काशीपुर, 1 जून, 2025 (समय बोल रहा)- काशीपुर हाईवे पर रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। नवाबगंज से रुद्रपुर जा रही एक चलती कार में फ्लाईओवर के पास अचानक भीषण आग लग गई। यह मंजर इतना भयानक था कि कुछ ही पलों में पूरी कार आग के लपटों से घिर गई। गनीमत रही कि कार में सवार एक महिला समेत पांच लोगों ने अदम्य साहस दिखाते हुए समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि यह आग कार की बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी होगी, जिसने पलक झपकते ही एक सामान्य यात्रा को भयावह अनुभव में बदल दिया। यात्रा का भयावह अंत: जब अस्पताल जाने वाले रास्ते पर आग ने घेरा रविवार को नवाबगंज निवासी योगेश सिंह पुत्र बरकत सिंह अपनी कार से अपने भाई नरेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, अनिल कुमार और अपनी बीमार मां प्रवेश देवी को लेकर रुद्रपुर डॉक्टर लाइन स्थित एक अस्पताल जा रहे थे। उनका उद्देश्य अपनी मां का उपचार कराना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह घटना काशीपुर रोड पर फ्लाईओवर के पास घटित हुई, जो कि एक व्यस्त मार्ग है। अचानक, उनकी कार के बोनट से धुआं निकलने लगा। पहले तो शायद यह मामूली धुआं लगा होगा, लेकिन देखते ही देखते धुएं ने विकराल रूप ले लिया और आग की लपटें कार को अपनी चपेट में लेने लगीं। यह मंजर इतना अप्रत्याशित और तेज था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जैसे ही कार में आग लगने का एहसास हुआ, चालक योगेश सिंह ने असाधारण सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत कार को हाईवे के किनारे रोका। यह निर्णय ही उन सभी पांच लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने बिना एक पल गंवाए सभी को कार से बाहर निकलने में मदद की। सौभाग्य से, सभी पांचों लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि कुछ ही देर में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वह धू-धू कर जलने लगी। तत्काल प्रतिक्रिया और राहत कार्य: फायर ब्रिगेड और सीपीयू का सराहनीय योगदान जैसे ही कार में आग लगी, आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। सीपीयू (चौराहा पुलिस यूनिट) कर्मी भी तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए फायर ब्रिगेड को बुलाया और मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। सीपीयू कर्मियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आग लगने के कारण हाईवे पर किसी तरह का जाम न लगे और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे, ताकि आपातकालीन वाहन बिना किसी बाधा के घटनास्थल तक पहुंच सकें। फायर ब्रिगेड की टीम बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंची और कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई ने आग को और फैलने से रोका, जिससे आसपास के क्षेत्र में किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई। हालांकि, तब तक पूरी कार जलकर खाक हो चुकी थी और केवल उसका ढांचा ही शेष रह गया था। कार में आग लगने से कोई जनहानि नहीं हुई, यह सबसे बड़ी राहत की बात थी, लेकिन लाखों रुपये का नुकसान हो चुका था। सीपीयू प्रभारी गोधन सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि यातायात को भी सुचारु बनाए रखने में मदद की। आग लगने का कारण और सबक: बैटरी में शॉर्ट सर्किट की आशंका आग लगने के प्रारंभिक कारण के रूप में कार की बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। यह दर्शाता है कि वाहनों में नियमित रखरखाव और समय-समय पर उनकी जांच कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर विद्युत प्रणालियों की। बैटरी में शॉर्ट सर्किट अक्सर तारों के घिसने, ढीले कनेक्शन या पुरानी बैटरी के अत्यधिक गर्म होने के कारण हो सकता है। यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि उन्हें अपनी गाड़ी के रखरखाव को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और वाहनों की नियमित जांच के महत्व को उजागर किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताती है कि किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की पूरी तरह से जांच करना और किसी भी संभावित तकनीकी खराबी को दूर करना कितना आवश्यक है। यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी गाड़ियों के रखरखाव में लापरवाही बरतते हैं। शुक्र है

काशीपुर हाईवे पर दहला देने वाली घटना: चलती कार बनी आग का गोला, बाल-बाल बची 5 जानें!

काशीपुर, 1 जून, 2025 (समय बोल रहा)- काशीपुर हाईवे पर रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। नवाबगंज से रुद्रपुर जा रही एक चलती कार में फ्लाईओवर के पास अचानक भीषण आग लग गई। यह मंजर इतना भयानक था कि कुछ ही पलों में पूरी कार आग के लपटों से घिर गई।…

