जसपुर, 20 मई 2025 (समय बोल रहा): ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा द्वारा चलाए जा रहे "नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान" को जसपुर में बड़ी सफलता मिली है। एक संयुक्त टीम ने जसपुर के ग्राम पतरामपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर नशीले कैप्सूल बेच रहे संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 768 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक नई गति मिली है। संयुक्त टीम का सफल छापामार अभियान एसएसपी ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा के निर्देशानुसार, पुलिस अधीक्षक काशीपुर अभय प्रताप सिंह और सीओ काशीपुर के निर्देशन में सोमवार, 19 मई 2025 को एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में तहसीलदार जसपुर, ड्रग्स इंस्पेक्टर रुद्रपुर, ANTF रुद्रपुर (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स), सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) और जसपुर पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। इस संयुक्त टीम ने अपने छापामार अभियान के तहत जनपद ऊधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र के गांव पतरामपुर में यश मेडिकल स्टोर पर अचानक छापा मारा। नशीले कैप्सूल बेचता पाया गया संचालक निरीक्षण के दौरान, यश मेडिकल स्टोर का संचालक, मोहल्ला भूप सिंह जसपुर निवासी चमन सिंह पुत्र चंदन सिंह, दुकान पर प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बेचता हुआ पाया गया। पुलिस टीम ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही और तलाशी पर मेडिकल स्टोर से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद हुए। कुल 768 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें 720 कैप्सूल ACETAMINOPHEN IP 325 MG, Tramadol HCL IP 50 MG, DICYCLOMINE और 48 कैप्सूल ACETAMINOPHEN IP 325 MG, TRAMADOL HYDROCHLORIDE IP 50 MG, DICYCLOMINE HYDROCHLORIDE शामिल थे। एक्सपायर दवाइयां और अन्य अनियमितताएं भी मिलीं नशीले कैप्सूल के अलावा, संयुक्त टीम को मेडिकल स्टोर पर एक्सपायर हो चुकी (मियाद पूरी) दवाइयों का भारी स्टॉक भी मिला। इसके अतिरिक्त, मेडिकल स्टोर पर अन्य कई प्रकार की अनियमितताएं भी पाई गईं, जो नियमानुसार नहीं थीं। इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर पुलिस ने मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक चमन सिंह के खिलाफ धारा 8/22 NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए कैप्सूल ऐसे प्रतिबंधित दवाइयां हैं जिन्हें केवल डॉक्टर की लिखित पर्ची और सिफारिश पर ही मरीजों को दिया जा सकता है। साथ ही, इन दवाइयों का पूरा लेखा-जोखा (रजिस्टर मेंटेन करना) अनिवार्य होता है। हालांकि, आरोपी चमन सिंह इन दवाइयों को डॉक्टर की पर्ची के बिना सीधे ग्राहकों को नशे के रूप में बेचकर क्षेत्र में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहा था, जो कि एक गंभीर अपराध है। कार्रवाई टीम में शामिल अधिकारी और कर्मचारी इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जसपुर जगदीश सिंह ढकरियाल, कानूनगो धनेश शर्मा (तहसील जसपुर), डॉक्टर डी एम गहलौत (चिकित्सा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुर), ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार (ऊधम सिंह नगर), ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट (नैनीताल), ड्रग इंस्पेक्टर निधि शर्मा (ऊधम सिंह नगर), ड्रग इंस्पेक्टर शुभम कोटनाला (ऊधम सिंह नगर

जसपुर में नशा मुक्ति अभियान को बड़ी सफलता: मेडिकल स्टोर से 768 नशीले कैप्सूल बरामद, संचालक गिरफ्तार

जसपुर, 20 मई 2025 (समय बोल रहा): ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा द्वारा चलाए जा रहे “नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान” को जसपुर में बड़ी सफलता मिली है। एक संयुक्त टीम ने जसपुर के ग्राम पतरामपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर नशीले कैप्सूल बेच रहे संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार…

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गदरपुर 19 मई 2025 (समय बोल रहा) : गदरपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम कुलवंत नगर नहाल बैराज के पास संचालित एक अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से असलहा बना रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से नौ अवैध हथियार और भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुलाब का मझरा (केलाखेड़ा) निवासी दर्शन सिंह के रूप में हुई है, जिस पर पहले से ही 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मंगलवार को मुरादाबाद रोड स्थित एसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गदरपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुलवंत नगर नहाल बैराज के पास खेत किनारे खजूर के पेड़ के नीचे एक व्यक्ति अवैध रूप से असलहे बना रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को मौके पर दबिश दी और दर्शन सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त दर्शन सिंह एक शातिर किस्म का अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इस अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, जिससे क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बरामद सामान का विवरण: पुलिस ने मौके से अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं: 315 बोर के चार तमंचे 12 बोर के तीन तमंचे 12 बोर की एक देशी बंदूक 12 बोर की एक पोनी बंदूक 315 बोर के छह जिंदा कारतूस 12 बोर के दो जिंदा कारतूस अवैध हथियार बनाने के विभिन्न उपकरण, जिनमें ड्रिल मशीन, लोहे की पाइपें, स्प्रिंग, रेती और अन्य औजार शामिल हैं। सात हजार में बेचता था एक तमंचा: एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी दर्शन सिंह ने पुलिस को बताया कि वह पहले भी अवैध असलहा बनाने के आरोप में जेल जा चुका है। उसने कबूल किया कि वह इन अवैध हथियारों को सात हजार रुपये प्रति तमंचे के हिसाब से रामपुर, रुद्रपुर, किच्छा, हल्द्वानी, बाजपुर और कालाढूंगी जैसे आसपास के विभिन्न स्थानों पर बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दर्शन सिंह के खरीदार कौन थे और वह कब से इस अवैध धंधे में लिप्त था। पुलिस ने आरोपी दर्शन सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसे मंगलवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसएसपी ने गदरपुर थाना पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा की और कहा कि पुलिस आगे भी इस तरह के अवैध गतिविधियों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी। पुलिस ने मौके से असलहा बना रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से नौ अवैध हथियार और भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुलाब का मझरा (केलाखेड़ा) निवासी दर्शन सिंह के रूप में हुई है, जिस पर पहले से ही 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।उन्होंने कहा कि इस अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, जिससे क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

