल ने इस अवसर पर रवानगी संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि सितारगंज ब्लॉक की कुल 287 मतदान पार्टियाँ 48 विशेष बसों के माध्यम से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना की गई हैं। यह विशाल काफिला सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मतदान सामग्री और कर्मियों को उनके बूथों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। श्री छिमवाल ने यह भी जानकारी दी कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 29 पार्टियों को रिज़र्व में रखा गया है। इन रिज़र्व पार्टियों को आवश्यकता अनुसार, जैसे किसी कर्मी के बीमार होने या किसी अन्य अप्रत्याशित परिस्थिति में, तुरंत भेजा जा सकेगा, ताकि मतदान प्रक्रिया में कोई व्यवधान न आए। यह व्यवस्था चुनाव आयोग की दूरदर्शिता और आकस्मिक योजना का हिस्सा है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में सहायक होती है। समग्र रूप से, सितारगंज ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां चाक-चौबंद नजर आ रही हैं। प्रशासन ने अपनी पूरी शक्ति और संसाधनों को झोंक दिया है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का यह महत्वपूर्ण पर्व सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। अब सभी की निगाहें मतदान दिवस पर टिकी हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2025: सितारगंज ब्लॉक से 287 मतदान पार्टियाँ रवाना, डीएम-एसएसपी ने परखी व्यवस्थाएँ; निष्पक्ष चुनाव पर जोर

सितारगंज, 23 जुलाई, 2025 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2025 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में, आज सितारगंज ब्लॉक की कुल 287 मतदान पार्टियाँ पूरी मुस्तैदी के साथ सितारगंज मंडी परिसर से अपने-अपने मतदान स्थलों के लिए रवाना हुईं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी…

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जसपुर 22 जुलाई 2025 (समय बोल रहा) : एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में कुंडा पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए इसे संगठित अपराध बताया है। पुलिस ने बताया कि इस हत्या की साजिश चुनावी लाभ दिलाने के लिए रची गई थी। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है हत्या के पीछे चुनावी साजिश पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस हत्या का मकसद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक विशेष प्रत्याशी को लाभ पहुंचाना था। आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया, ताकि क्षेत्र में डर का माहौल पैदा हो और मतदाताओं के रुझान पर असर डाला जा सके। अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त सुखविंदर सिंह और फरार अभियुक्त सतनाम के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई थानों में गंभीर अपराधों के कुल 25 मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे मामले शामिल हैं। ये दोनों आरोपी लंबे समय से आपराधिक गिरोह के सदस्य के रूप में सक्रिय रहे हैं और चुनावी समय पर अपने नेटवर्क का उपयोग कर अवैध दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं। पुलिस की सघन जांच घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें मामले की जांच में लगी थीं। तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गुप्त सूत्रों की मदद से पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने बताया कि 72 घंटे की लगातार मेहनत और खुफिया इनपुट्स के बाद यह मामला सुलझाया गया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पुलिस चुनावी माहौल में किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। एसएसपी मणिकांत मिश्रा का बयान “पुलिस ने हत्या के पीछे की चुनावी साजिश का खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश में दबिश जारी है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इनके आपराधिक नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जाएगा।” स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया घटना के बाद स्थानीय जनता में आक्रोश और भय दोनों ही देखने को मिले। लोगों का कहना है कि चुनावी समय में संगठित अपराधियों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं और प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। कुंडा पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। भविष्य की कार्रवाई पुलिस ने फरार आरोपी सतनाम को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा जताया है। साथ ही, आरोपियों की संपत्ति जब्त करने और उनके नेटवर्क को खत्म करने की कार्यवाही भी शुरू की जा रही है। पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कदम उठाने जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कुंडा पुलिस का बड़ा खुलासा: चुनावी लाभ के लिए युवक राहुल की हत्या; दो गिरफ्तार, एक फरार

जसपुर 22 जुलाई 2025 (समय बोल रहा) : एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में कुंडा पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए इसे संगठित अपराध बताया है। पुलिस ने बताया कि इस हत्या की साजिश चुनावी लाभ दिलाने के लिए रची गई थी। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक…

