काशीपुर भाजपा संगठनात्मक जिले में पद वितरण को लेकर नाराज़गी की चर्चा, वरिष्ठ कार्यकर्ता बताए जा रहे असंतुष्ट

देहरादून, 23 अक्टूबर 2025 – (समय बोल रहा ) – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), उत्तराखंड ने संगठन को और मजबूती प्रदान करते हुए आज प्रदेश प्रवक्ताओं की नई सूची जारी कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा हस्ताक्षरित इस सूची में कुल नौ (9) नेताओं को प्रवक्ता पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह घोषणा तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। नई सूची में विधायकों, अनुभवी कार्यकर्ताओं और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों को स्थान दिया गया है, जो पार्टी की संचार रणनीति को धार देंगे। प्रमुख नियुक्तियाँ और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जारी की गई सूची में सबसे प्रमुख नामों में दो वर्तमान विधायकों को शामिल किया गया है: श्री खजान दास, विधायक (देहरादून महानगर) श्री विनोद चमोली, विधायक (देहरादून महानगर) देहरादून महानगर से सर्वाधिक चार प्रवक्ताओं को नामित किया गया है, जबकि क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए पिथौरागढ़, नैनीताल, काशीपुर और देहरादून ग्रामीण क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। नव-नियुक्त प्रदेश प्रवक्ताओं के नाम और जिले इस प्रकार हैं: क्र.सं.नामजिला/क्षेत्र1.श्री खजान दास, विधायकदेहरादून महानगर2.श्री विनोद चमोली, विधायकदेहरादून महानगर3.श्री मथुरा दत्त जोशीपिथौरागढ़4.श्री नवीन ठाकुरदेहरादून ग्रामीण5.श्री गुरविन्दर सिंह चण्डोककाशीपुर6.श्री कुंवर जपेन्द्र सिंहदेहरादून महानगर7.श्रीमती हनी पाठकदेहरादून महानगर8.सुश्री कमलेश रमनदेहरादून महानगर9.श्री विकास भगतनैनीताल इस नियुक्ति में श्री गुरविन्दर सिंह चण्डोक को काशीपुर क्षेत्र से प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी और तेजतर्रार प्रवक्ताओं की यह नई टीम सरकार की नीतियों और संगठन की विचारधारा को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने में सफल रहेगी।

काशीपुर 20 मार्च 2026 (समय बोल रहा)

कुछ कार्यकर्ताओं ने जताई नाराज़गी, नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने पर चर्चा तेज

काशीपुर के भाजपा संगठनात्मक जिले में इन दिनों अंदरूनी हलचल और आपसी मतभेद की चर्चा सामने आ रही है। पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच हाल ही में हुए पद वितरण को लेकर असंतोष की बात कही जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का मानना है कि पदों के वितरण में संतुलन नहीं रखा गया, जिसके चलते लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, कुछ नए चेहरों को संगठन में जिम्मेदारी मिलने को लेकर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

कई कार्यकर्ताओं द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप उन्हें स्थान नहीं मिल पाया।

वहीं, कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि संगठन की कार्यप्रणाली “प्राइवेट लिमिटेड” की तरह संचालित होती दिखाई दे रही है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

सोशल मीडिया पर भी कुछ प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिनमें कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी भावनाएं व्यक्त की गई हैं।फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन इन चर्चाओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को किस तरह संबोधित करता है।

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