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बड़ी खबर : 21 फरवरी से शुरू होंगी उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं

रामनगर 06 जनवरी 2026 (समय बोल रहा) उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह निर्णय मंगलवार को परिषद कार्यालय, रामनगर (नैनीताल) में आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के अनुसार, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की…

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करणी सेना उत्तराखंड की कोर कमेटी बैठक रामनगर में संपन्न, संगठन विस्तार और नई जिम्मेदारियों की घोषणा

रामनगर स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में करणी सेना उत्तराखंड की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें संगठन के विस्तार, देवभूमि उत्तराखंड की सुरक्षा, महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि संरक्षण, लव जिहाद, लैंड जिहाद और भ्रष्ट अधिकारियों व नेताओं के खिलाफ रणनीति पर…

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रामनगर, 15 अक्टूबर (समय बोल रहा) – अब अगर आप रामनगर से गर्जिया होते हुए पहाड़ के विभिन्न हिस्सों की ओर जाना चाह रहे हैं, तो परिवहन विभाग के नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए रामनगर से गर्जिया, रानीखेत जाने वाले रास्ते पर स्थित आमडंडा में विभाग द्वारा ऑनलाइन निगरानी शुरू कर दी गई है। एआरटीओ सुरेन्द्र सिंह कपकोटी ने बताया कि विगत 11 सितंबर से इस मार्ग पर यातायात नियमों को तोड़ने वालों के लिए कैमरे लगा दिए गए हैं, जो देहरादून मुख्यालय से ऑपरेट हो रहे हैं। इन कैमरों के माध्यम से ऑनलाइन चालान काटे जा रहे हैं, जिसका मैसेज सीधे वाहन स्वामी के मोबाइल पर आ रहा है। यह चालान तीन महीने के अंदर जमा करना आवश्यक है, अन्यथा यह सीधे न्यायालय भेज दिया जाएगा। जुर्माने और मुख्य नियम: एआरटीओ ने जुर्माने की राशि की जानकारी देते हुए बताया कि: बिना हेलमेट, तीन सवारी और बिना सीट बेल्ट पर एक हजार रुपये का जुर्माना है। ओवर स्पीड पर दो हजार रुपये का जुर्माना है। दो पहिया वाहन पर दोनों सवारियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है, अन्यथा उनका भी ऑनलाइन चालान कटेगा। श्री कपकोटी ने बताया कि एक माह में अभी तक कुल 1482 चालान काटे जा चुके हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात के नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

गर्जिया मंदिर रूट पर जाने वाले हो जाएं सावधान! आमडंडा में लगे कैमरों से RTO काट रहा ऑनलाइन चालान, एक माह में 1482 पर जुर्माना

रामनगर, 15 अक्टूबर (समय बोल रहा) – अब अगर आप रामनगर से गर्जिया होते हुए पहाड़ के विभिन्न हिस्सों की ओर जाना चाह रहे हैं, तो परिवहन विभाग के नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए रामनगर से गर्जिया, रानीखेत जाने वाले रास्ते पर स्थित आमडंडा में…