गदरपुर में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 9 हथियारों के साथ शातिर अपराधी गिरफ्तार

गदरपुर 19 मई 2025 (समय बोल रहा) : गदरपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम कुलवंत नगर नहाल बैराज के पास संचालित एक अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से असलहा बना रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से नौ अवैध हथियार और…

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देहरादून, 10 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की रणभेरी बजते ही, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने और पंचायती राज व्यवस्था के तीनों स्तरों पर प्रभुत्व स्थापित करने के उद्देश्य से, भाजपा ने अब ब्लॉक प्रमुख चुनावों के लिए व्यापक स्तर पर प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। यह कदम भाजपा की दूरगामी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य जमीनी स्तर तक अपनी पैठ बनाना है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान ने इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के निर्देश पर, राज्य के सभी जिलों में ब्लॉक प्रमुख चुनावों के लिए योग्य और अनुभवी पदाधिकारियों को प्रभारी घोषित कर दिया गया है। यह नियुक्तियां पार्टी की संगठनात्मक शक्ति और आगामी चुनावों के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाती हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव: ग्रामीण सत्ता की दूसरी सबसे बड़ी सीढ़ी ग्राम प्रधान के बाद, ब्लॉक प्रमुख का पद ग्रामीण सत्ता संरचना की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी माना जाता है। ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत समिति (ब्लॉक पंचायत) का मुखिया होता है, जो कई ग्राम पंचायतों को जोड़कर बनता है। यह पद ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, फंड्स के वितरण और ब्लॉक स्तर पर प्रशासनिक समन्वय में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होता, बल्कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा किया जाता है, जो पहले ग्राम पंचायत चुनावों में चुनकर आते हैं। ऐसे में, ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है ताकि वे क्षेत्र पंचायत सदस्यों के बीच अपना प्रभाव स्थापित कर सकें और पार्टी समर्थित उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित कर सकें। भाजपा की रणनीति: जमीनी स्तर पर पकड़ और संगठनात्मक मजबूती भाजपा ने इन प्रभारियों की नियुक्ति करके यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पंचायत चुनावों को कितनी गंभीरता से ले रही है। इन प्रभारियों का मुख्य कार्य संबंधित ब्लॉकों में चुनावी रणनीति तैयार करना, योग्य उम्मीदवारों की पहचान करना और उन्हें समर्थन देना, स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना और यह सुनिश्चित करना है कि पार्टी समर्थित उम्मीदवार चुनाव जीतें। यह कदम भाजपा को ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करने में मदद करेगा, जिससे भविष्य में विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी पार्टी को फायदा मिल सकता है। इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने और उन्हें पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। जिलावार प्रभारियों की लंबी सूची: अनुभवी नेताओं पर भरोसा भाजपा ने ब्लॉक प्रमुख चुनावों के लिए जिन प्रभारियों की घोषणा की है, उनमें पार्टी के कई अनुभवी और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सूची प्रदेश के सभी जिलों और उनके अंतर्गत आने वाले विभिन्न ब्लॉकों को कवर करती है, जिससे स्पष्ट होता है कि भाजपा ने इस चुनाव के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की है: उत्तरकाशी जनपद: नौगांव ब्लॉक: डॉ. विजय बडोनी पुरोला ब्लॉक: श्री सत्ये सिंह राणा मोरी ब्लॉक: श्री नारायण सिंह चौहान चिनयौलीसैन: श्री जगत सिंह चौहान भटवाड़ी: श्री राम सुंदर नौटियाल डूंडा: श्री धन सिंह नेगी चमोली जनपद: दसौली: श्री राजकुमार पुरोहित पोखरी: श्री हरक सिंह नेगी ज्योतिर्मठ: श्री रामचंद्र गौड़ नंदा नगर: श्री समीर मिश्रा नारायणबगड़: श्री रघुवीर सिंह बिष्ट थराली: श्री गजेंद्र सिंह रावत देवल: श्री विनोद नेगी गैरसैण: श्री कृष्ण मणि थपलियाल कर्णप्रयाग: श्री विक्रम भंडारी रुद्रप्रयाग जनपद: अगस्तमुनि: श्री रमेश गाड़िया ऊखीमठ: श्री वाचस्पति सेमवाल जखोली: श्री रमेश मैखुरी टिहरी जनपद: भिलंगना: श्री अतर सिंह तोमर कीर्ति नगर: श्री विनोद रतूड़ी देवप्रयाग: श्री जोत सिंह बिष्ट नरेंद्र नगर: श्री रविंद्र राणा प्रताप नगर: श्री महावीर सिंह रंगड़ जाखड़ीधार: श्री सुभाष रमोला चंबा: श्री दिनेश घने थौलधार: श्री विनोद सुयाल जौनपुर: श्री खेम सिंह चौहान देहरादून जनपद: कालसी: श्री दिगंबर नेगी चकराता: श्री भुवन विक्रम डबराल विकासनगर: श्री यशपाल नेगी सहसपुर: श्री संजय गुप्ता रायपुर: श्री ओमवीर राघव डोईवाला: श्री नलिन भट्ट पौड़ी जनपद: पौड़ी: श्री ऋषि कंडवाल कोट: श्री वीरेंद्र रावत क्लजीखाल: श्री सुधीर जोशी खिर्सू: श्री मीरा रतूड़ी थलीसैंण: श्रीमती सुषमा रावत पाबो: श्री यशपाल बेनाम पोखडा: श्री जगमोहन रावत एकेश्वर: श्री विकास कुकरेती बीरोंखाल: श्री गिरीश पैन्यूली कोटद्वार: यमकेश्वर श्री मुकेश कोली द्वारीखाल: श्री शमशेर सिंह पुंडीर दुगड्डा: श्री संदीप गुप्ता नैनीडांडा: श्री महावीर कुकरेती जहरीखाल: श्री उमेश त्रिपाठी रिखणीखाल: श्री राजेंद्र अन्थवाल पिथौरागढ़ जनपद: धारचूला: श्री धन सिंह धामी मुनस्यारी: श्री अशोक नबियाल मुनकोट: श्री गणेश भंडारी डीडीहाट: श्री राजेंद्र सिंह रावत कनालीछीना: श्री राकेश देवाल पिथौरागढ़: श्री भूपेश पंत बेरीनाग: श्री बसंत जोशी गंगोलीहाट: श्री ललित पंत बागेश्वर जनपद: कपकोट: श्री इंद्र सिंह फर्स्वाण बागेश्वर: श्री देवेंद्र गोस्वामी गरुड़: श्री शिव सिंह बिष्ट रानीखेत (अल्मोड़ा जिला): द्वाराहाट: श्री अनिल शाही चौखुटिया: श्री पूरन सांगला साल्ट: श्री प्रेम शर्मा स्याल्दे: श्री सुरेंद्र मनराल ताड़ीखेत: श्री पूरन चंद नैनवाल भिकियासैंण: श्री सुभाष पांडे अल्मोड़ा जनपद: ताकुला: श्री अरविंद बिष्ट भैंसियाछाना: श्री रमेश बहुगुणा हवालबाग: श्री गौरव पांडे धौलादेवी: श्री रवि रौतेला लमगड़ा: श्री ललित लटवाल चंपावत जनपद: बाराकोट: श्री श्याम नारायण पांडे पाटी: श्री सतीश पांडे लोहाघाट: श्री शंकर पांडे चंपावत: श्री शंकर कोरंगा नैनीताल जनपद: धारी: श्री दीपक मेहरा ओखल कांडा: श्री चंदन सिंह बिष्ट रामगढ़: श्री मोहन पाल भीमताल: श्री प्रदीप जनौटी बेतालघाट: श्री देवेंद्र ढेला हल्द्वानी: श्री गोपाल रावत कोटा बाग: श्री तरुण बंसल रामनगर: श्री गुंजन सुखीजा उधमसिंह नगर जनपद: जसपुर: सरदार मंजीत सिंह बाजपुर: श्री राम मेहरोत्रा काशीपुर: श्री विवेक सक्सेना गदरपुर: श्री प्रदीप बिष्ट रुद्रपुर: श्री दिनेश आर्य सितारगंज: श्री दान सिंह रावत खटीमा: श्री उत्तम दत्ता आगामी चुनावी बिसात और सियासी हलचल इन नियुक्तियों से स्पष्ट है कि भाजपा ने पंचायत चुनाव की बिसात पर अपनी चालें चलना शुरू कर दिया है। यह कदम राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा करेगा और अन्य राजनीतिक दलों, विशेषकर कांग्रेस को भी अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने पर मजबूर करेगा। ब्लॉक प्रमुख चुनाव सीधे तौर पर भले ही पार्टी सिंबल पर न लड़े जाते हों, लेकिन इन पर सत्ताधारी दल का दबदबा काफी महत्वपूर्ण होता है। भाजपा का लक्ष्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक हर स्तर पर अपने समर्थित प्रतिनिधियों की अधिकतम संख्या सुनिश्चित करना है, ताकि राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की यह 'मास्टरस्ट्रोक' रणनीति ब्लॉक प्रमुख चुनावों में कितनी सफल होती है और उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सत्ता का समीकरण कैसे बदलता है।

