काशीपुर, 21 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में मजहबी सिख समुदाय के सशक्तिकरण और एकजुटता की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। काशीपुर में उत्तराखंड प्रदेश मजहबी सिख महासभा की विधिवत स्थापना की गई, जिसके साथ ही संगठन की पहली बैठक में अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर, सर्वसम्मति से चरणजीत सिंह संजोता को महासभा का पहला अध्यक्ष चुना गया। यह पहल राज्य भर के मजहबी सिख समुदाय को एक मजबूत मंच प्रदान करेगी, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक हितों की रक्षा की जा सकेगी। महासभा की नींव: समुदाय की एकता का प्रतीक उत्तराखंड प्रदेश मजहबी सिख महासभा की स्थापना एक लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता का परिणाम है। मजहबी सिख समुदाय, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास करता है, को अक्सर अपनी विशिष्ट पहचान और जरूरतों को सामने रखने के लिए एक संगठित मंच की कमी महसूस होती थी। आज काशीपुर में इस महासभा की नींव रखे जाने के साथ, समुदाय ने अपनी एकता और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया है। इस स्थापना बैठक के लिए एक निश्चित तिथि निर्धारित की गई थी, जिसके चलते राज्य के कोने-कोने से मजहबी सिख समाज के लोग बड़ी संख्या में काशीपुर पहुंचे। बैठक में समुदाय के भविष्य और उसके उत्थान को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस महासभा का प्राथमिक उद्देश्य मजहबी सिख समुदाय के सभी वर्गों को एक साथ लाना है। यह संगठन समुदाय के भीतर आपसी सहयोग, भाईचारे और समझ को बढ़ावा देगा। साथ ही, यह एक ऐसे सशक्त मंच के रूप में कार्य करेगा जो समुदाय की आवाज को सरकारी स्तर पर और समाज के अन्य वर्गों के सामने प्रभावी ढंग से रख सके। इस स्थापना से समुदाय को अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों में मूल्यों को स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। नेतृत्व का चयन: प्रदेश अध्यक्ष से लेकर सचिव तक, ये हैं मुख्य पदाधिकारी महासभा की स्थापना के साथ ही, आज की बैठक में संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां भी की गईं। अध्यक्ष से लेकर सचिव तक, सभी पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से हुआ, जो समुदाय के भीतर मौजूद एकता को दर्शाता है। उत्तराखंड प्रदेश मजहबी सिख महासभा के नव नियुक्त पदाधिकारी इस प्रकार हैं: प्रदेश अध्यक्ष: चरनजीत सिंह संजोता उपाध्यक्ष: हरनेक सिंह कोषाध्यक्ष: जरनैल सिंह महासचिव: रिंकू बाबा सचिव: लाभ सिंह इन पदाधिकारियों के चुनाव से समुदाय में उत्साह का माहौल है। यह आशा की जा रही है कि यह सशक्त नेतृत्व महासभा को उसके उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में सफल बनाएगा। अध्यक्ष चरणजीत सिंह संजोता का संकल्प: "तन, मन, धन से साथ रहूंगा" अध्यक्ष चुने जाने के बाद, चरणजीत सिंह संजोता ने महासभा के सभी सदस्यों और समुदाय के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके समाज के लोगों ने उन्हें यह अध्यक्ष का दर्जा दिया है, और वह इस पर खरा उतरने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। संजोता ने अपने संबोधन में मजहबी सिख समुदाय के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ कहा, "मैं मजहबी समाज के सिखों के लिए सदैव तत्पर रहूंगा। जो भी मजहबी समाज आर्थिक रूप से कमजोर है, मैं उसके साथ तन, मन और धन से खड़ा रहूंगा।" यह कथन उनके नेतृत्व की दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। संजोता ने जोर दिया कि महासभा विशेष रूप से समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता के लिए काम करेगी। इसमें सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना, स्वरोजगार के अवसर पैदा करना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल होगा। उनका लक्ष्य मजहबी सिख समुदाय को सामाजिक और आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से शामिल हो सकें। प्रमुख सिख भाई रहे उपस्थित: समुदाय की एकजुटता का प्रदर्शन इस ऐतिहासिक बैठक में मजहबी सिख समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति और भाई उपस्थित थे, जिन्होंने इस नई पहल का समर्थन किया। उपस्थित लोगों में रणजीत सिंह, गुरमीत सिंह, लाभ सिंह, कर्म सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, रेशम सिंह, गुरभजन सिंह, और सुखविंदर सिंह जैसे कई प्रमुख सिख भाई शामिल थे। विभिन्न क्षेत्रों से आए इन प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने महासभा की व्यापक पहुंच और समुदाय के भीतर इसकी स्वीकार्यता को दर्शाया। सभी ने मिलकर इस नए संगठन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। महासभा के प्रमुख उद्देश्य: आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड प्रदेश मजहबी सिख महासभा की स्थापना का मुख्य उद्देश्य मजहबी सिख समुदाय के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समुदाय के लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए। महासभा इन योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने, पात्र व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अतिरिक्त, महासभा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान करने के तरीके भी तलाशेगी। इसमें छोटे व्यवसायों के लिए सहयोग, शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य आपात स्थितियों में मदद, और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाना शामिल हो सकता है। महासभा सामाजिक एकजुटता बढ़ाने के लिए विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित करेगी, जिससे आपसी भाईचारा मजबूत हो और समुदाय के भीतर एक सकारात्मक वातावरण बने। आज की यह बैठक केवल एक औपचारिक शुरुआत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के मजहबी सिख समुदाय के लिए एक नए युग की शुरुआत है। चरणजीत सिंह संजोता के सक्षम नेतृत्व में, और अन्य पदाधिकारियों व समुदाय के सहयोग से, यह महासभा आने वाले समय में समुदाय के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के

काशीपुर में ऐतिहासिक पहल: उत्तराखंड प्रदेश मजहबी सिख महासभा की स्थापना, चरणजीत सिंह संजोता बने पहले अध्यक्ष

काशीपुर, 21 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में मजहबी सिख समुदाय के सशक्तिकरण और एकजुटता की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। काशीपुर में उत्तराखंड प्रदेश मजहबी सिख महासभा की विधिवत स्थापना की गई, जिसके साथ ही संगठन की पहली बैठक में अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की नियुक्ति…