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रामनगर, 31 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – रामनगर में परिवहन विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के पद पर कार्यरत रहे सुरेन्द्र कपकोटी ने आज रामनगर पहुंचकर नए ARTO के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनकी नियुक्ति को यहां के परिवहन व्यवस्था के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, अब तक रामनगर की जिम्मेदारी संभाल रहे ARTO संदीप वर्मा को काशीपुर में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिवहन विभाग में हुए इस फेरबदल को प्रशासनिक दक्षता और व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इन तबादलों से दोनों ही क्षेत्रों में परिवहन संबंधी मुद्दों को प्रभावी ढंग से सुलझाने में मदद मिलेगी। रामनगर के लिए नई उम्मीद रामनगर, अपनी भौगोलिक स्थिति और पर्यटन के केंद्र के रूप में, परिवहन के लिहाज से एक बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में यह पूरे साल पर्यटकों की आवाजाही का केंद्र बना रहता है। इसके साथ ही, स्थानीय और व्यावसायिक वाहनों का भारी दबाव भी रहता है। ऐसे में, परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। नए ARTO सुरेन्द्र कपकोटी के सामने कई प्रमुख चुनौतियां होंगी। उन्हें ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर अंकुश लगाना होगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी उनकी प्राथमिकताओं में से एक होगा। रामनगर में यातायात नियमों के उल्लंघन, खासकर पर्यटन वाहनों से संबंधित मामलों को अक्सर देखा जाता है। कपकोटी के अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे इन चुनौतियों का सामना करते हुए व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे। संदीप वर्मा के लिए काशीपुर की जिम्मेदारी रामनगर में अपने कार्यकाल के दौरान, संदीप वर्मा ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे और स्थानीय लोगों के साथ उनका अच्छा समन्वय रहा। उनकी कार्यशैली को देखते हुए, उन्हें अब काशीपुर जैसे औद्योगिक और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भेजा गया है। काशीपुर एक बड़ा औद्योगिक हब है, जहाँ भारी वाहनों और मालवाहक ट्रकों की आवाजाही काफी ज्यादा होती है। यहां परिवहन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना एक जटिल कार्य है। संदीप वर्मा के सामने यहां ओवरलोडिंग, प्रदूषण नियंत्रण और व्यावसायिक वाहनों के लिए परमिट जारी करने जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा। इसके साथ ही, उन्हें लाइसेंसिंग प्रक्रिया को भी और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना होगा। उनका अनुभव और प्रशासनिक दक्षता काशीपुर की परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहायक साबित होगी। तबादलों का महत्व: व्यवस्था में सुधार की पहल परिवहन विभाग में अधिकारियों के ये तबादले एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में नई कार्यशैली और दृष्टिकोण लाना होता है। अक्सर, एक अधिकारी का लंबे समय तक एक ही जगह पर रहना कार्यप्रणाली को स्थिर कर सकता है, इसलिए समय-समय पर बदलाव आवश्यक होते हैं। इन तबादलों से विभाग को नए दृष्टिकोण से काम करने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का अवसर मिलता है। जनता को उम्मीद है कि ये दोनों अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाएंगे। रामनगर में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है, जबकि काशीपुर में औद्योगिक विकास के साथ-साथ परिवहन नियमों का पालन करवाना भी महत्वपूर्ण है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों को कैसे संभालते हैं और क्या वे लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतर पाते हैं।

परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल: रामनगर को मिले नए ARTO, संदीप वर्मा को मिली काशीपुर की जिम्मेदारी

रामनगर, 31 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – रामनगर में परिवहन विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के पद पर कार्यरत रहे सुरेन्द्र कपकोटी ने आज रामनगर पहुंचकर नए ARTO के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनकी…