काशीपुर जिले के जसपुर क्षेत्र में भाजपा मंडल कार्यकारिणी का विस्तार, नए पदाधिकारियों की घोषणा

काशीपुर, 18 मई 2025 (समय बोल रहा)  – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की काशीपुर जिला इकाई ने तीन महत्वपूर्ण मंडलों – भरतपुर मेघावाला , काशीपुर जिले के जसपुर क्षेत्र के जसपुर नगर और महुवाडावरा में अपनी कार्यकारिणी का विस्तार किया है। जिला प्रभारी पुष्कर सिंह काला और जिला अध्यक्ष मनोज पाल की सहमति से यह पुनर्गठन…

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रुद्रपुर, 27 मई 2025 (समय बोल रहा): उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में खटीमा के चारूबेटा जंगल में मिली एक महिला की अधजली लाश के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गहन जांच-पड़ताल और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद इस जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है और महिला के पति को ही उसकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मानें तो आरोपी पति ने अपनी पत्नी की पहले गला दबाकर हत्या की और फिर पहचान छिपाने के उद्देश्य से डीजल डालकर उसके शव को आग लगा दी। इस हत्याकांड के पीछे का असली कारण पति के अवैध संबंध और पत्नी द्वारा उसका विरोध करना था। जंगल में मिली थी अधजली लाश, भाई ने लगाया था बहनोई पर आरोप यह दिल दहला देने वाली घटना बीते शनिवार को प्रकाश में आई थी, जब खटीमा के चारूबेटा गांव की नई बस्ती निवासी 34 वर्षीय अनीता पत्नी सुरेश का लगभग 90 प्रतिशत जला हुआ शव उसके घर से करीब 400 मीटर दूर जंगल में बरामद किया गया था। इस वीभत्स दृश्य ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। मृतका के भाई रामानंद प्रसाद निवासी वार्ड संख्या छह नानकमत्ता ने तत्काल अपने बहनोई सुरेश पर ही अपनी बहन की हत्या का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। 50 से अधिक लोगों से पूछताछ, ऐसे खुला राज कोतवाल मनोहर सिंह दसौनी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने इस मामले में 50 से अधिक लोगों से गहन पूछताछ की और तमाम साक्ष्य जुटाए। पुलिस की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद रविवार रात करीब आठ बजे हत्यारोपी सुरेश को मुंडेली चौराहे से धर दबोचा गया। सख्ती से पूछताछ में कबूला जुर्म, वजह जानकर पुलिस भी हैरान पुलिस हिरासत में सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी पति सुरेश ने अंततः अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्याकांड को अंजाम देने की पूरी कहानी बताई। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी अनीता का किसी और व्यक्ति से फोन पर लंबी-लंबी बातें करना नागवार गुजरता था। यह उसका शुरुआती बहाना था, लेकिन पुलिस की जांच में असली सच सामने आया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी पति सुरेश के ही किसी अन्य महिला से अवैध संबंध थे, जिसकी जानकारी उसकी पत्नी अनीता को हो गई थी। अनीता अपने पति के इन अवैध संबंधों का लगातार विरोध कर रही थी, और इसी विरोध ने आरोपी सुरेश को अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए मजबूर कर दिया। साजिश और हत्याकांड का पूरा घटनाक्रम सुरेश ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या की पूरी योजना बनाई थी। वह 23 मई को दिन में अल्मोड़ा से बस के जरिए हल्द्वानी होते हुए रात में खटीमा पहुंचा। रात करीब 10 बजे वह अपने घर के पीछे जंगल में छिप गया। मौका पाकर उसने रात में अपनी पत्नी अनीता को आवाज देकर दरवाजा खुलवाया। लगभग एक घंटे तक घर में रुककर उसने अपनी पत्नी को बहलाया-फुसलाया और फिर उसे यह कहकर घर से बाहर ले गया कि वे पीछे जंगल में घूमने जा रहे हैं। जंगल में ले जाने के बाद, सुरेश ने मौका देखकर अनीता का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पहचान छिपाने के उद्देश्य से और साक्ष्य मिटाने के लिए उसने घर में आग जलाने के लिए रखे डीजल को निकाला और अनीता के शव पर डालकर आग लगा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद, उसने खाली डीजल की बोतल वहीं जंगल में फेंक दी और रोडवेज बस से हल्द्वानी फरार हो गया। खुद को अनजान दिखाने का ढोंग, लेकिन पुलिस थी शातिर हल्द्वानी पहुंचकर, सुरेश ने अपने पड़ोसी को फोन किया और अनीता के घर से चले जाने की बात पूछी, ताकि वह खुद को अनजान दिखा सके। इसके बाद उसने अपनी बहन, ससुर और साले को फोन करके अनीता के गायब होने की सूचना दी और फिर बस में बैठकर वापस खटीमा आ गया। यहां आकर वह अनीता की तलाश में अनजान बनने का ढोंग करने लगा। जुर्म कबूलने पर बरामद हुए अहम सबूत पुलिस ने इस मामले में लगभग 50 लोगों से पूछताछ की थी, जिसमें कई अहम सुराग मिले। आसपास के लोगों ने भी बताया था कि सुरेश 23 मई को ही खटीमा पहुंच गया था, जिससे पुलिस का शक गहरा गया था। हत्यारोपी पति सुरेश के जुर्म कबूल करने के