Read More
काशीपुर, 31 मई 2025 (समय बोल रहा ): कोतवाली क्षेत्र से एक बार फिर एक नाबालिक लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। घर से बिना बताए निकली इस नाबालिक लड़की को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने रामनगर और ठाकुरद्वारा के दो युवकों पर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने लड़की की माँ की तहरीर के आधार पर दोनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाबालिक लड़की 28 मई की शाम से लापता कोतवाली क्षेत्र निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी नाबालिक लड़की बीते 28 मई की शाम घर से अचानक लापता हो गई। लड़की ने घर में किसी को कुछ नहीं बताया और चुपचाप निकल गई। जब देर शाम तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने रिश्तेदारों और आस-पास के इलाकों में उसकी खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन कहीं भी उसका सुराग नहीं मिला। फरदीन और उसके दोस्त पर गंभीर आरोप लड़की की माँ ने कोतवाली पुलिस में दी गई तहरीर में रामनगर चिलकिया टांडा निवासी फरदीन और उसके ठाकुरद्वारा निवासी दोस्त पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मिलकर उसकी नाबालिक बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया है। महिला ने यह भी दावा किया है कि उसकी बेटी पहले भी एक बार घर से इसी तरह चली गई थी और उस समय भी पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पहले भी फरदीन पर लग चुका है शक पहली बार जब लड़की लापता हुई थी, तब बरामद होने के बाद उसने अपनी माँ को बताया था कि फरदीन ही उसे अपने साथ ले गया था। उस समय भी परिवार ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन मामले को हल्का मानकर छोड़ दिया गया था। अब दोबारा उसी युवक का नाम सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। महिला का कहना है कि अगर पहले समय पर कड़ी कार्रवाई की गई होती, तो दोबारा उसकी नाबालिक बेटी ऐसी स्थिति में न पड़ती। माँ की गुहार: मेरी बेटी को वापस लाओ परेशान माँ ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उसकी नाबालिक बेटी को जल्द से जल्द बरामद किया जाए और जिन लोगों ने उसे बहकाया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। महिला ने कहा कि उसकी बेटी अभी नाबालिक है और किसी भी तरह के बहकावे में आसानी से आ सकती है। ऐसे में आरोपी युवक उसके भविष्य को खराब कर सकते हैं। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, शुरू की तलाश कोतवाली पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर रामनगर निवासी फरदीन और उसके ठाकुरद्वारा निवासी दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि लड़की की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम भी बनाई गई है। इलाके में बढ़ी चिंता, लोगों ने जताई नाराजगी एक ही नाबालिक लड़की के दो बार इस तरह लापता होने से इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहली बार सख्त कार्रवाई की होती, तो दोबारा ऐसी घटना नहीं होती। कई स्थानीय लोगों ने भी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और लड़की को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? कानून विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, और अगर इसमें किसी भी प्रकार की यौन शोषण या मानव तस्करी की आशंका हो, तो POCSO एक्ट सहित कई सख्त धाराएं लग सकती हैं। प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बार कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और नाबालिक लड़की को सकुशल बरामद करता है या नहीं। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न केवल पीड़ित परिवार को राहत देती है बल्कि समाज में एक कड़ा संदेश भी जाती है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

काशीपुर: नाबालिक लड़की घर से लापता

काशीपुर, 31 मई 2025 (समय बोल रहा ): कोतवाली क्षेत्र से एक बार फिर एक नाबालिक लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। घर से बिना बताए निकली इस नाबालिक लड़की को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने रामनगर और ठाकुरद्वारा के दो युवकों पर उसे बहला-फुसलाकर…