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काशीपुर, 16 जून, 2025 (समय बोल रहा ) - उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह सोमवार को एक व्यस्त और बहुआयामी दौरे पर रहे। उन्होंने सुबह गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, वहीं बाद में ऊधमसिंह नगर जिले (जिसमें काशीपुर भी आता है) में अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। राज्यपाल के इस दौरे ने धर्म और जनसेवा के समन्वय का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में आध्यात्मिकता का अनुभव: "बाबा नानक की छवि हर चेहरे पर" सोमवार की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह और उनके परिवार के लिए अत्यंत आध्यात्मिक रही। उन्होंने उत्तराखंड में स्थित गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के दर्शन किए। इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें बाबा नानक के आदेश से ही गुरुद्वारा ननकाना साहिब के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने भावुक होकर कहा, "मुझे यहां हर बंदे के चेहरे पर बाबा नानक की छवि दिखाई दी।" यह दर्शाता है कि गुरुद्वारे का वातावरण और वहां के लोगों की सेवा भावना उन्हें कितनी गहराई से प्रभावित कर गई। राज्यपाल ने गुरुद्वारा परिसर के सरोवर के भी दर्शन किए और वहां के आध्यात्मिक वातावरण, सेवा भावना और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे में जो "पारिवारिक प्रेम" मिला, वह अनुपम है। यह प्रेम, एकता और समर्पण की सच्ची भावना को परिलक्षित करता है, जो गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का मूल है। राज्यपाल ने विशेष रूप से गुरु नानक देव जी के पहले संदेश "एक ओंकार" का उल्लेख किया, जो एकता और परिवार की भावना को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु नानक देव जी द्वारा दिया गया 14 शब्दों का मूल मंत्र संपूर्ण ब्रह्मांड को परिभाषित करता है। राज्यपाल ने बताया कि यहां आकर उन्हें एक अलग ही आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता का अनुभव हुआ। उन्होंने बाबा नानक की शिक्षाओं - सादगी, नम्रता, मासूमियत और करुणा - को यहां की सेवा में स्पष्ट रूप से देखा। राज्यपाल ने इस अवसर पर बाबा सुरेंद्र सिंह का भी विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा सुरेंद्र सिंह ने गुरुद्वारा साहब को एक ऐसे सेवा स्थल में परिवर्तित कर दिया है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा और शिक्षा की धारा निरंतर प्रवाहित होती है। राज्यपाल ने विशेष रूप से बेटियों और बच्चों के लिए किए जा रहे शैक्षिक प्रयासों को "सराहनीय" और "समाज के लिए प्रेरणा स्रोत" बताया। इस दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, बाबा सुरेन्द्र सिंह, बाबा गुरजंत सिंह, बाबा हरि सिंह, बाबा लाखन सिंह, गुरविंदर सिंह चंडोक, दिलप्रीत सेठी व खालसा फांउडेशन के कार्यकर्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। ऊधमसिंह नगर (काशीपुर) में विकास कार्यों की समीक्षा: अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश आध्यात्मिक यात्रा के बाद, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने प्रशासनिक मोर्चे पर सक्रियता दिखाते हुए ऊधमसिंह नगर जिले के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। यह बैठक सोमवार को मंडी गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। राज्यपाल ने रुद्रपुर में लिगेसी वेस्ट निस्तारण (पुराने कचरे का प्रबंधन) कार्य की सराहना की, जो जिला प्रशासन के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी (सीडीओ) को पांच प्रमुख सरकारी योजनाओं की सफलता की कहानियाँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी 'फ्लैगशिप योजनाओं' (सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाएं) के क्रियान्वयन का लिखित विवरण भी मांगा। यह दर्शाता है कि राज्यपाल योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और उनके वास्तविक प्रभाव को लेकर गंभीर हैं। बैठक में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने राज्यपाल को जिले में चल रहे विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर जिला बीस सूत्रीय कार्यक्रम में गत वित्तीय वर्ष में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। इस उपलब्धि पर राज्यपाल ने जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी। जिलाधिकारी ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में 94 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है, और शेष 6 प्रतिशत कार्य अंतिम चरण में है। यह भी बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में जल संयोजन का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे बच्चों और कार्यकर्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। जनपद में गिर रहे भू-जल स्तर की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए, जिलाधिकारी ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए ग्रीष्मकालीन धान की खेती पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, जनपद में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को चिह्नित कर उसे हटाने का अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है। ड्रग्स और साइबर अपराध के खिलाफ भी पुलिस और प्रशासन मिलकर अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्रवाईयां की गई हैं। उन्होंने महिला समूहों को मजबूत करने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी जानकारी दी। बताया गया कि महिला समूहों को जनपद, प्रदेश और देश के विभिन्न मेलों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, सीडीओ मनीष कुमार, एसपी क्राइम निहारि

राज्यपाल गुरमीत सिंह का काशीपुर दौरा: ननकाना साहिब में मांगी सुख-शांति, ऊधमसिंह नगर में विकास का हिसाब

काशीपुर, 16 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह सोमवार को एक व्यस्त और बहुआयामी दौरे पर रहे। उन्होंने सुबह गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, वहीं बाद में ऊधमसिंह नगर जिले (जिसमें काशीपुर भी आता है) में…