बाद, पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मृतका अनीता को जलाते वक्त पहने गए उसके कपड़े और घटना में इस्तेमाल की गई डीजल की बोतल जंगल से बरामद कर ली। ये सबूत इस मामले में बेहद अहम साबित हुए हैं। पुलिस ने आरोपी सुरेश के खिलाफ दर्ज मुकदमे में साक्ष्य छुपाने की धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसे रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह दसौनी, एसएसआई विनोद जोशी, एसआई किशोर पत, कांस्टेबल नवीन खोलिया, कांस्टेबल कमल पाल जैसे अनुभवी पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने इस सफल खुलासे से न केवल एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया है, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दर्शाई है।

काशीपुर के लालपुर में खौफनाक वारदात: मां की संदिग्ध मौत, बच्चों ने पिता को बताया हत्यारा!

काशीपुर 18 मई 2025 (समय बोल रहा) : काशीपुर के लालपुर बक्सौरा गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक महिला के बच्चों ने अपने पिता पर ही दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में…

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काशीपुर, 18 मई 2025 (समय बोल रहा) : महापौर दीपक बाली ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। उन्होंने एक ही दिन में 4 करोड़ 88 लाख 53 हजार रुपये की लागत से बनने वाली 15 महत्वपूर्ण सड़कों का शिलान्यास कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पहले भी महापौर बाली ने अपने कार्यकाल के शुरुआती 60 दिनों में 60 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ कर शहर को एक बड़ा तोहफा दिया था। महापौर दीपक बाली के अब तक के विकास कार्यों से काशीपुर की जनता भी काफी प्रभावित नजर आ रही है। यही नहीं, महापौर बाली ने अभिनंदन कार्यक्रमों का भी एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसके तहत अब तक उनके लगभग 286 अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। इनमें से 117 कार्यक्रम विभिन्न संगठनों द्वारा समारोहपूर्वक आयोजित किए गए हैं, जो कि पूरे प्रदेश में एक अनूठी मिसाल है। महापौर द्वारा काशीपुर शहर को रोशन करने के लिए स्वीकृत कराई गई सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास योजनाएं जब धरातल पर उतरेंगी, तो काशीपुर एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा। अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में महापौर दीपक बाली ने वार्ड पार्षदों, शक्ति केंद्र संयोजकों, बूथ एवं मंडल अध्यक्षों के साथ विभिन्न वार्डों में बनने वाली 15 सड़कों का शिलान्यास किया। इन सड़कों का विवरण इस प्रकार है: वार्ड नंबर 1 (सैनिक कॉलोनी): दर्शन सिंह रावत के घर से रामनगर काशीपुर मार्ग तक (राज्य योजना) वार्ड नंबर 1 (सैनिक कॉलोनी): नरेंद्र चौधरी के घर से शिवालिक होली माउंट एकेडमी तक (राज्य योजना) वार्ड नंबर 1: यूके एनक्लेव से प्राइमरी पाठशाला तक वार्ड नंबर 1 (प्रेमनगर चौक): गढ़वाल सभा रोड पर कैलाश बिष्ट के घर तक वार्ड नंबर 2 (दुर्गा कॉलोनी): विनोद कुमार के मकान से दिनेश चंद्र बलोदी के मकान तक वार्ड नंबर 2 (दुर्गा कॉलोनी): राजेंद्र बिष्ट के मकान से नेगी जी के मकान तक वार्ड नंबर 2 (पशुपति बिहार): मनोज सती के मकान से शिव सिंह बिष्ट के मकान तक व संलग्न रास्ते में हरि सिंह रावत के मकान तक वार्ड नंबर 9 (लाइनपार): रघुवीर सिंह के मकान से भोला के मकान तक वार्ड नंबर 9 (ओम विहार कॉलोनी): रामनाथ प्रसाद के मकान से महावीर के मकान तक वार्ड नंबर 3 (ओम विहार कॉलोनी): बृजपाल चौधरी के मकान से सीमा के मकान तक कुंडेश्वरी मैन रोड: आनंद हॉलीडे से मोहन सिंह एवं सोनू के मकान तक वार्ड नंबर 33: संत निरंकारी भवन के सामने धर्म सिंह नेगी के मकान से अनिल खरबंदा के मकान तक वार्ड नंबर 35: राजीव चौधरी के मकान से त्रिलोक सिंह बिष्ट के मकान तक वार्ड नंबर 1 (शांति नगर): सुरेंद्र सिंह रावत के घर से जरनैल सिंह के घर तक (राज्य योजना) वार्ड नंबर 1 (सैनिक कॉलोनी): कृष्णा हॉस्पिटल के पीछे कैप्टन गोविंद सिंह रौतेला के मकान से आनंद सिंह के मकान तक व संलग्न रास्ते में दीपिका लोहनी के मकान तक इन 15 सड़कों के निर्माण पर कुल 4 करोड़ 88 लाख 53 हजार रुपये की लागत आएगी। इन महत्वपूर्ण सड़कों के अलावा, महापौर श्री बाली पहले भी 18 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से बनने वाली 114 अन्य सड़कों का शिलान्यास कर चुके हैं, जिनका निर्माण कार्य बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए तेजी से चल रहा है। महापौर दीपक बाली द्वारा अपने छोटे से कार्यकाल में किए गए इन व्यापक विकास कार्यों से स्पष्ट है कि वह काशीपुर शहर के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करना निश्चित रूप से एक उल्लेखनीय उपलब्धि है और यह काशीपुर के विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सा