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जसपुर, 18 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – आस्था के केंद्र और शांति के प्रतीक गुरुद्वारे में चोरी की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। जसपुर के करनपुर स्थित गुरुद्वारे में बीती रात चोरों ने सेंध लगाकर दानपेटी को निशाना बनाया। सुबह जब भक्तजन रोजाना की तरह गुरु का आशीर्वाद लेने पहुंचे, तो गुरुद्वारे का मुख्य द्वार खुला देख उन्हें चोरी की घटना का पता चला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह पता चला, मौके पर उमड़ा जनसैलाब जानकारी के अनुसार, विगत रात्रि चोरों ने करनपुर के गुरुद्वारे में धावा बोला। सुबह जब दिन हुआ और भक्तजन गुरुद्वारे में माथा टेकने और गुरु का आशीर्वाद लेने पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि गुरुद्वारे का मुख्य द्वार खुला पड़ा था। अंदर जाकर देखने पर पता चला कि अंदर रखी दानपेटी (गोलक) को भी छेड़ा गया था और उसमें तोड़फोड़ की गई थी। चोरों ने इस दौरान वहां लगी एलईडी (LED) स्क्रीन भी चुरा ली थी। इतना ही नहीं, अपनी पहचान छिपाने के लिए चोरों ने सीसीटीवी की डीवीआर/डीवीडी (DVR/DVD) भी गायब कर दी थी, जिससे उनकी मंशा साफ जाहिर होती है। इस अप्रत्याशित घटना को देखते ही देखते स्थानीय जनता और सिख समुदाय के व्यक्ति बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। चोरी की इस घटना से सभी में गहरा रोष और चिंता व्याप्त हो गई। गुरुद्वारे जैसे पवित्र स्थान पर चोरी की खबर तेजी से फैली, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य के प्रत्याशी गुरताज भुल्लर और प्रधान पद के प्रत्याशी हरिओम सुधा ,रिशपाल , आदि लोग एकत्र हो गए | पुलिस प्रशासन मौके पर,फॉरेन्सिक इन्वेस्टिगेशन टीम भी बुलाई गई घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंचा। कुंडा के थाना प्रभारी (SO) हरिंदर चौधरी और उपनिरीक्षक (SI) दीपक चौहान ,नवीन जोशी , (SI) गढ़ीनेगी ,सहित कई पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे। पुलिस टीम ने सबसे पहले स्थिति का जायजा लिया और गुरुद्वारे के अंदर प्रारंभिक जांच शुरू की। उन्होंने आसपास के क्षेत्र का भी मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए और घटना के संवेदनशील पहलू को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने जांच के लिए फॉरेन्सिक इन्वेस्टिगेशन टीम को भी मौके पर बुला लिया है। एसटीएफ की टीम भी अब इस चोरी के प्रकरण की गहन जांच में जुट गई है, जो इस बात का संकेत है कि पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। गुरुद्वारा प्रबंधक और सदस्य भी रहे मौजूद, सख्त कार्रवाई का आश्वासन चोरी की इस घटना के समय गुरुद्वारा प्रबंधक लखविंदर सिंह और गुरुद्वारा समिति के अन्य सदस्य तथा ग्रंथी (ज्ञानी) भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने पुलिस को घटना से संबंधित जानकारी दी और जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने की मांग की। सिख समुदाय और स्थानीय लोगों ने इस वारदात को अपनी आस्था पर हमला बताया और पुलिस से त्वरित और सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की। पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को आश्वासन दिया है कि जांच जारी है और चोरों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं और कहा है कि चोरों के मिलते ही उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक चोरी का मामला नहीं, बल्कि एक धार्मिक स्थल पर हुए अपराध का मामला है, जिसकी जांच विशेष प्राथमिकता से की जा रही है। फिलहाल, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से इस मामले की जांच में जुटी हुई हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं, और प्रशासन से ऐसे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठने लगी है।

जसपुर: के करनपुर गुरुद्वारे में चोरी से हड़कंप, दानपेटी को बनाया निशाना; पुलिस और फॉरेन्सिक इन्वेस्टिगेशन टीम जांच में जुटी

जसपुर, 18 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – आस्था के केंद्र और शांति के प्रतीक गुरुद्वारे में चोरी की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। जसपुर के करनपुर स्थित गुरुद्वारे में बीती रात चोरों ने सेंध लगाकर दानपेटी को निशाना बनाया। सुबह जब भक्तजन रोजाना की तरह गुरु का आशीर्वाद…