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कुंडेश्वरी, 17 जुलाई 2025 – (समय बोल रहा) – उत्तराखंड में आगामी पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र के गढ़वाल कॉलोनी, जैतपुर मोड़ के पास पुलिस ने बुधवार रात मुखबिर की सूचना पर पंचायत चुनाव के लिए लाई जा रही 10 पेटी अवैध शराब के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए की जा रही अवैध गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी नजर को दर्शाती है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल कुंडेश्वरी चौकी पुलिस को बुधवार की रात एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि गढ़वाल कॉलोनी, जैतपुर मोड़ के पास तीन युवक एक कार में अवैध रूप से विदेशी शराब ले जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आगामी पंचायत चुनावों में किया जाना है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, कुंडेश्वरी चौकी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। सूचना पर चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत जैतपुर मोड़ के पास सक्रिय हो गई और वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद, संदिग्ध बताई गई कार मौके पर पहुंची, जिसे पुलिस टीम ने रोक लिया। कार में तीन युवक सवार थे, जिनसे पुलिस ने पूछताछ की। 10 पेटी अवैध शराब जब्त, कोई कागजात नहीं दिखा पाए आरोपी पुलिस टीम ने जब कार की तलाशी ली, तो तो उसमें से 10 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। यह शराब बिना किसी वैध परमिट या कागजात के लाई जा रही थी। पुलिस ने जब कार सवार तीनों युवकों से शराब से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए। इस पर, पुलिस टीम ने मौके से ही तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार को भी आबकारी अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आदर्श गुरंग पुत्र रवि गुरंग (निवासी वैशाली कॉलोनी), अंकित ठाकुर पुत्र ओमप्रकाश ठाकुर (निवासी आवास विकास), और रविंद्र पाल पुत्र बाबूराम (निवासी सरवरखेड़ा, थाना कुंडा) के रूप में हुई है। पंचायत चुनाव में बांटने की थी योजना: पुलिस पूछताछ में कबूला कुंडेश्वरी चौकी के एसएसआई अनिल जोशी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे यह अवैध शराब पंचायत चुनाव में बांटने के लिए लाए थे। यह खुलासा बेहद गंभीर है, क्योंकि यह सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया को दूषित करने के प्रयास की ओर इशारा करता है। एसएसआई जोशी ने यह भी बताया कि पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह शराब किसके लिए लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या कोई बड़ा नेटवर्क या कोई प्रभावशाली व्यक्ति इस अवैध शराब की तस्करी और वितरण में संलिप्त है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पंचायत चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सबसे निचली इकाई होते हैं, और इनमें अवैध शराब या पैसे का इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने का एक आम हथकंडा रहा है। कुंडेश्वरी पुलिस की यह कार्रवाई आगामी पंचायत चुनावों को निष्पक्ष, भयमुक्त और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अपराधियों और ऐसे तत्वों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पुलिस चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी और उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। फिलहाल, पुलिस आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की आगे की जांच कर रही है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर इस रैकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि चुनावों में शराब के अवैध इस्तेमाल पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके।

काशीपुर में अवैध शराब पर पुलिस का डंडा! 15 लीटर कच्ची शराब के साथ एक गिरफ्तार, ऐसे हुआ खुलासा!

काशीपुर, 14 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – उत्तराखंड में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में, कुंडेश्वरी चौकी पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 लीटर कच्ची शराब के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मालवा फार्म रोड पर एक खंडहरनुमा…

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काशीपुर , 11 जून, 2025 (समय बोल रहा ) - देशभक्ति और आध्यात्म के अनूठे संगम के साथ, काशीपुर में 'शौर्य सम्मान यात्रा' का भव्य आयोजन किया गया। नगर पंचायत गढ़ीनेगी से हरेश्वर धाम मंदिर (महाराज हरि चैतन्यपुरी आश्रम) के प्रांगण से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की तादाद में भक्तजन उमड़ पड़े, जिन्होंने पूरे माहौल को भक्ति और राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। महिलाएं, युवा और बच्चे सभी उत्साह से भरे इस आयोजन का हिस्सा बने। यात्रा में बैंड-बाजा देशभक्ति की धुनें बिखेर रहा था, वहीं खुली जीप में विराजमान महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी ने भक्तों को आशीर्वाद दिया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया। गढ़ीनेगी से करनपुर तक गूंजे देशभक्ति के जयकारे: हर कदम पर जलपान की व्यवस्था 'शौर्य सम्मान यात्रा' का शुभारंभ गढ़ीनेगी स्थित हरेश्वर धाम मंदिर से हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया था, जो इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आतुर थे। जैसे ही यात्रा आगे बढ़ी, हजारों की संख्या में भक्तजन, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, हाथों में तिरंगा झंडा और कलश लिए आगे बढ़ने लगे। बैंड-बाजे की गूंजती धुनें और देशभक्ति के नारे यात्रा में जोश भर रहे थे। महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु स्वयं एक खुली जीप में विराजमान थे, जिससे सड़क के दोनों ओर खड़े भक्तजन उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और प्रेरणादायक था, जिसने पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का संचार कर दिया। गढ़ीनेगी हरेश्वर धाम से शुरू होकर यह यात्रा करनपुर ग्राम स्थित ए.एन.झा इंटर कॉलेज में आकर संपन्न हुई। यात्रा मार्ग में कई भक्तजनों और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पर जलपान की उत्कृष्ट व्यवस्था की थी। भीषण गर्मी के बावजूद, लोगों ने ठंडे शर्बत, कोल्डड्रिंक, स्वच्छ पेयजल, छोले और केले आदि का प्रसाद वितरित किया, जिससे यात्रा में शामिल सभी भक्तों को नई ऊर्जा मिलती रही। राकेश कुमार ढींगरा उर्फ काला, रमन ढींगरा, सुरेश लोहिया, कंचन लोहिया, आकांक्षा ठाकुर, पूजा सुविधा, अभिषेक सुखीजा , युवा शक्ति परिवार, नवल, गुरजीत सिंह, लवकुश प्रजापति, भास्कर तिवारी, रूपेश बाठला , किशोर झाम, चंद्रमोहन सुधा, मुकेश सुधा और पुनीत बाठला आदि ने विशेष रूप से इन जलपान व्यवस्थाओं को संभाला, जिससे यात्रा में शामिल सभी लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु का गुरुद्वारे में भी जाना: भाईचारे का संदेश यात्रा के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया जिसने सभी का दिल जीत लिया और सांप्रदायिक सौहार्द का एक मजबूत संदेश दिया। जब यह भव्य शोभायात्रा करनपुर के मिलाप नगर स्थित गुरुद्वारे में पहुंची, तो महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी अपनी जीप से नीचे उतरे। उन्होंने पैदल चलकर गुरुद्वारे में प्रवेश किया और पूरी श्रद्धा के साथ माथा टेका। महाराज जी का गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेकना सिख और हिंदू समुदाय के बीच भाईचारे और एकता का एक सशक्त प्रतीक बन गया, जिसकी सभी ने खुले दिल से सराहना की। यह घटना दर्शाती है कि आध्यात्म किसी एक धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी को जोड़ता है। गुरुद्वारे से निकलने के बाद, महाराज जी ने अपनी पदयात्रा जारी रखी और ए.एन.झा इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार तक पैदल पहुंचे। इस दौरान मार्ग में अनेकों लोगों ने फूलों की माला पहनाकर और जयकारे लगाकर उनका भव्य स्वागत किया। यह क्षण भक्तों के लिए विशेष था, क्योंकि उन्हें अपने आराध्य के और करीब आने का अवसर मिला। महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी के सानिध्य में ज्ञान की वर्षा: शौर्य सम्मान समारोह का आध्यात्मिक पहलू "शौर्य सम्मान समारोह" को आध्यात्मिक गहराई प्रदान करने के लिए, 11 जून से 12 जून तक , दिव्य प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। ये प्रवचन *श्री हरिकृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्री हरि चैतन्य महाप्रभु * द्वारा दिए जाएंगे। उनके प्रवचनों में आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति की सरिता बहेगी, जो श्रोताओं को आत्मिक शांति और जीवन के उच्च मूल्यों की ओर प्रेरित करेगी। ये प्रवचन न केवल देशभक्ति की भावना को आध्यात्मिकता से जोड़ेंगे, बल्कि उपस्थित लोगों को मानसिक और आत्मिक रूप से भी सशक्त करेंगे। स्वामी जी के प्रवचन जीवन के उद्देश्य, शांति, प्रेम और सेवा के महत्व पर केंद्रित होंगे, जो इस संपूर्ण आयोजन को एक समग्र और सार्थक आयाम प्रदान करेंगे। देशभक्ति के साथ आध्यात्म का यह संगम कार्यक्रम को एक अनूठा और गहरा महत्व प्रदान करेगा। प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति: समाज का समर्थन इस महत्वपूर्ण यात्रा और कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को अपना समर्थन दिया। इनमें पूर्व सांसद प्रतिनिधि रवि साहनी, गुरनाम सिंह, कश्मीर सिंह पन्नू, बलजिंदर संधू, विजय मक्कर, पंकज छाबड़ा और पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इन सभी की उपस्थिति ने इस 'शौर्य सम्मान यात्रा' के महत्व को और बढ़ाया और यह संदेश दिया कि पूरा समाज सैनिकों के सम्मान और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति एकजुट है। यह आयोजन काशीपुर के लिए एक ऐतिहासिक पल बन गया, जो देशभक्ति