खुशखबरी! काशीपुर की इन कॉलोनियों की बदलने वाली है किस्मत, महापौर बाली ने किया करोड़ों की सड़कों का शिलान्यास!

काशीपुर, 18 मई 2025 (समय बोल रहा) : महापौर दीपक बाली ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। उन्होंने एक ही दिन में 4 करोड़ 88 लाख 53 हजार रुपये की लागत से बनने वाली 15 महत्वपूर्ण सड़कों का शिलान्यास कर एक नया कीर्तिमान…

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देहरादून 17 मई 2025 (समय बोल रहा) : उत्तराखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने और उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया है। इस नई पहल के तहत, राज्य की महिलाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक या अधिकतम डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता (सब्सिडी) प्रदान की जाएगी। इस महत्वपूर्ण योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 30 करोड़ रुपये का पर्याप्त बजट आवंटित किया है। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के पहले वर्ष में ही कम से कम दो हजार महिलाओं को इस लाभकारी पहल का सीधा लाभ पहुंचाया जा सके। राज्य सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इस योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम उत्तराखंड की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें समाज में एक सम्मानित और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं में अद्वितीय प्रतिभा और असीम क्षमता मौजूद है, और इस योजना के माध्यम से उन्हें अपने सपनों को साकार करने तथा स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। सरकार का दृढ़ विश्वास है कि जब राज्य की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो न केवल उनके परिवारों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित होगा, बल्कि इससे राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति और मजबूती मिलेगी। इस योजना के अंतर्गत, उत्तराखंड की इच्छुक महिलाएं विभिन्न प्रकार के व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। इन व्यवसायों में मुख्य रूप से हस्तशिल्प कला से जुड़े उद्यम, आकर्षक बुटीक, खाद्य प्रसंस्करण की छोटी इकाइयाँ, सिलाई और कढ़ाई केंद्र, छोटे स्तर पर वस्तुओं का उत्पादन करने वाली इकाइयाँ, कृषि क्षेत्र पर आधारित व्यवसाय और अन्य विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करने वाले उद्यम शामिल हो सकते हैं। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए, प्रत्येक महिला आवेदक को अपने प्रस्तावित व्यवसाय की एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में व्यवसाय की पूरी योजना, उसमें आने वाली अनुमानित लागत और उससे प्राप्त होने वाले संभावित लाभों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एक सरल, सुगम और पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। इच्छुक महिलाओं को योजना के लिए आवेदन करने और इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए जल्द ही एक आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर भी संबंधित सरकारी विभाग महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया को समझने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेंगे, ताकि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। सरकार ने इस योजना के पहले वर्ष में ही राज्य की कम से कम दो हजार महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का मानना है कि यह प्रारंभिक चरण राज्य की महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। योजना की सफलता और महिलाओं से मिलने वाली सकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर, भविष्य में इस योजना का दायरा और अधिक विस्तृत किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें। राज्य सरकार ने इस दूरदर्शी योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 30 करोड़ रुपये का पर्याप्त बजट आवंटित किया है। यह वित्तीय प्रावधान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। आवंटित की गई यह धनराशि मुख्य रूप से पात्र महिलाओं को सब्सिडी के वितरण, उन्हें व्यवसाय से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर खर्च की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि इस योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं को वित्तीय सहायता मिले, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक कौशल और उचित मार्गदर्शन भी प्राप्त हो सके। उत्तराखंड के विभिन्न महिला संगठनों और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह योजना उत्तराखंड की महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए एक सुनहरा और ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस योजना के प्रभावी और निष्पक्ष कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का पुरजोर आग्रह किया है, ताकि इसका वास्तविक लाभ सही मायने में जरूरतमंद और उद्यमी बनने की प्रबल इच्छा रखने वाली महिलाओं तक पहुंच सके। यह योजना उत्तराखंड सरकार की राज्य की महिलाओं के समग्र कल्याण और उनके सतत विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस महत्वपूर्ण पहल से राज्य में महिला उद्यमिता को एक नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिलेगा, और महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी, बल्कि वे राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य सरकार का यह सराहनी

उत्तराखंड की महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर: व्यवसाय शुरू करने पर 75% सब्सिडी

देहरादून 17 मई 2025 (समय बोल रहा) : उत्तराखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने और उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया है। इस नई पहल के तहत, राज्य की महिलाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के…

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काशीपुर में तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा का आयोजन, ऑपरेशन सिंदूर की विजय को समर्पित