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रामनगर/मालधन, 18 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – मालधन क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और नशे के खिलाफ आज महिला एकता मंच के आह्वान पर एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सोमवार को पूरे दिन मालधन का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। "नशा नहीं, इलाज दो" के जोरदार नारों के साथ इस बंद को क्षेत्र की 40,000 से अधिक आबादी का अभूतपूर्व समर्थन मिला। मेडिकल स्टोर, हलवाई, दूध व्यवसायी, खोखा और फुटपाथ दुकानदार सहित सभी ने अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन को अपनी ताकत दी। सड़कों पर उतरी महिलाएं और ग्रामीण सुबह 7 बजे से ही महिलाएँ और आम नागरिक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। विरोध का यह सिलसिला दिन भर चला और दोपहर 1 बजे एक विशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मालधन के मुख्य चौराहे पर आकर एक बड़े धरने में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली के साथ-साथ क्षेत्र में नशे पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। आंदोलन की प्रमुख मांगें आंदोलनकारियों ने सरकार और प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं: डॉक्टरों की तत्काल वापसी: मालधन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्थानांतरित किए गए फिजिशियन डॉ. प्रशांत कौशिक और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना कौशिक का ट्रांसफर रद्द किया जाए, या उनकी जगह अन्य डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के साथ एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, प्रसव और ऑपरेशन जैसी सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध कराई जाएं। नशे पर लगाम: क्षेत्र में नई खोली गई शराब की दुकानों को बंद किया जाए और अवैध एवं कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया जाए। सरकार पर हमला और 'नशे की मंडी' बनाने का आरोप सभा को संबोधित करते हुए महिला एकता मंच की भगवती आर्य ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "भाजपा सरकार ने डॉक्टरों का ट्रांसफर कर 40 हजार की आबादी को मौत के मुंह में धकेल दिया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "दुर्घटना या प्रसव जैसी स्थिति में पहला घंटा जीवन बचाने के लिए 'गोल्डन आवर' होता है, और अगर इलाज न मिले तो मौत तय है, चाहे व्यक्ति कितना भी अमीर क्यों न हो।" ममता नामक एक अन्य सदस्य ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि "इलाज देने की बजाय सरकार शराब पिलाने में जुटी है।" उन्होंने सरकार पर मालधन को 'नशे की मंडी' बनाने का आरोप लगाया और गोपाल नगर में नई खोली गई शराब की दुकान को तुरंत बंद करने की मांग की। आंदोलन को तेज करने की चेतावनी महिला एकता मंच ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को जल्द ही पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी। उन्होंने कहा कि वे भाजपा नेताओं का थाली-कनस्तर बजाकर घेराव करेंगी और क्षेत्र में अनिश्चितकालीन चक्का जाम भी करेंगी। विभिन्न संगठनों का मिला समर्थन मालधन के इस ऐतिहासिक आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिला है। धरना-प्रदर्शन और जुलूस में प्रगतिशील महिला एकता मंच की तुलसी छिम्वाल, ग्राम प्रधान चन्द्रनगर जगमोहन, ग्राम प्रधान गोपालनगर संजीव, किसान संघर्ष समिति के ललित उप्रेती, महेश जोशी, समाजवादी लोकमंच के मुनीष कुमार, सुरेश चन्द्र खंतवाल और युवा एकता मंच के इंद्रजीत सहित कई संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिससे आंदोलन को एक व्यापक आधार मिला। यह एकजुटता दर्शाती है कि स्वास्थ्य और नशामुक्ति जैसे मुद्दों पर पूरा क्षेत्र एक साथ खड़ा है। जनता की उम्मीद और सरकार की जिम्मेदारी मालधन में हुए इस विशाल प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब केवल वादों पर शांत नहीं बैठेगी। डॉक्टरों की वापसी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग के साथ-साथ नशे पर रोक की मांग ने इस आंदोलन को एक बहुआयामी रूप दिया है। अब यह सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे जनता की मांगों को सुनें और इस गंभीर समस्या का समाधान निकालें। यह देखना बाकी है कि सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।

डॉक्टरों के ट्रांसफर से मालधन में जनता का फूटा गुस्सा, ‘नशा नहीं, इलाज दो’ के नारों के साथ बाजार बंद कर किया विरोध प्रदर्शन

रामनगर/मालधन, 18 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – मालधन क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और नशे के खिलाफ आज महिला एकता मंच के आह्वान पर एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सोमवार को पूरे दिन मालधन का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। “नशा नहीं, इलाज दो” के जोरदार नारों के…

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रामनगर, 10 अगस्त 2025 (समय बोल रहा ) – रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित कुख्यात धनगढ़ी नाला आज एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बना। लगातार हो रही बारिश के बीच एक यात्री बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए, जिससे बस अनियंत्रित होकर सामने से आ रही एक बाइक से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में बाइक पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने एक बार फिर बरसात के मौसम में इस नाले की खतरनाक स्थिति को उजागर कर दिया है। कैसे हुआ हादसा? यह हादसा आज सुबह उस समय हुआ जब पहाड़ों की ओर जा रही एक यात्री बस धनगढ़ी नाले को पार कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब नाले के बीच पहुंची तो उसके ब्रेक ने अचानक काम करना बंद कर दिया। भीगी और फिसलन भरी सड़क पर चालक ने बस को रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहा। अनियंत्रित बस ने सीधे सामने से आ रही एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दो युवक दूर जा गिरे और बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों ने तत्काल मदद के लिए दौड़ लगाई। उन्होंने तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें बस से दूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत रामनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की स्थिति पर अभी और जानकारी आनी बाकी है। धनगढ़ी नाले का खतरा बढ़ा धनगढ़ी नाला अपने तेज बहाव और खतरनाक मोड़ के कारण पहले से ही सुर्खियों में रहता है। बरसात के मौसम में यहां पानी का बहाव बढ़ जाता है और सड़क पर फिसलन और कीचड़ की वजह से चलना मुश्किल हो जाता है। इस नाले में पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके। यह हादसा वाहन चालकों के लिए भी एक चेतावनी है कि इस मौसम में इस रास्ते पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