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देहरादून, 23 अक्टूबर 2025 – (समय बोल रहा ) – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), उत्तराखंड ने संगठन को और मजबूती प्रदान करते हुए आज प्रदेश प्रवक्ताओं की नई सूची जारी कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा हस्ताक्षरित इस सूची में कुल नौ (9) नेताओं को प्रवक्ता पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह घोषणा तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। नई सूची में विधायकों, अनुभवी कार्यकर्ताओं और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों को स्थान दिया गया है, जो पार्टी की संचार रणनीति को धार देंगे। प्रमुख नियुक्तियाँ और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जारी की गई सूची में सबसे प्रमुख नामों में दो वर्तमान विधायकों को शामिल किया गया है: श्री खजान दास, विधायक (देहरादून महानगर) श्री विनोद चमोली, विधायक (देहरादून महानगर) देहरादून महानगर से सर्वाधिक चार प्रवक्ताओं को नामित किया गया है, जबकि क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए पिथौरागढ़, नैनीताल, काशीपुर और देहरादून ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। नव-नियुक्त प्रदेश प्रवक्ताओं के नाम और जिले इस प्रकार हैं: क्र.सं.नामजिला/क्षेत्र1.श्री खजान दास, विधायकदेहरादून महानगर2.श्री विनोद चमोली, विधायकदेहरादून महानगर3.श्री मथुरा दत्त जोशीपिथौरागढ़4.श्री नवीन ठाकुरदेहरादून ग्रामीण5.श्री गुरविन्दर सिंह चण्डोककाशीपुर6.श्री कुंवर जपेन्द्र सिंहदेहरादून महानगर7.श्रीमती हनी पाठकदेहरादून महानगर8.सुश्री कमलेश रमनदेहरादून महानगर9.श्री विकास भगतनैनीताल इस नियुक्ति में श्री गुरविन्दर सिंह चण्डोक को काशीपुर क्षेत्र से प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी और तेजतर्रार प्रवक्ताओं की यह नई टीम सरकार की नीतियों और संगठन की विचारधारा को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने में सफल रहेगी।

उत्तराखंड: जसपुर के नवलपुर में भाजपा की अंदरूनी कलह उजागर, पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ वरिष्ठ नेता के प्रचार से कार्यकर्ताओं में आक्रोश

जसपुर, 18 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में पंचायत चुनावों की गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। जसपुर के नवलपुर क्षेत्र पंचायत में बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) पद के लिए भाजपा के दो कार्यकर्ताओं के आमने-सामने होने के बाद, पार्टी के…

