फ्लैट बेचने के नाम पर करोड़ों की ठगी: भू-माफिया दीपक मित्तल पर एक और FIR, अब तक 9 मुकदमे दर्ज

पानी की टंकी के पास हुआ जानलेवा हमला; गंभीर हालत में युवक हायर सेंटर रेफर, आरोपित फरार कुंडा/काशीपुर, 03 फरवरी 2026 (समय बोल रहा) – ऊधम सिंह नगर जनपद के थाना कुंडा अंतर्गत ग्राम करनपुर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। दबंगों ने युवक को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया और उसका सिर फोड़ दिया। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित की पत्नी की तहरीर पर चार नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुरानी रंजिश में घर के पास घेरा प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम करनपुर निवासी मनीषा पत्नी विशाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 1 फरवरी 2026 की शाम लगभग 5:00 बजे उसके पति विशाल (पुत्र सोमनाथ) करनपुर पानी की टंकी के पास मौजूद थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर गाँव के ही कुछ दबंगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए विशाल पर भारी वस्तु (गढ़) और डंडों से हमला कर दिया। सिर में आई गंभीर चोट, हालत नाजुक हमले में विशाल के सिर पर गहरा घाव हुआ है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुँचे, जिन्हें देखकर आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल विशाल को तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने पीड़िता मनीषा की तहरीर के आधार पर गाँव के ही चार लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों के नाम इस प्रकार हैं: हैप्पी (पुत्र ऋषिपाल) मनजीत (पुत्र ऋषिपाल) छोटू (पुत्र ऋषिपाल) राजकुमार ये सभी आरोपित ग्राम करनपुर, थाना कुंडा के निवासी हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस की कार्रवाई और जांच कुंडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक (SI) हरविंद्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। घटना के बाद से ही करनपुर क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पीड़ित परिवार डरा हुआ है।

देहरादून, 02 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा) – उत्तराखंड की रियल एस्टेट इंडस्ट्री में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का पर्याय बन चुके भू-माफिया दीपक मित्तल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। धोखाधड़ी के एक और नए मामले में मित्तल और उसके साथियों पर कंपनी के खातों से करोड़ों की रकम गबन करने और फर्जी बुकिंग के जरिए आम जनता को ठगने का गंभीर आरोप लगा है। यह दीपक मित्तल के खिलाफ दर्ज होने वाला नौवां मुकदमा है, जिसने उसके आपराधिक रिकॉर्ड को और भी लंबा कर दिया है।

फर्जी बुकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से करोड़ों का गबन

इस बार शिकायत आर्यन वालिया नामक एक युवक ने की है, जिसके अनुसार दीपक मित्तल ने उसके पिता राजपाल वालिया की करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश रची थी। शिकायत में बताया गया है कि दीपक मित्तल ने “पुष्पांजलि रियल्मस एंड इन्फ्रा टेक” नामक कंपनी बनाकर राजपाल वालिया को उसमें पार्टनर बनाया, लेकिन इस कंपनी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करता रहा।

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें यह सामने आया है कि मित्तल ने अपने साथियों के साथ मिलकर कंपनी के खातों से करोड़ों की रकम का गबन किया।

  • दीपक मित्तल ने साथी मनीष गुप्ता के साथ मिलकर ₹3.32 करोड़ का गबन किया।
  • मनीष गर्ग के साथ मिलकर ₹2.47 करोड़ की रकम हड़पी।
  • विनीता गर्ग के साथ मिलकर ₹1.71 करोड़ का गबन किया।

जांच में पता चला है कि यह पूरी रकम पहले निजी खातों में ट्रांसफर की गई और बाद में उन्हीं पैसों का इस्तेमाल कर कंपनी के फ्लैटों की फर्जी बुकिंग दिखाई गई। इस तरह, पैसे भी अपने और बुकिंग भी फर्जी दिखाकर जनता की खून-पसीने की कमाई को हड़प लिया गया।

फ्लाइट न मिले, न ही पैसा लौटाया

शिकायतकर्ता आर्यन वालिया ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने ईमानदारी से फ्लैटों की बुकिंग की थी, उन्हें न तो मकान मिला और न ही उनकी रकम लौटाई गई। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा एक सोची-समझी आपराधिक साजिश का हिस्सा था।

वादी की तहरीर पर राजपुर थाने में FIR संख्या 140/25 दर्ज की गई है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406, 420, और 120बी लगाई गई है।

गैंगस्टर एक्ट से लेकर रेड कॉर्नर नोटिस तक

दीपक मित्तल और उसकी पत्नी राखी मित्तल का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। उनके खिलाफ पहले ही विभिन्न थानों में 9 मामले दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट भी शामिल है। उनके बढ़ते आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं:

  • लुक आउट सर्कुलर (LOC): मित्तल और उसकी पत्नी के खिलाफ पहले ही LOC जारी हो चुका है, ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें।
  • रेड कॉर्नर नोटिस (RCN): पुलिस ने बताया है कि दीपक मित्तल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। यह नोटिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए जारी किया जाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस उसे किसी भी हाल में पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

दीपक मित्तल का आपराधिक रिकॉर्ड: | क्रम | FIR संख्या | धारा | थाना | 1 | 178/20 | 406, 420 | डालनवाला | | 2 | 179/20 | 406, 420 | डालनवाला | | 3 | 112/20 | 406, 420 | डालनवाला | | 4 | 93/20 | 406, 420, 120B | राजपुर | | 5 | 86/21 | 406, 420 | डालनवाला | | 6 | 88/21 | 406, 420, 120B | डालनवाला | | 7 | 167/21 | 406, 420 | डालनवाला | | 8 | 05/22 | 406, 420, 120B | डालनवाला | | 9 | 312/22 | 2/3 गैंगस्टर अधिनियम | डालनवाला |

पुलिस की सख्ती और सख्त कार्रवाई की तैयारी

पुलिस की सख्ती और रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया से यह साफ हो गया है कि इस भू-माफिया के अब गिने-चुने दिन रह गए हैं। दीपक मित्तल का नाम अब उन भू-माफियाओं की सूची में शामिल हो गया है, जो करोड़ों की जमीनों और आम जनता की मेहनत की कमाई को लूटकर फर्जी बुकिंग और नकली पार्टनरशिप के जरिए हजम कर जाते हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी और किसी भी कीमत पर आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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