काशीपुर, 16 मई 2025(समय बोल रहा ): वीरता, राष्ट्रभक्ति और एकता का अद्वितीय संगम शुक्रवार को काशीपुर की धरती पर देखने को मिला, जब ‘तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया। यह यात्रा भारतीय सेना के हाल ही में संपन्न ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में आतंकवाद के खिलाफ प्राप्त अभूतपूर्व सफलता और देश की रक्षा…

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विगत दिवस ठाकुर नगर ट्रांजिट कैम्प में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। चार युवकों ने एक घर में जबरन घुसकर वहां अकेली मौजूद महिला के साथ हथियारों के बल पर छेड़छाड़ की और उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई रपट के अनुसार, यह घटना 12 मई की रात्रि को घटित हुई। पीड़िता ने बताया कि उसके छोटे भाई सूरज मंडल के चार साले – आकाश सरकार पुत्र खोखन सरकार, विवेक विश्वास पुत्र राजेन्द्र विश्वास, सहदेव सरकार पुत्र नामालूम और जगदीश पाल – शराब के नशे में उसके कमरे में जबरन घुस आए। पीड़िता उस समय घर में अकेली थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। रपट में पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपियों के पास चाकू, छुरी और बंदूक जैसे हथियार थे, जिनके बल पर उन्होंने उसे डराया और धमकाया। आरोप है कि उक्त युवकों ने पीड़िता के साथ गाली-गलौज भी की और कहा कि उसके भाई ने उनकी बहन को बहुत परेशान किया है, जिसकी सजा अब उसे भुगतनी पड़ेगी। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ गलत हरकतें शुरू कर दीं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि कमरे में अकेला होने के कारण वह बुरी तरह से डर गई थी। जब उसने आरोपियों से कहा कि वह उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत करेगी, तो आकाश सरकार नामक आरोपी ने उसे धमकी देते हुए कहा कि वे उसके साथ सामूहिक बलात्कार करेंगे और उसकी अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता, उसके पुत्र और पूरे परिवार को जान से मार देने की भी धमकी दी। इस गंभीर घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए स्थानीय पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़िता की रपट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने ठाकुर नगर ट्रांजिट कैम्प के निवासियों को गहरा सदमा पहुंचाया है। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि दिनदहाड़े इस प्रकार की घिनौनी हरकत को अंजाम दिया गया और पीड़िता को अकेली पाकर उसे प्रताड़ित किया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह घटना समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े करती है। घर में अकेली महिला की सुरक्षा और इस प्रकार के आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पुलिस प्रशासन पर भी इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने का दबाव है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और अपराधियों को उनके किए की सजा भुगतनी पड़े। फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है। यह घटना न केवल एक महिला के साथ हुई बर्बरता की कहानी है, बल्कि यह समाज के उस स्याह पहलू को भी उजागर करती है जहां अपराधी कानून का भय भूलकर ऐसी घिनौनी हरकतों को अंजाम देते हैं।

ठाकुर नगर ट्रांजिट कैम्प में सनसनी: महिला से घर में घुसकर छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी

ठाकुर नगर 15 मई 2025 (समय बोल रहा) विगत दिवस ठाकुर नगर ट्रांजिट कैम्प में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। चार युवकों ने एक घर में जबरन घुसकर वहां अकेली मौजूद महिला के साथ हथियारों के बल पर छेड़छाड़ की और उसे जान से मारने की…

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उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत देहरादून, 09 जून, 2025 (समय बोल रहा ) उत्तराखंड की त्रिस्तरीय पंचायतों (हरिद्वार को छोड़कर) में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव आया है। पूर्व में नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने और जुलाई में प्रस्तावित चुनावों में देरी के कारण, राज्य सरकार ने पंचायतों के सुचारू संचालन के लिए नए प्रशासकों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। अब जिला पंचायतों की कमान जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट संभालेंगे, क्षेत्र पंचायतों का जिम्मा उपजिलाधिकारी देखेंगे, और ग्राम पंचायतों में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) प्रशासक होंगे। यह निर्णय तब लिया गया है जब वर्ष 2019 में गठित पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और नए चुनाव अभी संभव नहीं हो सके हैं। इस बदलाव का सीधा असर प्रदेश की लाखों ग्रामीण जनता पर पड़ेगा। कार्यकाल समाप्ति और चुनाव में देरी: क्यों पड़ी प्रशासकों की जरूरत? उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम-2016 की धारा-130 (6) के तहत, वर्ष 2019 में गठित प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों (जनपद हरिद्वार को छोड़कर) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इन पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, शासन ने पूर्व में अधिसूचना संख्या-256316/XII(1)/2024-86(15)/2013/ई-68985 दिनांक 26.11.2024 और अन्य संबंधित अधिसूचनाओं के माध्यम से ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के लिए प्रशासकों की नियुक्ति का अधिकार संबंधित जिलाधिकारियों को दिया था। ये प्रशासक कार्यकाल समाप्ति की तिथि से छह महीने तक या नई पंचायतों के गठन तक, जो भी पहले हो, के लिए नियुक्त किए गए थे। हालांकि, इन नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल भी अब समाप्त हो चुका है। ग्राम पंचायतों में 27 मई 2025 को, क्षेत्र पंचायतों में 29 मई 2025 को, और जिला पंचायतों में 01 जून 2025 को कार्यकाल समाप्त हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि "अति अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण" त्रिस्तरीय पंचायतों का सामान्य निर्वाचन, प्रशासकों के कार्यकाल समाप्ति की तिथि से पूर्व कराया जाना साध्य नहीं हो सका है। इसी अप्रत्याशित देरी के कारण, अब नई अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है। नई प्रशासकीय व्यवस्था: कौन संभालेगा किसकी कमान? वर्तमान की "अपरिहार्य परिस्थिति" को देखते हुए, प्रदेश में जुलाई 2025 में प्रस्तावित आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (हरिद्वार को छोड़कर) प्रक्रिया संपन्न होने तक या नवीन पंचायतों के गठन तक, अथवा 31 जुलाई 2025 (जो भी पहले हो) तक, कार्यहित, जनहित और पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नए अधिकारियों को प्रशासक के रूप में अधिकृत किया गया है। यह निर्णय प्रमोद कुमार बिजलवान, समीक्षा अधिकारी, पंचायती राज विभाग द्वारा 09/06/2025 को जारी अधिसूचना (संख्या: 305002 जैनराज बिंदु-1 /XII(1)/2025/86(15)/2013/ई-68985) में विस्तृत रूप से बताया गया है। नई व्यवस्था के तहत, निम्नवत् अधिकारियों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है: जिला पंचायतों में: संबंधित जिलाधिकारी / जिला मजिस्ट्रेट को जिला पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह दिखाता है कि जिला स्तर पर शासन ने सबसे उच्च अधिकारी पर भरोसा जताया है ताकि विकास कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। क्षेत्र पंचायतों में: संबंधित उपजिलाधिकारी (अपनी क्षेत्राधिकारिता में) क्षेत्र पंचायतों का कार्यभार संभालेंगे। उपजिलाधिकारी की नियुक्ति से ब्लॉक स्तर पर प्रभावी निगरानी और निर्णय लेने की क्षमता बनी रहेगी। ग्राम पंचायतों में: संबंधित विकासखंड में तैनात सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। यह पद ग्रामीण स्तर पर सीधे जनता से जुड़ा होता है और योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने और नई निर्वाचित पंचायतों के गठन तक ग्रामीण विकास कार्य और जन सेवाएं बाधित न हों। पुरानी शर्तों का यथावत् रहना और आगे की राह अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों (हरिद्वार को छोड़कर) में प्रशासक नियुक्त किए जाने संबंधी प्रस्तर-1 में उल्लिखित पूर्व निर्गत अधिसूचनाओं में निहित शेष शर्ते यथावत रहेंगी। इसका अर्थ है कि प्रशासकों के अधिकार और जिम्मेदारियां पूर्व में निर्धारित नियमों के अनुरूप ही होंगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था के सुचारू संचालन की आवश्यकता है। हरिद्वार जिले को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है, संभवतः वहां की चुनावी या प्रशासनिक स्थिति अलग होने के कारण। अब सभी की निगाहें जुलाई 2025 में होने वाले प्रस्तावित पंचायत चुनावों पर टिकी हैं, जो नई निर्वाचित पंचायतों को सत्ता में लाएंगे और ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से स्थापित करेंगे। इस बीच, नए प्रशासक जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने और विकास कार्यों को गति देने की चुनौती का सामना करेंगे।