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देहरादून,17 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल, जिसे जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सुशासन के प्रतीक के रूप में लॉन्च किया गया था, अब कुछ असामाजिक तत्वों के लिए अवैध वसूली का जरिया बनता जा रहा है। कुंडा और जसपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री संचालकों और छोटे उद्योगपतियों को इस पोर्टल पर दर्ज कराई जा रहीं झूठी शिकायतों के आधार पर परेशान कर उनसे अवैध वसूली की कोशिशें की जा रही हैं। इस 'गोरखधंधे' ने न केवल व्यवसायों को मुश्किल में डाला है, बल्कि जनता की एक महत्वपूर्ण लोक-केंद्रित सेवा के प्रति विश्वास को भी गहरा नुकसान पहुंचाया है। कैसे हो रहा है 'लोक पोर्टल' का दुरुपयोग? मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल (सीएम पोर्टल) को आम जनता और मुख्यमंत्री के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए बनाया गया था, ताकि नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे उच्च स्तर तक पहुंचा सकें और उनका समाधान हो सके। यह एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था का हिस्सा था। लेकिन, कुछ शातिर और असामाजिक तत्वों ने इसकी इसी पारदर्शिता का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। उनकी सुनियोजित योजना यह है कि वे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, खासकर फैक्ट्रियों और छोटे उद्योगों के खिलाफ पोर्टल पर झूठी और मनगढ़ंत शिकायतें दर्ज कराते हैं। इन शिकायतों में अक्सर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, जैसे: अवैध निर्माण: फैक्ट्री परिसर में बिना अनुमति के निर्माण कार्य करने का आरोप। पर्यावरण नियमों का उल्लंघन: उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलाने या निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन न करने की झूठी शिकायतें। भूमि संबंधित विवाद: फैक्ट्री की जमीन पर कब्जा या भूमि से जुड़े विवादों का मनगढ़ंत हवाला देना। ये आरोप इतने गंभीर होते हैं कि ये सीधे संबंधित विभागों जैसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व विभाग, या स्थानीय प्रशासन को सक्रिय कर सकते हैं, जिससे अधिकारियों द्वारा जांच या कार्रवाई शुरू होने का डर पैदा होता है। डर दिखाकर वसूली: 'अधिकारियों का झांसा देकर' हो रहा है खेल शिकायत दर्ज कराने के बाद, ये असामाजिक तत्व फैक्ट्री संचालकों और व्यवसायियों से संपर्क साधते हैं। वे उन्हें यह कहकर डराते हैं कि उनके खिलाफ सीएम पोर्टल पर गंभीर शिकायत दर्ज की गई है और जल्द ही संबंधित अधिकारी जांच या कार्रवाई के लिए पहुंचेंगे। वे उन्हें यह झांसा देते हैं कि अगर वे "नियमानुसार" मामले को निपटाना चाहते हैं, तो उन्हें पैसे देने पड़ेंगे, अन्यथा जांच और कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह एक सीधा-साधा ब्लैकमेलिंग का तरीका है, जिसमें पोर्टल की विश्वसनीयता और अधिकारियों की जांच की शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है। छोटे व्यवसायियों के पास अक्सर इतना समय या संसाधन नहीं होता कि वे इन झूठी शिकायतों की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं में उलझें, और इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उनसे अवैध वसूली की जाती है। वे बदनामी और सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए पैसे देने को मजबूर हो जाते हैं। देहरादून से जसपुर-काशीपुर तक फैला है यह 'खेल' जनता की आस्था पर चोट: 'विश्वसनीयता को नुकसान', विश्वास डगमगाया सीएम पोर्टल का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता के विश्वास पर चोट करता है। यह पोर्टल सरकार और जनता के बीच सीधा पुल था, जो शिकायतों के निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान का आश्वासन देता था। जब इस तरह के 'लोक केंद्रित पोर्टल' का उपयोग अवैध वसूली के लिए होने लगता है, तो इसकी विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुँचता है। जनता का विश्वास डगमगाता है और उन्हें लगता है कि उनकी वास्तविक समस्याओं को भी गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, क्योंकि झूठी शिकायतों का अंबार लग जाएगा। यह स्थिति सुशासन के सिद्धांतों के खिलाफ है और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। आवश्यकता है त्वरित और कठोर कार्रवाई की इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है: पुलिस की सक्रियता: पुलिस को ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर अभियान चलाना चाहिए। झूठी शिकायतें दर्ज करने वालों और वसूली की कोशिश करने वालों की पहचान कर उन पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। देहरादून जैसा मामला एक मिसाल कायम कर सकता है। पोर्टल पर तकनीकी सुधार: सरकार को सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में और अधिक सत्यापन के तरीके जोड़ने चाहिए। यह ओटीपी आधारित सत्यापन, शिकायतकर्ता के पहचान पत्र का अनिवार्य अपलोड, या गंभीर शिकायतों के लिए प्रारंभिक सत्यापन कॉल शामिल हो सकते हैं, ताकि झूठी शिकायतों को दर्ज होने से पहले ही रोका जा सके। जागरूकता अभियान: व्यवसायियों और आम जनता को ऐसे ठगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की धमकी या वसूली की कोशिश होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। उन्हें डरकर पैसे न देने की सलाह दी जाए। सरकारी विभागों का समन्वय: संबंधित विभागों (जैसे पर्यावरण, राजस्व, स्थानीय निकाय) को सीएम पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की गंभीरता और सत्यता की प्रारंभिक जांच के लिए एक त्वरित तंत्र विकसित करना चाहिए, ताकि वे अनावश्यक रूप से परेशान न हों। उत्तराखंड सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि सीएम पोर्टल, जो जनता की भलाई के लिए बनाया गया है, उसका दुरुपयोग न हो। ऐसा करके ही जनता का विश्वास बरकरार रखा जा सकेगा और राज्य में व्यापार के लिए एक सुरक्षित और भयमुक्त माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उत्तराखंड में ‘सीएम पोर्टल’ का दुरुपयोग: फैक्ट्री संचालकों से अवैध वसूली का ‘गोरखधंधा’, जनता का विश्वास डगमगाया