रामनगर: धनगढ़ी नाले में बड़ा हादसा, बस के ब्रेक फेल, बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल

रामनगर, 11 अगस्त 2025 (समय बोल रहा ) – रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित कुख्यात धनगढ़ी नाला आज एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बना। लगातार हो रही बारिश के बीच एक यात्री बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए, जिससे बस अनियंत्रित होकर सामने से आ रही एक बाइक से टकरा गई। इस भीषण…

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बन्नाखेड़ा, 25 जुलाई 2025 (समय बोल रहा) – उत्तराखंड के ग्राम बन्नाखेड़ा में गुरुवार देर रात चोरों की अफवाह और आसमान में एक ड्रोन दिखने की घटना ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली। गांव में फैली अफवाह के कारण बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए थे, तभी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने भीड़ के बीच से गुजरते हुए सोरन कश्यप नामक युवक को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में सोरन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद शुक्रवार को सोरन की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया, आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी और उस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही थी। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। रात के सन्नाटे में फैली अफवाह, सड़क पर उमड़ा जनसैलाब घटना गुरुवार देर रात की है, जब ग्राम बन्नाखेड़ा का शांत माहौल अचानक एक अफवाह से गरमा गया। गांव में किसी ने आसमान में एक ड्रोन दिखने की बात फैलाई, और इसके साथ ही चोरों के गांव में घुसने की अफवाह भी तेजी से फैल गई। यह अफवाह आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। अपने घरों की सुरक्षा और चोरों को पकड़ने की नियत से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और बच्चे अपने घरों से बाहर निकलकर सड़क किनारे जमा हो गए। सभी की निगाहें ड्रोन और चोरों की तलाश में थीं, और वे एक-दूसरे से घटनाक्रम को लेकर बात कर रहे थे। इसी दौरान, बन्नाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय सोरन कश्यप पुत्र कन्हई भी अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों के साथ सड़क पर आ गए थे। उन्हें भी गांव की सुरक्षा की चिंता थी और वे अन्य लोगों के साथ मिलकर स्थिति को समझने का प्रयास कर रहे थे। तेज रफ्तार कार ने ली सोरन की जान, हादसा या लापरवाही? ग्रामीणों के सड़क पर जमा होने के इसी नाजुक पल में, एक तेज गति से आती कार ने ग्रामीणों के बीच से निकलने का प्रयास किया। सड़क पर भीड़ और रात के अंधेरे में, कार चालक ने शायद नियंत्रण खो दिया या भीड़ को नजरअंदाज किया, और सीधे 25 वर्षीय सोरन कश्यप को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोरन हवा में उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर हड़कंप मच गया। लोग चोरों की अफवाह को भूलकर सोरन की ओर दौड़े। पुलिस को तत्काल सूचना दी गई, और लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल सोरन को तुरंत उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने सोरन कश्यप को मृत घोषित कर दिया। उनकी असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। पहली बार हंगामा और पुलिस का हस्तक्षेप सोरन कश्यप की मौत की खबर सुनते ही उनके परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही जमकर हंगामा शुरू कर दिया। वे आरोपी कार चालक पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए मोर्चा संभाला और परिजनों व ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। न्याय की मांग पर शव रखकर फिर हुआ प्रदर्शन हालांकि, पुलिस के आश्वासन के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शुक्रवार को, जब सोरन कश्यप का अंतिम संस्कार किया जाना था, परिजनों और ग्रामीणों ने एक बार फिर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सोरन के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग स्पष्ट थी: जब तक आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा और उसे पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का भरसक प्रयास किया। इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक बाजपुर, प्रवीण कोश्यारी, ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर वे तहरीर देते हैं, तो आरोपी के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद, परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का कारण बनने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। केस दर्ज होने के बाद ही परिजनों ने आक्रोशित मन से सोरन कश्यप का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की तलाश जारी, क्षेत्र में भय का माहौल प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी ने मीडिया को बताया कि "सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई थी। परिजन आरोपी वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोश दिखा रहे थे। तहरीर के बाद पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है और उसकी तलाश की जा रही है।" पुलिस टीमें आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह घटना ग्राम बन्नाखेड़ा में चोरों की अफवाह और ड्रोन के कारण सड़क पर भीड़ जमा होने के अप्रत्याशित परिणाम को दर्शाती है। सोरन कश्यप की दुखद मौत ने न केवल उनके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे गांव में शोक और भय का माहौल भी पैदा कर दिया है। यह घटना अफवाहों के प्रसार और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करती है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