काशीपुर में विशाल ‘शौर्य सम्मान यात्रा’: हरिचैतन्यपुरी के सानिध्य में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब, महाराज गुरुद्वारे भी गए!

काशीपुर , 11 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – देशभक्ति और आध्यात्म के अनूठे संगम के साथ, काशीपुर में ‘शौर्य सम्मान यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया। नगर पंचायत गढ़ीनेगी से हरेश्वर धाम मंदिर (महाराज हरि चैतन्यपुरी आश्रम) के प्रांगण से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की तादाद में भक्तजन उमड़ पड़े, जिन्होंने…

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देशभक्ति की प्रचंड भावना और गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अनूठा संगम काशीपुर में होने जा रहा है। आगामी 11 और 12 जून 2025 को ए.एन.झा इंटर कॉलेज, करनपुर में एक भव्य "शौर्य सम्मान समारोह" का आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम राष्ट्रप्रेम, सैन्य सम्मान और आध्यात्मिक जागरूकता के प्रचार-प्रसार का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जिसमें स्थानीय नागरिकों, युवाओं और महिलाओं की व्यापक भागीदारी की उम्मीद है। यह आयोजन न केवल हमारे वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करेगा, बल्कि समाज में देशभक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगा। 11 जून 2025: तिरंगा यात्रा व कलश यात्रा - देशभक्ति का उद्घोष "शौर्य सम्मान समारोह" का आगाज 11 जून 2025 को एक भव्य तिरंगा यात्रा और कलश यात्रा के साथ होगा। यह यात्रा प्रातः 7 बजे श्री हरिकृपा धाम आश्रम, गढ़ीनेगी से शुरू होकर ए.एन.झा इंटर कॉलेज, करनपुर तक निकाली जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाना और देश के गौरवशाली इतिहास तथा वीर सपूतों के बलिदान को याद करना है। इस यात्रा में महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में देशभक्त नागरिक, युवाओं और महिलाओं की सहभागिता अपेक्षित है। तिरंगे झंडों और कलशों के साथ निकलने वाली यह यात्रा निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक और भावुक कर देने वाला दृश्य होगा। यह यात्रा न केवल क्षेत्र में देशभक्ति का माहौल बनाएगी, बल्कि आगामी मुख्य समारोह के लिए भी एक मजबूत नींव रखेगी, जिससे यह संदेश जाएगा कि समाज अपने सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। 12 जून 2025: शौर्य सम्मान समारोह - वीर सैनिकों को राष्ट्र का नमन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण, "शौर्य सम्मान समारोह", 12 जून 2025 को आयोजित किया जाएगा। प्रातः 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस समारोह में देश की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों का सम्मान किया जाएगा। यह हमारे उन जांबाज जवानों को श्रद्धांजलि देने और उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक मंच होगा, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी या निस्वार्थ भाव से सेवा की। इस समारोह में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों, वीर नारियों, और अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति अपेक्षित है, जो अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरणा देंगे। सैनिक सम्मान समारोह के बाद, दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह भंडारा न केवल भोजन प्रदान करेगा, बल्कि सभी उपस्थित लोगों के बीच सद्भाव और एकता की भावना को भी बढ़ावा देगा, जिससे यह आयोजन एक सामूहिक पर्व का रूप ले सके। महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी के सानिध्य में ज्ञान की वर्षा: शौर्य सम्मान समारोह का आध्यात्मिक पहलू "शौर्य सम्मान समारोह" को आध्यात्मिक गहराई प्रदान करने के लिए, 9 से 11 जून तक, हर संध्या 3 बजे से 5 बजे तक विशेष दिव्य प्रवचनों का आयोजन किया जाएगा। ये प्रवचन श्री हरिकृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्री हरि चैतन्य महाप्रभु जी द्वारा दिए जाएंगे। उनके प्रवचनों में आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति की सरिता बहेगी, जो श्रोताओं को आत्मिक शांति और जीवन के उच्च मूल्यों की ओर प्रेरित करेगी। ये प्रवचन न केवल देशभक्ति की भावना को आध्यात्मिकता से जोड़ेंगे, बल्कि उपस्थित लोगों को मानसिक और आत्मिक रूप से भी सशक्त करेंगे। स्वामी जी के प्रवचन जीवन के उद्देश्य, शांति, प्रेम और सेवा के महत्व पर केंद्रित होंगे, जो इस संपूर्ण आयोजन को एक समग्र और सार्थक आयाम प्रदान करेंगे। देशभक्ति के साथ आध्यात्म का यह संगम कार्यक्रम को एक अनूठा और गहरा महत्व प्रदान करेगा। कार्यक्रम स्थल और आयोजक का संदेश यह भव्य कार्यक्रम ए.एन.झा इंटर कॉलेज, करनपुर, काशीपुर (उधम सिंह नगर), उत्तराखंड में आयोजित किया जा रहा है। यह स्थल सभी के लिए सुविधाजनक होगा और बड़ी संख्या में लोगों को समायोजित करने में सक्षम होगा। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को "राष्ट्रप्रेम, सैन्य सम्मान और आध्यात्मिक जागरूकता का अनूठा संगम" बताया है। उनका लक्ष्य है कि यह समारोह केवल एक आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि यह समाज में देशभक्ति की भावना को जागृत करे, सैनिकों के प्रति सम्मान को बढ़ाए और लोगों को आध्यात्मिक रूप से भी समृद्ध करे। ऐसे आयोजन हमारे समाज के ताने-बाने को मजबूत करते हैं और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाते हैं।