देहरादून,17 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के सीएम पोर्टल, जिसे जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सुशासन के प्रतीक के रूप में लॉन्च किया गया था, अब कुछ असामाजिक तत्वों के लिए अवैध वसूली का जरिया बनता जा रहा है। कुंडा और जसपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री संचालकों और…

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काशीपुर, 16 जुलाई, 2025 (समय बोल रहा) — उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने काशीपुर की आईटीआई थाना पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने आर्य नगर मोहल्ले से एक पॉलीटेक्निक छात्र को गिरफ्तार किया है, जो एक बड़ा हथियार तस्कर निकला। इस छात्र के पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल, दो मैगजीन और कुछ कारतूस मिले हैं। पुलिस ने बताया है कि इस हथियार बेचने वाले गिरोह का मुख्य सरगना न्यूज़ीलैंड में बैठकर ये सारा काम चला रहा था। यह गिरफ्तारी उत्तराखंड में अवैध हथियार बेचने वाले गिरोहों के लिए एक बड़ा झटका है। एसटीएफ के बड़े अफसर नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि उनकी टीम को काफी समय से उत्तराखंड में अवैध हथियारों की जानकारी मिल रही थी। इस पर काम करते हुए, इंस्पेक्टर एमपी सिंह की टीम ने आईटीआई थाना पुलिस के साथ मिलकर योजना बनाई। आर्य नगर में छापा, हर्ष शर्मा गिरफ्तार एसएसपी भुल्लर ने बताया कि पक्की जानकारी मिलने के बाद सोमवार रात को मोहल्ला आर्य नगर की डॉ. सिंह वाली गली में छापा मारा गया। वहां से हर्ष शर्मा नाम के एक शख्स को पकड़ा गया। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से एक नई ऑटोमैटिक पिस्टल, दो मैगजीन और .32 बोर के कारतूस मिले। पुलिस के मुताबिक, हर्ष शर्मा पर पहले से ही इनाम घोषित था, जिससे पता चलता है कि वह कितना खतरनाक अपराधी था। हथियार बेचने वाला छात्र निकला पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी हर्ष शर्मा एक पॉलीटेक्निक कॉलेज में सिविल ट्रेड का छात्र है। यह बात हैरान करने वाली है कि एक पढ़ा-लिखा छात्र हथियारों के ऐसे अवैध धंधे में शामिल था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वह इस गिरोह से कैसे जुड़ा और कब से ये काम कर रहा है। एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि हर्ष शर्मा सिर्फ हथियारों को आगे पहुंचाने का काम कर रहा था। इस पूरे धंधे का असली मुखिया न्यूज़ीलैंड में बैठा है। यह एक मुश्किल चुनौती है क्योंकि विदेश में बैठे अपराधी तक पहुंचना आसान नहीं होता। एसटीएफ अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी मदद लेने के बारे में सोच रही है। आगे की जांच और अपील पुलिस ने बताया कि यह गिरोह सिर्फ उत्तराखंड में ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों में भी अवैध हथियार बेचता था। पकड़ी गई पिस्टल की जांच की जाएगी ताकि पता चले कि इसका इस्तेमाल किसी अपराध में तो नहीं हुआ है। पुलिस हर्ष शर्मा से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के बाकी साथियों, हथियारों के स्रोत और खरीदारों के बारे में जानकारी मिल सके। उम्मीद है कि उसकी मदद से और भी लोग पकड़े जाएंगे। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि एसटीएफ उत्तराखंड को अपराध-मुक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि अगर उन्हें किसी भी अवैध काम या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या एसटीएफ को बताएं। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। यह गिरफ्तारी उत्तराखंड में अवैध हथियारों के फैलने को रोकने में एक बड़ा कदम है। ऐसे गिरोह युवाओं को गुमराह कर गलत रास्ते पर ले जाते हैं, जिससे समाज में डर का माहौल बनता है। एसटीएफ और पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को पकड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उम्मीद है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होंगे।

काशीपुर में STF का बड़ा खुलासा: पॉलीटेक्निक छात्र निकला हथियार तस्कर, गैंग का सरगना न्यूज़ीलैंड में!