रामनगर: गर्जिया में भीषण सड़क हादसा, स्कूली बच्चों को ले जा रहे टेम्पो को कार ने मारी टक्कर; 8 बच्चे समेत 10 गंभीर घायल

रामनगर, 24 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा ) – रामनगर के ग्राम गर्जिया में बृहस्पतिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब सुंदरखाल से ढिकुली राजकीय विद्यालय जा रहे स्कूली बच्चों से भरे एक टेम्पो को गर्जिया के पास…

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बाजपुर, 15 जुलाई, 2025 (समय बोल रहा ) : वन विभाग और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को बाजपुर-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित एक अमरूद के बगीचे में छापेमारी कर खैर की 11 गिल्टे (गोल लट्ठे) बरामद किए हैं। इस अवैध लकड़ी की अनुमानित कीमत डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। मौके से एक बड़ा तराजू भी बरामद हुआ है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अवैध रूप से काटी गई इस लकड़ी को यहीं पर तौलकर बेचने की तैयारी चल रही थी। हालांकि, छापेमारी दल के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में अब सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई वन विभाग को मिली एक खुफिया सूचना के आधार पर की गई। मुखबिर ने बताया था कि हल्द्वानी रोड पर स्थित एक निजी अमरूद के बाग में खैर की भारी मात्रा में अवैध लकड़ी का भंडारण किया गया है, और जल्द ही इसे ठिकाने लगाने की योजना है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, वन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल एसओजी टीम के साथ समन्वय स्थापित किया और सोमवार दोपहर बाद बगीचे पर छापा मारने का निर्णय लिया गया। छापेमारी दल जब बगीचे के भीतर दाखिल हुआ, तो उन्हें पेड़ों के झुरमुट में सावधानी से छिपाकर रखे गए खैर के विशालकाय 11 गिल्टे मिले। इन गिल्टों का आकार और गुणवत्ता यह दर्शाती है कि यह लकड़ी काफी मूल्यवान है। एसओजी प्रभारी अशोक टम्टा ने समय बोल रहा को जानकारी देते हुए बताया, "हमें मिली सटीक सूचना पर यह सफल कार्रवाई की गई है। बरामद की गई खैर की लकड़ी की गुणवत्ता काफी अच्छी है, और हमने इसकी कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये निर्धारित की है। यह लकड़ी अवैध रूप से काटी गई प्रतीत होती है, और इसकी तस्करी की तैयारी थी।" तस्करी के संकेत और आगे की जांच टम्टा ने आगे स्पष्ट किया, "बरामद लकड़ी के साथ जो तराजू मिला है, वह यह दर्शाता है कि मौके पर ही खरीद-फरोख्त की जा रही थी। हालांकि, हमारे पहुंचने से पहले ही संदिग्ध व्यक्ति फरार हो गया। बरामद खैर की लकड़ी और तराजू को रामनगर स्थित वन विभाग की वर्कशॉप में सुरक्षित रखवा दिया गया है। हम फरार आरोपी की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्तरों पर जांच कर रहे हैं।" खैर का पेड़ (Acacia catechu) अपनी अत्यंत मूल्यवान लकड़ी के लिए जाना जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कत्था निर्माण, टिकाऊ फर्नीचर, कृषि उपकरण और औषधीय प्रयोजनों के लिए किया जाता है। इसकी धीमी वृद्धि दर और उच्च आर्थिक मूल्य के कारण, खैर की अवैध कटाई और तस्करी उत्तराखंड सहित देश के कई हिस्सों में एक गंभीर पर्यावरणीय और कानूनी चुनौती बनी हुई है। अवैध रूप से खैर काटना न केवल वनों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि जैव विविधता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। वन विभाग की अपील और चुनौती वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में वन संपदा की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध लकड़ी के व्यापार में शामिल सिंडिकेट को तोड़ने के लिए खुफिया जानकारी एकत्र की जा रही है और ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस विशेष मामले में, जांच दल अब आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है और स्थानीय मुखबिरों से और जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है ताकि फरार आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों ने वन विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से वन कानूनों को और मजबूत करने तथा अवैध कटाई को रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की अपील की है। यह घटना एक बार फिर इस बात पर प्रकाश डालती है कि उत्तराखंड के वन संसाधनों को बचाने के लिए निरंतर सतर्कता और समुदाय की भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है।