पंचायत चुनाव पर लटकी तलवार: राजभवन की हरी झंडी का इंतजार, मई अंत तक आ सकती है चुनाव अधिसूचना

देहरादून, 14 मई 2025 (समय बोल रहा) उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता का माहौल बरकरार है। राज्य सरकार फिलहाल चुनाव कराने को लेकर असमंजस की स्थिति में फंसी हुई है, क्योंकि एक तरफ पंचायतीराज एक्ट में अपेक्षित संशोधन अभी तक नहीं हो पाया है, तो दूसरी तरफ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण…

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मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त आदेश के बाद पंतनगर पुलिस ने काशीपुर के पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद, उत्तराखंड पुलिस में निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीड़िता वैजयंती चंद की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाए थे। वैजयंती चंद, जो कि विला नंबर बीटा-2, ओमेक्स रिवेरा कॉलोनी, नैनीताल रोड, रुद्रपुर की निवासी हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका विवाह 18 फरवरी 2019 को मथुरा में आशुतोष कुमार सिंह के साथ हुआ था। आशुतोष कुमार सिंह, जो कि हनुमान गली, रुड़की, जिला हरिद्वार के रहने वाले बिशन लाल के पुत्र हैं, ने शादी के समय वैजयंती को अपनी पहली पत्नी से तलाक होने की जानकारी दी थी। हालांकि, वैजयंती का आरोप है कि आशुतोष ने अपनी दूसरी पत्नी पूनम रानी, निवासी मुजफ्फरनगर, से अपने विवाह और उससे तलाक न होने की बात को छुपाकर उन्हें धोखे में रखा और उनसे शादी कर ली। दो बेटियों के जन्म के बाद उत्पीड़न बढ़ा, दहेज की मांग वैजयंती ने बताया कि शादी के बाद उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों की हर संभव सेवा की और 8 सितंबर 2019 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म के बाद उनकी सास शकुंतला देवी उन्हें पुत्र पैदा न करने के लिए ताने देने लगीं। इस बीच, उनके पति का तबादला रुद्रपुर से भवाली (नैनीताल) हो गया, जिसके बाद उनके सास-ससुर भी रुड़की से ओमेक्स में आने-जाने लगे। 6 सितंबर 2021 को वैजयंती ने दूसरी बेटी को जन्म दिया, जिसके बाद उनकी सास का व्यवहार और भी अभद्र और अपमानजनक हो गया। वैजयंती का आरोप है कि उनकी सास उन्हें लगातार कोसती थीं, गाली-गलौज करती थीं और पुत्र न पैदा करने का ताना देती थीं। वह अक्सर कहती थीं कि उनका बेटा तो पुलिस में इंस्पेक्टर है और उन्होंने गलती से उनसे शादी कर ली। सास यह भी कहती थीं कि अगर उनके बेटे की शादी उत्तर प्रदेश में हुई होती तो उन्हें दहेज में 50 लाख रुपये मिलते। वैजयंती ने बताया कि जब उनके पति का तबादला वापस रुद्रपुर हो गया, तो उनके पति और सास दोनों मिलकर उन्हें बात-बात पर कोसने लगे और रोजाना मारपीट कर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करने लगे। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उनके पति का व्यवहार भी बदल गया और वह अक्सर कहते थे कि बेटा होता तो ठीक था, फिर से बेटी पैदा हो गई। वैजयंती का आरोप है कि उनके पति ने शादी के बाद से ही कई बार उनसे अपने पिता से कहकर उनके नाम एक प्लॉट करवाने की मांग की थी। देहरादून में अकेला छोड़ा, दूसरी शादी का खुलासा इसी बीच, उनके पति का तबादला आईटीआई, काशीपुर हो गया। उस समय उनकी छोटी बेटी केवल चार महीने की थी, जब उनके पति ने उनसे कहा कि उन्होंने देहरादून में एक फ्लैट लिया है और उन्हें वहां जाकर रहना चाहिए, जबकि वह अवकाश लेकर उनसे मिलने आते रहेंगे। हालांकि, देहरादून जाने के बाद उनके पति कभी भी उनसे मिलने नहीं आए और वह किसी अन्य महिला से बातचीत करने लगे। जब वैजयंती ने उनके पति का नंबर ढूंढकर उस महिला से बात की और उसे बताया कि वह उनका घर बर्बाद कर रही है, तो उस महिला ने बताया कि वह खुद परेशान है क्योंकि उनके पति (आशुतोष) उन्हें तलाक देने की धमकी दे रहे हैं और उनका व्यवहार भी उनके प्रति बदल गया है। वैजयंती ने बताया कि जब यह बात उनके पति को पता चली तो उन्होंने उनके साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट की और घर का खर्चा देना बंद कर दिया। वह अपने मायके वालों से पैसे लेकर अपना और अपनी बेटियों का भरण-पोषण करती रहीं। करवा चौथ के दिन, वर्ष 2022 में, वह बिना पति को बताए अपनी बेटियों को लेकर आईटीआई काशीपुर आ गईं। उनके पति ने उन्हें और बच्चों को गौतमी होटल में ठहराया, लेकिन शाम को होटल के कमरे में आकर उनसे लड़ाई-झगड़ा करने लगे, कमरे का सारा सामान गिरा दिया और खाना भी फेंक दिया। इसी दौरान वैजयंती को पता चला कि