ऊधमसिंह नगर में सोमवार को स्कूल-आंगनवाड़ी बंद: मौसम विभाग ने जारी किया ‘रेड अलर्ट’, छात्रों की सुरक्षा पर विशेष जोर

रुद्रपुर, 31 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा) – ऊधमसिंह नगर जिले में एक बार फिर मौसम की गंभीर चेतावनी के कारण शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के मद्देनजर, सोमवार, 01 सितंबर 2025 को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल, साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जिलाधिकारी और जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष, श्री नितिन सिंह भदौरिया ने बच्चों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।

मौसम विभाग ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में बताया है कि 31 अगस्त से 04 सितंबर 2025 तक उत्तराखंड के जनपदों में औसत से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान गरज के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली चमकने के तीव्र दौर भी हो सकते हैं। विशेष रूप से, 31 अगस्त को ऊधमसिंह नगर जिले को ‘रेड अलर्ट’ की श्रेणी में रखा गया है, जो अत्यंत गंभीर मौसम की स्थिति का संकेत देता है। 01 सितंबर को भी जिले में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जो संभावित खतरे को दर्शाता है। लगातार हो रही बारिश से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-30(2) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जनपद ऊधमसिंह नगर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी राजकीय (सरकारी), परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के साथ-साथ सभी आंगनवाड़ी केंद्र भी 01 सितंबर 2025 को बंद रहेंगे। यह निर्णय पूरी तरह से छात्रहित और बाल्यहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
यह आदेश प्रशासन की दूरदर्शिता को दर्शाता है, जो संभावित आपदा के जोखिम को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। सड़कों पर जलभराव और आवागमन में होने वाली दिक्कतें बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, और इसीलिए यह निवारक कदम उठाया गया है।
आदेश का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी
आदेश में सभी तहसील और संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। इसमें एक सख्त चेतावनी भी शामिल है: यदि कोई भी विद्यालय इस आदेश की अवहेलना करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह चेतावनी यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि सभी शैक्षणिक संस्थान बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की तैयारी
इस आदेश की प्रतिलिपि उत्तराखंड शासन, कुमाऊं मंडल और जिले के सभी महत्वपूर्ण अधिकारियों को भेजी गई है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, और जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) शामिल हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी आपात स्थिति में सभी विभाग एक साथ और प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी को भी निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जनहित में निःशुल्क करें, ताकि जिले का कोई भी नागरिक इस महत्वपूर्ण जानकारी से वंचित न रहे। यह सार्वजनिक घोषणा यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि सभी माता-पिता और अभिभावक समय पर सूचित हो जाएं और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा सकें।
यह निर्णय प्रशासन की ओर से एक जिम्मेदार और समय पर उठाया गया कदम है, जो नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है और संभावित जोखिमों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे भी मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें, और किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से संपर्क करें।