बाजपुर में 11 गिल्टे खैर की अवैध लकड़ी बरामद; वन विभाग और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई, आरोपी फरार

बाजपुर, 15 जुलाई, 2025 (समय बोल रहा ) : वन विभाग और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को बाजपुर-हल्द्वानी मार्ग पर स्थित एक अमरूद के बगीचे में छापेमारी कर खैर की 11 गिल्टे (गोल लट्ठे) बरामद किए हैं। इस अवैध लकड़ी की अनुमानित कीमत डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है।…

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नैनीताल, 7 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के नैनीताल में सैलानियों की स्टंटबाजी का एक और खतरनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। ज्योलिकोट क्षेत्र में एक तेज़ रफ्तार चलती हरियाणा नंबर की कार से, उसमें सवार कुछ पर्यटक सनरूफ और खिड़कियों से बाहर झांककर जानलेवा तरीके से फोटो खिंचवाते हुए नजर आए। इस खतरनाक स्टंट को देखकर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी फैल गई और आम लोगों ने नैनीताल पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल चालान काटा, बल्कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की सख्त चेतावनी भी दी है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स बटोरने का जुनून किस हद तक लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। तेज रफ्तार कार, खतरनाक पोज़: वायरल वीडियो की पूरी कहानी वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक हरियाणा नंबर की तेज रफ्तार कार ज्योलिकोट क्षेत्र से गुजर रही है। कार में सवार कुछ युवक और युवतियां, सनरूफ से बाहर निकलकर और खिड़कियों से आधा शरीर बाहर निकालकर खतरनाक तरीके से पोज दे रहे हैं। वे चलती गाड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर फोटो और वीडियो बना रहे थे, संभवतः सोशल मीडिया पर 'रील्स' या पोस्ट डालने के उद्देश्य से। इस तरह की हरकतें न केवल उनमें सवार व्यक्तियों के लिए बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करती हैं। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। गुस्साए यूजर्स ने इसे 'लापरवाही की हद' और 'पर्यटन स्थलों पर अराजकता' करार दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने नैनीताल पुलिस और उत्तराखंड पुलिस को टैग करते हुए ऐसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसएसपी का त्वरित संज्ञान: तुरंत हुई चालानी कार्रवाई और काउंसलिंग नैनीताल जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रह्लाद नारायण मीणा ने वायरल वीडियो का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित वाहन और उसके चालक को तत्काल चिन्हित करने के निर्देश दिए। एसएसपी के निर्देशों पर हरकत में आई पुलिस टीम ने फुटेज के आधार पर वाहन नंबर का पता लगाया और हरियाणा नंबर की उस गाड़ी को ट्रेस कर लिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन चालक के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। वाहन चालक पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत निर्धारित धाराओं में जुर्माना लगाया गया। सिर्फ चालान तक ही बात नहीं रुकी, पुलिस ने कार में सवार परिवार के अन्य सदस्यों की भी काउंसलिंग की। इस काउंसलिंग का उद्देश्य उन्हें उनके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के खतरों से अवगत कराना और भविष्य में ऐसी गलतियों को दोहराने से रोकना