महाराज श्री हरि चैतन्य महाप्रभु के सानिध्य में काशीपुर के ग्राम करनपुर में देशभक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम: 11 जून को तिरंगा यात्रा, 12 जून को सैनिकों का सम्मान!

काशीपुर , 09 जून, 2025 (समय बोल रहा ) देशभक्ति और आध्यात्म की प्रचंड भावना और गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अनूठा संगम काशीपुर में होने जा रहा है। आगामी 11 और 12 जून 2025 को ए.एन.झा इंटर कॉलेज, करनपुर में एक भव्य “शौर्य सम्मान समारोह” का आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय…

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काशीपुर, 05 जून, 2025 (समय बोल रहा ) - काशीपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए एक और सफलता हासिल की है। बुधवार देर रात गश्त पर निकली कोतवाली पुलिस टीम ने एक संदिग्ध युवक को 315 बोर के तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलवंत सिंह उर्फ काली के रूप में हुई है, जिसने पुलिस पूछताछ में तमंचा रखने का अजीबोगरीब बहाना बताया कि वह जंगल में लकड़ियां काटने जाता है, इसलिए उसने अपनी सुरक्षा के लिए तमंचा रखा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जो अवैध हथियार रखने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करता है। देर रात की गश्त और संदिग्ध की धरपकड़: पुलिया के पास हुई गिरफ्तारी यह घटना बुधवार की देर रात की है, जब हल्का नंबर एक चौकी में तैनात उप-निरीक्षक (एसआई) देवेंद्र सिंह सामंत अपनी टीम के साथ क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे। पुलिस टीम का उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखना था। अपनी गश्त के दौरान, जब टीम मालधन नंबर 7 से पहले पड़ने वाली पुलिया के पास पहुंची, तो उनकी नज़र एक संदिग्ध युवक पर पड़ी। युवक की हरकतें सामान्य नहीं लग रही थीं और पुलिस को उस पर शक हुआ। तत्काल कार्रवाई करते हुए, एसआई देवेंद्र सिंह सामंत की टीम ने उस युवक को घेर लिया और उसे दबोच लिया। पुलिस ने युवक से पूछताछ की और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सफलता लगी। युवक के कब्जे से एक .315 बोर का तमंचा बरामद हुआ। यह एक खतरनाक हथियार है, जिसका इस्तेमाल गंभीर अपराधों में हो सकता है। तमंचा मिलते ही पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ शुरू की। आरोपी की पहचान और चौंकाने वाला बहाना: "लकड़ी काटने के लिए रखा था तमंचा" पुलिस पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान 50 वर्षीय कुलवंत सिंह उर्फ काली पुत्र चरण सिंह के रूप में बताई, जो दुर्गापुर, थाना कुंडा का निवासी है। कुंडा थाना क्षेत्र भी उत्तराखंड से सटा हुआ है, जो अक्सर अपराधियों के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में भागने का रास्ता बन जाता है। जब पुलिस ने कुलवंत सिंह उर्फ काली से तमंचा रखने का कारण पूछा, तो उसने एक चौंकाने वाला और अविश्वसनीय बहाना बताया। उसने कहा कि वह जंगल में लकड़ियां काटने जाता है, और अपनी सुरक्षा के लिए उसने यह तमंचा रखा था। यह दलील आमतौर पर अवैध हथियार रखने वाले अपराधी देते हैं ताकि वे अपने कृत्य को वैध ठहरा सकें। हालांकि, कानून के तहत, हथियार रखने के लिए लाइसेंस आवश्यक होता है, और बिना लाइसेंस के तमंचा रखना एक गंभीर अपराध है। पुलिस इस बहाने को स्वीकार करने वाली नहीं थी और उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में कानून के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस बात की भी जांच करेगी कि क्या कुलवंत सिंह का कोई आपराधिक इतिहास है या उसका संबंध किसी आपराधिक गिरोह से है। आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज: कानून का शिकंजा पुलिस ने कुलवंत सिंह उर्फ काली के खिलाफ आर्म्स एक्ट (Arms Act) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आर्म्स एक्ट भारत में अवैध हथियार रखने, बनाने या बेचने पर रोक लगाता है और इन अपराधों के लिए सख्त दंड का प्रावधान करता है। .315 बोर का तमंचा जैसे हथियार रखना, बिना लाइसेंस के, एक गैर-जमानती अपराध है और इसमें कारावास की सजा हो सकती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद, आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि कुलवंत सिंह यह तमंचा कहां से लाया था और क्या वह किसी बड़े हथियार तस्करी रैकेट का हिस्सा है। इस गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के नेटवर्क पर लगाम लगाने में मदद मिल सकती है और शहर में अपराधों को रोकने में भी सहायता मिलेगी। पुलिस टीम की मुस्तैदी: शहर की सुरक्षा का जिम्मा इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसआई देवेंद्र सिंह सामंत के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे। उनकी सक्रिय गश्त और संदिग्धों पर नज़र रखने की क्षमता ने ही इस गिरफ्तारी को संभव बनाया। यह पुलिस टीम की मुस्तैदी और उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है, जो शहर में अवैध गतिविधियों को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का यह अभियान अवैध हथियारों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अपराधों को जन्म देते हैं और समाज में भय का माहौल बनाते हैं। ऐसे अभियानों से अपराधियों में पुलिस का खौफ बढ़ता है और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा होता है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वह ऐसे अपराधि

काशीपुर में आर्म्स एक्ट का खुलासा: गश्त के दौरान 315 बोर के तमंचे के साथ युवक गिरफ्तार, जंगल में लकड़ी काटने का दिया बहाना