उनके पति ने पूनम रानी नाम की महिला से दूसरी शादी की है, जिससे उनकी एक बेटी भी है। वैजयंती का आरोप है कि उनके पति ने उस पत्नी और बच्चे को भी छोड़ दिया है और बिना उससे तलाक लिए उनके साथ तीसरी शादी की है, और अब वह चौथी शादी करने की तलाश में हैं। जब वैजयंती ने अपने पति से इस बारे में पूछा तो उन्होंने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की और धमकी दी कि अगर उन्होंने किसी को बताया तो वह उन्हें छोड़ देंगे क्योंकि उन्होंने उन्हें बेटा पैदा करके नहीं दिया और दो-दो बेटियां पैदा कर दी हैं, जबकि उन्हें और उनकी मां को बेटा चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह बेटा पैदा नहीं कर पाएंगी, इसलिए वह चौथी शादी करेंगे। जंगल में जान से मारने की धमकी वैजयंती ने एक और भयावह घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मार्च 2023 में उनके पति अचानक देहरादून आ गए और उनसे कहा कि बेटियों की छुट्टियां हैं तो उनके साथ आईटीआई रहने चलें। वहां उनके पति दिनभर कमरे में सोते रहे और रात 8 बजे वह उन्हें लेकर रुद्रपुर के लिए रवाना हुए। हरिद्वार से आते समय बीच जंगल में उनके पति ने गाड़ी रोक दी और पीछे मुड़कर उन्हें थप्पड़ मारा और कहा कि उन्होंने उन्हें और दूसरी स्त्री को पूरे स्टाफ में बदनाम कर दिया है। इतने में ही उनके पति ने रिवाल्वर निकालकर उनके ऊपर तान दी और कहा कि वह उन्हें मारकर यहीं जंगल में फेंक देंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। अचानक उनकी बड़ी बेटी नींद से जाग गई और रोने लगी, तब जाकर उनके पति ने रिवाल्वर वापस रखी और तेजी से गाड़ी चलाकर वह लोग रात करीब 3 बजे आईटीआई पहुंचे। शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न जारी वैजयंती ने बताया कि इसी बीच उनके पति ने विला नंबर बीटा-2, ओमेक्स रिवेरा कॉलोनी में खरीद लिया, जिसके गृह प्रवेश के दिन उनके पति ने उन्हें उनके मायके से फोन कर बुलाया। वह वहां आईं और उस विला के एक मंजिल में अपनी बेटियों के साथ रहने लगीं, जबकि दूसरी मंजिल पर उनके सास-ससुर रहने लगे। उनके पति अपनी पोस्टिंग पर रहने लगे, जबकि उनकी सास लगातार उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करती रहीं, गाली-गलौज करतीं और अमानवीय व्यवहार करती थीं। उनके पति ने घर खर्च देना पूरी तरह से बंद कर दिया। वैजयंती ने बताया कि इस बीच उनकी छोटी बेटी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन उनके पति और सास उसे देखने तक नहीं आए। उन्होंने अस्पताल में अकेले रहकर अपने मायके वालों से पैसे लेकर अपनी बेटी का इलाज कराया। इसके बाद उनकी बड़ी बेटी की आंखों में परेशानी होने लगी। जब उन्होंने अपने पति को फोन किया तो उन्होंने उनका फोन ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और कह दिया कि उन्हें उनसे और उनकी बेटियों से कोई लेना-देना नहीं है और कहा कि वह उन्हें तलाक दे दें और यह घर छोड़कर चली जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एक 2 बीएचके का फ्लैट और बेटियों के लिए 10-10 लाख रुपये मिल जाएंगे। वैजयंती का कहना है कि इसके बाद से उनके पति और सास द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। कभी उनके कमरे की लाइट बंद कर देते हैं, तो कभी पानी बंद कर देते हैं। पति कमरे में आकर गीजर खराब करके चले जाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की गहन जांच कराकर उन्हें और उनकी बेटियों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री के आदेश पर पंतनगर थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज एक्ट की धारा 3, 4 तथा आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुंचाना), 498ए (दहेज के लिए उत्पीड़न), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करना), 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच एसआई गणेश दत्त भट्ट को सौंप दी है।

मुख्यमंत्री के आदेश पर पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद इंस्पेक्टर पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज

पंतनगर  13 मई 2025 (समय बोल रहा) मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के सख्त आदेश के बाद पंतनगर पुलिस ने काशीपुर के पूर्व कोतवाल एके सिंह के दामाद, उत्तराखंड पुलिस में निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह और उनकी मां शकुंतला देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पीड़िता वैजयंती चंद की शिकायत…

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