था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस से माफी मांगी। उसने भविष्य में कभी भी ऐसी लापरवाही न करने का वादा भी किया। यह पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम था कि अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिला और उन्हें अपनी गलती का एहसास भी हुआ। सड़क हादसों पर लगाम: एसएसपी के सख्त निर्देश और पुलिस की अपील नैनीताल जनपद में सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने सभी थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, अब जिले में ड्रंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाना), ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार), रैश ड्राइविंग (लापरवाह ड्राइविंग) और स्टंटबाजी के खिलाफ एक विशेष और सघन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ऐसी किसी भी गतिविधि पर कड़ी नजर रखेगी जो सड़क सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। नैनीताल पुलिस ने आम जनता, विशेषकर पर्यटकों से एक सख्त अपील जारी की है: "चलती गाड़ी में किसी भी तरह की स्टंटबाजी न करें।" "सनरूफ का मतलब खतरनाक पोज़ देना नहीं है। यह सुविधा यात्रियों के आराम और आनंद के लिए है, न कि जान जोखिम में डालकर स्टंट करने के लिए।" "सोशल मीडिया पर फोटो सेशन के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालकर हादसे को न बुलाओ।" 'लाइक्स की भूख' और सड़क सुरक्षा: एक गंभीर चेतावनी यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई की ओर इशारा करती है कि सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोवर्स बटोरने की भूख, लोगों की अपनी और दूसरों की जान के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती है। पर्यटक स्थलों पर लोग अक्सर अपनी यात्रा को यादगार बनाने और सोशल मीडिया पर 'अलग' दिखने के लिए ऐसी खतरनाक हरकतें कर बैठते हैं, जो अंततः गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल, जहां हर साल लाखों की संख्या में सैलानी आते हैं, यदि पर्यटक खुद ही नियमों को तोड़ने लगेंगे और खतरनाक स्टंट करेंगे, तो फिर दुर्घटनाओं से कैसे बचा जा सकेगा? यह एक गंभीर सवाल है जो पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की नैतिकता पर विचार करने को मजबूर करता है। नैनीताल पुलिस की यह सख्त चेतावनी है कि अब अगर उत्तराखंड की सड़कों पर किसी भी तरह की स्टंटबाजी की गई, तो सिर्फ वीडियो वायरल नहीं होगा, बल्कि तुरंत चालान कटेगा और कानूनी केस भी साथ में चलेगा। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है: "सैर पर आइए, देवभूमि उत्तराखंड के संस्कार लेकर जाइए, स्टंट नहीं।" यह संदेश न केवल पर्यटकों के लिए है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो सड़क सुरक्षा नियमों को हल्के में लेते हैं और अपनी जान जोखिम में डालते हैं। उम्मीद है कि इस कार्रवाई से सबक लिया जाएगा और भविष्य में ऐसी लापरवाहियां रुकेंगी।

नैनीताल में ‘रील्स’ का जुनून पड़ा महंगा! चलती कार से स्टंट कर रहे हरियाणा के पर्यटक पर गिरी गाज, पुलिस ने काटा चालान और दी सख्त चेतावनी: ‘अब वीडियो नहीं, सीधा केस चलेगा

नैनीताल, 7 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के नैनीताल में सैलानियों की स्टंटबाजी का एक और खतरनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। ज्योलिकोट क्षेत्र में एक तेज़ रफ्तार चलती हरियाणा नंबर की कार से, उसमें सवार कुछ पर्यटक सनरूफ और खिड़कियों…