काशीपुर, 05 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – काशीपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखते हुए एक और सफलता हासिल की है। बुधवार देर रात गश्त पर निकली कोतवाली पुलिस टीम ने एक संदिग्ध युवक को 315 बोर के तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलवंत सिंह…

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काशीपुर 05 जून, 2025 (समय बोल रहा ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर, पूज्य महंत योगी आदित्यनाथ महाराज के 54वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर एक अत्यंत भक्तिमय और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। चैती चौराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर और हनुमान मंदिर का परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं से गुलजार था। इस विशेष दिन को मनाने के लिए एक भव्य हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हवन के दौरान गूंजते मंत्रों और जय श्री राम के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया, और सभी ने एक स्वर में योगी जी की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। यह आयोजन न केवल एक जन्मदिन का समारोह था, बल्कि योगी जी के प्रति जनभावना और उनके समर्थकों की एकजुटता का भी प्रतीक बन गया। चैती चौराहा पर भक्ति का संगम: हवन-पूजन और विशाल भंडारा योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस को एक अविस्मरणीय अवसर बनाने के लिए, चैती चौराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर और हनुमान मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिर परिसर में चहल-पहल शुरू हो गई थी, और लोग अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए दूर-दूर से पहुंचने लगे थे। अनुभवी पंडितों ने विधि-विधान से हवन-पूजन का कार्य संपन्न कराया। इस पवित्र अनुष्ठान के दौरान, वैदिक मंत्रों का उच्चारण और अग्नि में समर्पित की जा रही आहुतियां वातावरण को शुद्ध और आध्यात्मिक बना रही थीं। बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने पूर्ण भक्तिभाव से हवन में भाग लिया, और उनकी आंखों में योगी जी के प्रति असीम श्रद्धा और सम्मान साफ झलक रहा था। हवन-पूजन की समाप्ति के बाद, इसी पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जो इस आयोजन की व्यापकता और सफल प्रबंधन को दर्शाती हैं। भंडारे में क्षेत्रीय स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया और योगी के नेतृत्व में देश की एकता, अखंडता और निरंतर उन्नति की कामना की। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा था, बल्कि इसने सामाजिक समरसता और एकजुटता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। नेतृत्व की सराहना: योगी जी को बताया 'दृढ़, निष्ठावान व राष्ट्रभक्त नेता' इस भव्य आयोजन में कई प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जिन्होंने अपने विचारों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव महेश लोधी और जेपी सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इनके अतिरिक्त, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय कुमार ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और योगी जी के कार्यों की सराहना की। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं जैसे रवि साहनी, सतपाल , संजय , राजवीर , धर्मवीर पासी, हौसला मिश्रा, और आकांक्षा ठाकुर सहित अन्य कई कार्यकर्ताओं ने भी इस अवसर पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंच से और आपस में बातचीत के दौरान, एक स्वर में पूज्य योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने योगी जी को एक दृढ़, निष्ठावान और राष्ट्रभक्त नेता बताते हुए उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और जनहितैषी फैसलों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योगी जी ने जिस तरह से शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित की है, वह प्रशंसनीय है। सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से योगी के दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की। उन्होंने कामना की कि योगी इसी प्रकार ऊर्जावान होकर देश और समाज की सेवा करते रहें और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सहित पूरा देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता रहे। यह आयोजन केवल एक जन्मदिन का जश्न नहीं था, बल्कि योगी के समर्थकों के बीच व्याप्त अटूट विश्वास और उत्साह का भी प्रतीक था, जिन्होंने अपने लोकप्रिय नेता के सम्मान में यह भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर सभी ने एक दूसरे को बधाई दी और भविष्य में भी योगी के

सीएम योगी के 54वें जन्मदिन पर गूंजे मंत्र: चैती चौराहा पर भव्य हवन-भंडारा, कार्यकर्ताओं ने की दीर्घायु की कामना!

काशीपुर 05 जून, 2025 (समय बोल रहा ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर, पूज्य महंत योगी आदित्यनाथ महाराज के 54वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर एक अत्यंत भक्तिमय और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। चैती चौराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर और हनुमान मंदिर का परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं से गुलजार…

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काशीपुर, 3 जून, 2025 (समय बोल रहा ) - नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत काशीपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। गश्त के दौरान कोतवाली पुलिस ने एक युवक को 4 ग्राम स्मैक जैसी घातक नशीली सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शहर में नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने की पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। सुबह की गश्त में पकड़ा गया संदिग्ध: नौगजा मजार के पास मिली स्मैक मंगलवार की सुबह, जब कोतवाली पुलिस टीम अपनी नियमित गश्त पर थी, तो उनकी नज़र नौगजा मजार के पास एक संदिग्ध युवक पर पड़ी। पुलिस टीम ने युवक की गतिविधियों को संदिग्ध पाया और उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस के रुकने पर युवक ने कुछ घबराहट दिखाई, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने युवक को हिरासत में लेकर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पुलिस को युवक की जेब से 4 ग्राम स्मैक बरामद हुई। यह मात्रा भले ही कम लग सकती है, लेकिन स्मैक जैसे अत्यधिक नशे वाले पदार्थ की इतनी मात्रा भी युवाओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। नशे के सौदागर अक्सर छोटी-छोटी मात्रा में ड्रग्स बेचकर बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनते हैं, इसलिए इस तरह की हर गिरफ्तारी महत्वपूर्ण होती है। पुलिस ने तुरंत स्मैक को जब्त कर लिया और युवक को हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान: मुरादाबाद से जुड़ा मामला पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान उजागर की। उसने अपना नाम मनोज कुमार पुत्र मदन सिंह बताया, जो ग्राम रतूपुरा, ठाकुरद्वारा, जिला मुरादाबाद का निवासी है। मुरादाबाद उत्तर प्रदेश का एक जिला है जो उत्तराखंड की सीमा से सटा हुआ है। यह तथ्य इस बात की ओर इशारा करता है कि नशे का यह कारोबार अंतरराज्यीय स्तर पर भी फैला हुआ हो सकता है, जहां अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं। आरोपी के मुरादाबाद का निवासी होने से पुलिस के लिए इस मामले की जड़ तक पहुंचना और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाना एक चुनौती हो सकती है। हालांकि, पुलिस इस दिशा में भी जांच करेगी कि मनोज कुमार स्मैक कहां से लाया था और वह इसे काशीपुर में किसे बेचने वाला था। इस गिरफ्तारी से नशे के इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है, जिससे पुलिस को बड़ी सफलता मिल सकती है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज: कड़ी सजा का प्रावधान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह अधिनियम नशीले पदार्थों के उत्पादन, खरीद, बिक्री, उपभोग और तस्करी को नियंत्रित करता है और ऐसे अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है। 4 ग्राम स्मैक की बरामदगी के आधार पर, आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे यह सुनिश्चित करते हैं कि नशे के कारोबारियों को आसानी से जमानत न मिल सके और उन्हें उनके अपराधों के लिए उचित दंड मिले। यह कानूनी कार्रवाई अन्य संभावित नशा तस्करों के लिए एक चेतावनी का काम करेगी कि पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। इस मुकदमे के माध्यम से पुलिस का लक्ष्य केवल एक व्यक्ति को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि नशे के इस पूरे जंजाल को तोड़ना है जो समाज को खोखला कर रहा है। पुलिस टीम की मुस्तैदी और नशे के खिलाफ अभियान इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसआई विपुल जोशी, एसआई गणेश पांडे, कांस्टेबल प्रेम कंवल, और महेंद्र देवड़ी शामिल थे। इनकी मुस्तैदी और सक्रिय गश्त के कारण ही इस संदिग्ध युवक को पकड़ा जा सका और स्मैक की बरामदगी संभव हो पाई। यह पुलिसकर्मियों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है, जो समाज से नशे के खतरे को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। काशीपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस तरह के अभियान महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि नशा समाज में अपराध और अन्य सामाजिक समस्याओं को बढ़ावा देता है। विशेषकर, युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए ऐसे अभियानों की अत्यधिक आवश्यकता है। पुलिस लगातार नशे के खिलाफ सूचना एकत्र कर रही है और ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो युवाओं को नशे के जाल में धकेल रहे हैं। यह गिरफ्तारी इसी दिशा में एक औ