काशीपुर, 16 जुलाई, 2025 (समय बोल रहा) — उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने काशीपुर की आईटीआई थाना पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने आर्य नगर मोहल्ले से एक पॉलीटेक्निक छात्र को गिरफ्तार किया है, जो एक बड़ा हथियार तस्कर निकला। इस छात्र के पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल, दो…

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देहरादून, 15 जुलाई 2025 (समय बोल रहा): उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में जल्द ही सैकड़ों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने जा रहे हैं। विभाग समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत 1556 संविदा पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की तैयारी में है। इस महत्वपूर्ण पहल को लेकर विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को एक माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं, जिससे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ बेरोजगारी कम करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा सके। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर समग्र शिक्षा के तहत स्वीकृत संविदा पदों पर भर्ती को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया को जारी एक बयान में उन्होंने बताया कि प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा के तहत रिक्त पदों को शीघ्रता से भरा जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन पदों पर भर्ती के लिए प्रयाग पोर्टल के माध्यम से आउटसोर्स एजेंसी का चयन पहले ही कर लिया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। विभिन्न संवर्गों में 1556 पद स्वीकृत राज्य समग्र शिक्षा परियोजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित विभिन्न संवर्गों में कुल 1556 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 161 विशेष शिक्षक शामिल हैं, जो समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए 324 लेखाकार-सह-सपोर्टिंग स्टाफ के पद भी भरे जाएंगे। युवाओं को सही करियर मार्गदर्शन देने के लिए 95 करियर काउंसलर की नियुक्ति की जाएगी, जो छात्रों को उनके भविष्य के लिए उचित दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। डिजिटल शिक्षा और डेटा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र के 18 पदों पर भी भर्ती होगी। इसके अतिरिक्त, मनोविज्ञानी, मैनेजर (आईसीटी) और मैनेजर (ट्रेनिंग) के एक-एक महत्वपूर्ण पद भी आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाएंगे। मंत्री डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि इन सभी पदों पर युवाओं को मेरिट के आधार पर भर्ती किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी जा सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को एक माह के भीतर इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शैक्षणिक सत्र में बिना किसी देरी के नए कर्मी अपना योगदान दे सकें। बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों पर अंतिम चरण में भर्ती डॉ. धन सिंह रावत ने यह भी बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) और सीआरपी (क्लस्टर रिसोर्स पर्सन) के 955 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से ही अंतिम चरण में है। इन पदों पर चयनित युवाओं की तैनाती त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2025 के दृष्टिगत राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता समाप्त होते ही कर दी जाएगी। उन्होंने आउटसोर्स एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि काउन्सिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से संपादित किया जाए। साथ ही, चयनित अभ्यर्थियों को उनके मण्डल और गृह विकासखंड के अनुरूप तैनाती में वरीयता दी जाए, ताकि उन्हें अपने गृह क्षेत्र के करीब काम करने का अवसर मिल सके। इससे न केवल कर्मचारियों को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को समझने और उसमें योगदान देने में भी मदद मिलेगी। शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर जोर शिक्षा विभाग का यह कदम प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन भर्तियों से विद्यालयों में स्टाफ की कमी दूर होगी, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षण-अधिगम वातावरण मिल पाएगा। विशेष शिक्षकों की नियुक्ति से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में आ रही बाधाएं कम होंगी, वहीं करियर काउंसलर छात्रों को सही दिशा देने में सहायक होंगे। लेखाकार और अन्य सहायक स्टाफ की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्य अधिक सुचारु और कुशल बनेंगे। बैठक में सुश्री दीप्ति सिंह, राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड, कुलदीप गैरोला, अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड, अजीत भण्डारी, उप राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड, भगवती प्रसाद मैन्दोली, स्टॉफ ऑफिसर, समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड के साथ-साथ चयनित आउटसोर्स एजेंसी के प्रतिनिधि मोर सिंह व हरिओम भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया। यह एक महत्वपूर्ण पहल है जो न केवल युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी, बल्कि उत्तराखंड के शिक्षा परिदृश्य को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी। इन नियुक्तियों के बाद, उम्मीद है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर और भी बेहतर होगा, जिसका सीधा लाभ हजारों छात्रों को मिलेगा।

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में 1556 पदों पर आउटसोर्सिंग से होगी भर्ती, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

देहरादून, 15 जुलाई 2025 (समय बोल रहा): उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में जल्द ही सैकड़ों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने जा रहे हैं। विभाग समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत 1556 संविदा पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की तैयारी में है। इस महत्वपूर्ण पहल को लेकर विभागीय मंत्री ने अधिकारियों…

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