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टनकपुर, 5 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के टनकपुर से आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा का आगाज़ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को टनकपुर पर्यटक आवास गृह से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र मार्ग है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह अब भौगोलिक सीमाओं को लांघते हुए शिव से साक्षात्कार का एक सशक्त माध्यम बन गई है, जहां पहले सप्ताह भर का समय लगता था, वह अब कुछ ही घंटों में संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वयं उपस्थित होकर यात्रियों का न केवल पारंपरिक रूप से स्वागत किया, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े स्मृति चिह्न और मालाएं भेंट कर उन्हें भावभीनी विदाई भी दी। विविधता में एकता: 11 राज्यों से आए 45 श्रद्धालुओं का पहला दल इस ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल में देश के विभिन्न कोनों से आए कुल 45 श्रद्धालु शामिल हैं। यह दल भारत की आध्यात्मिक विविधता में एकता का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करता है। इन यात्रियों में 32 पुरुष और 13 महिलाएं हैं, जो छत्तीसगढ़, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे 11 विभिन्न राज्यों से अपनी आस्था और भक्ति के साथ इस पवित्र यात्रा के लिए टनकपुर पहुंचे थे। यह तथ्य स्वयं में दर्शाता है कि कैलाश मानसरोवर की आध्यात्मिक ऊर्जा देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक यात्री से संवाद किया। उन्होंने यात्रियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत किया और उनसे उनकी यात्रा संबंधी तैयारियों और अपेक्षाओं के बारे में जानकारी ली। सीएम ने बताया कि उनकी सरकार यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम धामी का संबोधन: केवल यात्रा नहीं, आत्मिक जागरण का मार्ग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और जनता को संबोधित करते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मिक और आध्यात्मिक जागरण का मार्ग है।" सीएम ने जोर देकर कहा कि जो श्रद्धालु इस अद्वितीय यात्रा के सहभागी बन रहे हैं, वे केवल एक भौगोलिक यात्रा नहीं कर रहे, बल्कि वे समर्पण और आत्म-साक्षात्कार की एक गहरी अनुभूति लेकर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भूमि के धार्मिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि "उत्तराखंड की पवित्र धरती के कण-कण में भगवान शिव का वास है। यह देवभूमि अनादि काल से ही आध्यात्मिकता का केंद्र रही है और कैलाश मानसरोवर की यात्रा इसी की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।" पीएम मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व: सीमाओं को लांघती 'शिव से साक्षात्कार' की यात्रा अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले जिस कैलाश मानसरोवर यात्रा में दुर्गम रास्तों और कठिन परिस्थितियों के कारण सात दिन या उससे भी अधिक का समय लगता था, अब वह प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से कुछ ही घंटों में संभव हो सकी है। यह एक अभूतपूर्व उपलब्धि है जिसने श्रद्धालुओं के लिए इस पवित्र धाम तक पहुंच को बहुत आसान बना दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से यह यात्रा अब केवल एक भौगोलिक मार्ग नहीं रही, बल्कि यह सीमाओं को लांघते हुए शिव से साक्षात्कार का एक सशक्त माध्यम बन गई है।" इसका सीधा अर्थ यह है कि आधारभूत संरचना के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण श्रद्धालु अब कम समय और अधिक सुविधा के साथ इस पवित्र स्थान तक पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी आध्यात्मिक यात्रा और भी सुगम बन गई है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता: सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मुख्यमंत्री धामी ने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड सरकार कैलाश मानसरोवर यात्रा को प्रत्येक यात्री के लिए सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग के प्रत्येक पड़ाव पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इनमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, आरामदायक आवास व्यवस्था, पौष्टिक भोजन, पुख्ता सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रद्धालुओं को अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह प्रतिबद्धता श्रद्धालुओं को बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने अंत में भगवान भोलेनाथ से सभी यात्रियों की सफल, मंगलमय और सुरक्षित यात्रा की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगी, बल्कि उत्तराखंड की देवभूमि छवि को भी और मजबूत करेगी। आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा कैलाश मानसरोवर यात्रा को सुगम बनाने और उसके पहले दल को मुख्यमंत्री द्वारा रवाना किया जाना उत्तराखंड में आध्यात्मिक पर्यटन को एक नई गति देगा। यह न केवल राज्य की आय में वृद्धि करेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। कैलाश मानसरोवर जैसे पवित्र स्थलों तक आसान पहुंच से देश-विदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड की ओर आकर्षित होंगे, जिससे राज्य की पहचान एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और भी प्रगाढ़ होगी। यह यात्रा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर भी प्रदर्शित करेगी।

इतिहास रचते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल निकला! CM धामी ने टनकपुर से दी हरी झंडी, पीएम मोदी के ‘विजन’ से अब घंटों में शिव के दर्शन

टनकपुर, 5 जुलाई, 2025 – (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के टनकपुर से आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा का आगाज़ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को टनकपुर पर्यटक आवास गृह से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक…

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