काशीपुर में ड्रग्स पर शिकंजा: 4 ग्राम स्मैक के साथ युवक गिरफ्तार, युवाओं को नशे से बचाने की मुहिम तेज!

काशीपुर, 3 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत काशीपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। गश्त के दौरान कोतवाली पुलिस ने एक युवक को 4 ग्राम स्मैक जैसी घातक नशीली सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शहर में नशे के बढ़ते…

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काशीपुर, 2 जून, 2025 (समय बोल रहा ) - (पर्यावरण दिवस) प्रकृति, जो मानव जीवन की जन्मदात्री और सतत संगिनी रही है, आज मानवीय स्वार्थ और असंतुलन के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही है। यह सर्वविदित है कि सभ्यताएं और संस्कृतियाँ इसी प्रकृति की छांव में विकसित हुई हैं, और जीवन का निरंतर प्रवाह इसके संतुलन पर ही निर्भर करता है। लेकिन जब मनुष्य इस मूल सत्य को भूलकर अपने स्वार्थ के दायरे को लांघता है, तो जीवनदायिनी प्रकृति ही क्षतिग्रस्त होती है। मानव अक्सर यह विस्मृत कर देता है कि वह स्वयं भी इसी प्रकृति का एक अभिन्न अंग है। आज, पर्यावरणीय संकट की गंभीर गूंज वैश्विक चेतना को झकझोर रही है, और इसी गहन अनुभूति के तहत संयुक्त राष्ट्र संघ प्रतिवर्ष 5 जून को 'विश्व पर्यावरण दिवस' का आयोजन करता है, ताकि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया जा सके। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के नेतृत्व में 'बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन' अभियान इस वैश्विक पहल से प्रेरणा लेते हुए, संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन, ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के लोकमंगलकारी और दूरदर्शी नेतृत्व में एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष निर्धारित थीम 'बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन' (प्लास्टिक प्रदूषण को हराओ) को केंद्र में रखते हुए, फाउंडेशन देशभर के 18 प्रमुख पर्वतीय पर्यटक स्थलों पर एक व्यापक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन कर रही है। यह महा-अभियान 5 जून को प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा, जिसमें हजारों स्वयंसेवक और नागरिक भागीदारी करेंगे। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन का यह प्रयास केवल स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण की दिशा में एक सशक्त कदम ही नहीं है, बल्कि यह आज की युवा पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और संरक्षण की भावना को उनके व्यवहार में उतारने की एक प्रेरणादायक पहल भी है। यह एक ऐसा अभियान है जो सेवा, सद्भाव और सजगता जैसे मानवीय मूल्यों को जनचेतना से जोड़ता है, जिससे एक सामूहिक और सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती है। निरंतर प्रयास: 2014 से चला आ रहा पर्यावरण कार्यक्रम संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव श्री जोगिंदर सुखीजा ने इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मिशन वर्ष 2014 से ही संयुक्त राष्ट्र के 'यूनाइटेड नेशन एनवायरनमेंट प्रोग्राम' (UNEP) की थीम पर 'विश्व पर्यावरण दिवस' का आयोजन कर रहा है। यह केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक सतत जनचेतना अभियान है जिसका उद्देश्य प्रकृति और मानवता के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध को पुनः सशक्त करना है। मिशन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण एक निरंतर प्रक्रिया है जिसे केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। 18 प्रमुख पर्वतीय एवं पर्यटक स्थल बने अभियान के केंद्र इस महाअभियान के अंतर्गत देश के विविध प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण 18 प्रमुख पर्वतीय एवं पर्यटक स्थलों को सम्मिलित किया गया है। इन स्थलों को विशेष रूप से चुना गया है ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश व्यापक रूप से फैल सके और इन खूबसूरत प्राकृतिक स्थानों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त किया जा सके। इन प्रमुख स्थलों में शामिल हैं: उत्तराखंड से: मसूरी, ऋषिकेश, लैंसडाउन, नैनीताल, चकराता एवं भवाली। हिमाचल प्रदेश से: शिमला, मनाली और धर्मशाला। गुजरात से: सापुतारा। महाराष्ट्र से: महाबलेश्वर, पंचगनी, खंडाला, लोनावाला, पन्हाला एवं सोमेश्वर। सिक्किम से: गीजिंग। कर्नाटक से: सुरम्य नंदी हिल्स। ये सभी स्थल न केवल प्रकृति की गोद में बसे हुए हैं, बल्कि अब पर्यावरण जागृति के प्रति समर्पित ऐसे केंद्र बिंदु बन रहे हैं जहाँ निष्काम सेवा और सामूहिक सहभागिता एक साथ साकार हो रही हैं। विशेष रूप से, काशीपुर यूनिट नंबर 180 से भी सेवादारों के अंदर इस पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता अभियान में शामिल होने के लिए भरपूर उत्साह देखने को मिल रहा है, जो स्थानीय स्तर पर भी इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करेगा। जन-जागरूकता के लिए रचनात्मक पहल इस अवसर पर मिशन के स्वयंसेवक, सेवादल सदस्य, श्रद्धालुजन एवं स्थानीय नागरिक एकजुट होकर कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना के साथ करेंगे। इसके बाद, युवा स्वयंसेवक प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों और उसके समाधान पर जन-जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न रचनात्मक माध्यमों का उपयोग करेंगे। इनमें नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और प्रभावशाली संदेश शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण से संबंधित युक्त तख्तियाँ और बैनर लिए मानव श्रृंखला बनाकर समाज को प्रेरित किया जाएगा। यह प्रभावी तरीका लोगों को सीधे जोड़ने और उन्हें पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करेगा। इस विश्व पर्यावरण दिवस पर संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन का यह समर्पित प्रयास एक सार्थक संदेश देता है। यह हमें याद दिलाता है कि प्रकृति परमात्मा का अमूल्य उपहार है, और उसका संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सभी मिलकर पर्यावरण की रक्षा करें और अपनी भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुंदर और संतुलित पृथ्वी का निर्माण करने में योगदान दें।

बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’: संत निरंकारी मिशन का 18 पर्वतीय स्थलों पर महा-अभियान, पर्यावरण दिवस से पहले तैयारी शुरू!

काशीपुर, 2 जून, 2025 (समय बोल रहा ) – (पर्यावरण दिवस) प्रकृति, जो मानव जीवन की जन्मदात्री और सतत संगिनी रही है, आज मानवीय स्वार्थ और असंतुलन के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही है। यह सर्वविदित है कि सभ्यताएं और संस्कृतियाँ इसी प्रकृति की छांव में विकसित हुई हैं, और जीवन का निरंतर…

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काशीपुर 2 जून 2025 (समय बोल रहा) काशीपुर में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर, पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर सहित छह लोगों को रंगे हाथों सट्टे की खाईबाड़ी करते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रविवार शाम को की गई, जिसने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकदी, सट्टा पर्ची और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जो इस अवैध कारोबार के बड़े पैमाने पर होने का संकेत देती है। इस गिरफ्तारी को पुलिस की सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर छापा: हिस्ट्रीशीटर के गढ़ में पुलिस का धावा रविवार शाम को, काशीपुर पुलिस को मोहल्ला बांसफोड़ान, यादव सभा वाली गली में स्थित तस्लीम के घर पर अवैध सट्टे की खाईबाड़ी चलने की गोपनीय सूचना मिली। तस्लीम का नाम पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में एक हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज है, जिससे यह स्पष्ट था कि यह कोई छोटी-मोटी गतिविधि नहीं है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और बिना किसी देरी के बताए गए स्थान पर छापा मारा। पुलिस टीम ने पूरी गोपनीयता और सुनियोजित तरीके से कार्रवाई की, ताकि आरोपियों को भागने का कोई मौका न मिल सके। छापेमारी के दौरान, पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद लोगों को सट्टे की खाईबाड़ी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह दृश्य अवैध गतिविधियों के प्रमाण के रूप में पर्याप्त था। पुलिस ने तुरंत सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया और मौके से तमाम सबूतों को जब्त करना शुरू किया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सक्रिय है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। मौके से बरामदगी: नकदी, पर्चियां और सट्टे का पूरा नेटवर्क पुलिस ने घटनास्थल से जो सामग्री बरामद की है, वह इस अवैध सट्टेबाजी के कारोबार के बड़े पैमाने पर होने का सबूत है। मौके से पुलिस को 25,090 रुपये की नकदी मिली है, जो सट्टे के लेनदेन से जुड़ी हुई बताई जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस ने प्रिंटेड सट्टा पर्चियां और एक डायरी भी बरामद की है। यह डायरी इस अवैध नेटवर्क के विस्तार और उसमें शामिल लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकती है। प्रिंटेड पर्चियां दर्शाती हैं कि यह एक संगठित गिरोह है जो पेशेवर तरीके से सट्टे का कारोबार चला रहा था। इन सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस बनाने में सक्षम होगी। बरामद की गई सामग्री से यह भी पता चलता है कि आरोपी न केवल छोटी-मोटी सट्टेबाजी कर रहे थे, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दे रहे थे। यह पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि ऐसे मामलों में अक्सर ठोस सबूत जुटाना मुश्किल होता है। इन सबूतों की मदद से पुलिस इस सट्टेबाजी रैकेट की जड़ों तक पहुंच सकती है और इसमें शामिल अन्य लोगों को भी बेनकाब कर सकती है, जिससे इस तरह के अवैध कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके। गिरफ्तार किए गए आरोपी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पुलिस ने मौके से कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी मोहल्ला बांसफोड़ान निवासी तस्लीम है, जो एक हिस्ट्रीशीटर है और जिसके घर पर यह अवैध गतिविधि चल रही थी। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में ठाकुरद्वारा मछली बाजार निवासी अबरार हुसैन, मोहल्ला बांसफोड़ान निवासी हैदर अली, मो. सूफीयान, मोहल्ला महेशपुरा निवासी यशपाल सिंह और मोहल्ला कटोराताल निवासी अनिल कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तस्लीम न केवल सट्टे का कारोबार कर रहा था, बल्कि अपने घर को ही इस अवैध गतिविधि का केंद्र बनाए हुए था। इन सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम (Gambling Act) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। कानून के तहत, जुआ खेलने या खिलाने वाले को दंडित करने का प्रावधान है, और इन आरोपियों को अब न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस नेटवर्क में कोई और भी शामिल है या नहीं।

काशीपुर में सट्टे पर पुलिस का बड़ा शिकंजा: हिस्ट्रीशीटर समेत 6 गिरफ्तार, लाखों का सट्टा कारोबार ध्वस्त!

काशीपुर 2 जून 2025 (समय बोल रहा) काशीपुर में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर, पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर सहित छह लोगों को रंगे हाथों सट्टे की खाईबाड़ी करते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रविवार शाम को की गई,…

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