79वें संत समागम की सेवाओं का मंगलमय आगाज सेवा बनी समर्पण की साधना हर हृदय से हो सेवा और मानवता का शुभारम्भ – निरंकारी राजपिता रमित जी
काशीपुर 20 सितम्बर, 2026 (समय बोल रहा) विविधताओं से सजे इस संसार में हमारे रूप, भाषाएँ और जीवन-शैलियाँ भले ही अलग हों, किंतु इन बाहरी भिन्नताओं के पीछे बसने वाली चेतना एक ही है। हम सभी इसी परमात्मा की संतान हैं, जिन्हें सतगुरु ने प्रेम के अदृश्य सूत्र में बाँधकर मानवता को एकता का संदेश…