Read More
काशीपुर , 30 मई 2025 (समय बोल रहा) काशीपुर क्षेत्र में स्थित कात्यायनी फैक्ट्री ( कात्यायनी प्राइवेट लिमिटेड ) नामक टिशू पेपर फैक्ट्री से निकलने वाला घना काला धुआं अब स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट बन गया है। फैक्ट्री की चिमनियों से हर दिन निकलने वाला यह धुआं न केवल वायु प्रदूषण फैला रहा है, बल्कि लोगों का जीना भी मुश्किल कर रहा है। स्थानीय लोग लगातार इस समस्या को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन न तो फैक्ट्री प्रबंधन और न ही प्रशासन इस पर कोई ध्यान दे रहा है। "हर सांस में ज़हर घुला है" – स्थानीय लोगों का आरोप स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सुबह उठते ही आँखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएँ आम हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि यह धुआं न सिर्फ हवा को दूषित कर रहा है, बल्कि उनके घरों तक भी पहुँच रहा है। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया, “हमारी उम्र हो चुकी है, अब सांस लेने में भी डर लगता है। इस काले धुएँ ने जीवन दूभर बना दिया है। बच्चे खांसी से परेशान हैं और कई बार तो घर में भी धुएँ जैसी बदबू आती है।” वहीं एक महिला ने कहा, “हम कपड़े बाहर सुखाते हैं तो उन पर काली परत जम जाती है। घर के दरवाज़े-खिड़कियां बंद रखने के बावजूद यह धुआं अंदर आ जाता है। क्या हम ज़हर में जीने के लिए मजबूर हैं?” कात्यायनी फैक्ट्री प्रशासन का गैर-जिम्मेदाराना रवैया जब "समय बोल रहा" की टीम ने इस गंभीर मुद्दे पर फैक्ट्री के जनरल मैनेजर श्री कपिल गौतम से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जीएम की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है – क्या फैक्ट्री प्रबंधन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा? क्या उन्हें अपने सामाजिक और कानूनी दायित्वों की कोई परवाह नहीं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री ने प्रदूषण नियंत्रण के कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किए हैं। यदि धुआं नियंत्रित करने की तकनीक होती, तो यह समस्या इतनी विकराल नहीं होती। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की चुप्पी पर नाराज़गी स्थानीय जनता अब सीधे तौर पर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को कटघरे में खड़ा कर रही है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें दर्ज करवाई गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “क्या प्रदूषण अधिकारी केवल फाइलों पर साइन करने के लिए हैं? क्या उन्हें यह धुआं दिखाई नहीं देता? जब सब कुछ सामने हो रहा है, फिर भी आँखें मूँद लेना, यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं मिलीभगत ज़रूर है।” स्थानीय लोगों की एकजुटता और आंदोलन की चेतावनी स्थिति से त्रस्त होकर अब स्थानीय लोग एकजुट हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि फैक्ट्री को नियंत्रित करने के उपाय नहीं किए गए, तो वे ज़िला मुख्यालय पर धरना देंगे और सोशल मीडिया व मीडिया के ज़रिए इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएंगे। लोगों की मांग – तुरंत कार्रवाई हो स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं: कात्यायनी फैक्ट्री को प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए। चिमनियों में आधुनिक धुआं नियंत्रण तकनीक लगाई जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा फैक्ट्री का निरीक्षण किया जाए। सिर्फ कात्यायनी नहीं, यह पूरे क्षेत्र की समस्या यह मामला केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है। काशीपुर क्षेत्र में कई ऐसी फैक्ट्रियाँ कार्यरत हैं जो पर्यावरणीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा क्षेत्र साँस लेने लायक नहीं बचेगा। "समय बोल रहा" की अपील हम प्रशासन और संबंधित विभागों से अपील करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लें। कात्यायनी प्राइवेट लिमिटेड जैसे संस्थानों को ज़िम्मेदारी के साथ संचालन करना चाहिए। हम जनता के साथ खड़े हैं और इस मुद्दे को तब तक उठाते रहेंगे, जब तक समाधान न हो।

कात्यायनी फैक्ट्री का काला धुआं बना मुसीबत: प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

काशीपुर , 30 मई 2025 (समय बोल रहा) काशीपुर क्षेत्र में स्थित कात्यायनी फैक्ट्री ( कात्यायनी प्राइवेट लिमिटेड ) नामक टिशू पेपर फैक्ट्री से निकलने वाला घना काला धुआं अब स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट बन गया है। फैक्ट्री की चिमनियों से हर दिन निकलने वाला यह धुआं न केवल…

Read More
काशीपुर, 29 मई 2025 (समय बोल रहा): काशीपुर प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने ग्राम बैलजूडी, तहसील काशीपुर में कब्रिस्तान कमेटी, अल्लीखों द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर बनाए गए अवैध गेट और अतिक्रमण को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई दो दिनों तक चली और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी राजकीय भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। क्या था पूरा मामला: सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा मामले की जानकारी देते हुए उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें ग्राम बैलजूडी, तहसील काशीपुर में कब्रिस्तान कमेटी, अल्लीखों द्वारा खसरा नंबर 593 पर अवैध अतिक्रमण कर एक गेट के निर्माण की शिकायत मिली थी। यह खसरा नंबर 593 राजस्व अभिलेखों में वर्ग-6(2) रास्ते के रूप में दर्ज है, जिसका अर्थ है कि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए एक रास्ता है। इस शिकायत के संदर्भ में, नगर निगम, तहसील काशीपुर, चकबंदी विभाग और लोक निर्माण विभाग से एक संयुक्त जांच आख्या (रिपोर्ट) प्राप्त की गई। इस रिपोर्ट में सभी विभागों ने पुष्टि की कि कब्रिस्तान कमेटी द्वारा वास्तव में सार्वजनिक रास्ते पर अवैध अतिक्रमण कर गेट का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन की कानूनी प्रक्रिया: नोटिस और सुनवाई अवैध अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से धारा 152 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कब्रिस्तान कमेटी को नोटिस जारी किए। उप जिलाधिकारी ने बताया कि नोटिस जारी करने के बाद, मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुना गया और उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद, 27 मई को उप जिलाधिकारी द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटाये जाने के आदेश पारित किए गए। यह दर्शाता है कि प्रशासन ने बिना किसी भेदभाव के, नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह निर्णय लिया। दो दिवसीय ध्वस्तिकरण अभियान: रास्ता हुआ पूरी तरह खाली उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने आगे बताया कि अदालत के आदेश के अनुपालन में, 28 मई बुधवार को अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई। यह अभियान बेहद व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से चलाया गया। 29 मई, गुरुवार की सुबह तक, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, तहसीलदार काशीपुर और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने मिलकर इस अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आम जनमानस को आने-जाने में कोई समस्या उत्पन्न न हो और भविष्य में इस अवैध निर्माण के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होने की संभावना न रहे। उप जिलाधिकारी ने पुष्टि की कि वर्तमान में उक्त रास्ता पूर्ण रूप से खोल दिया गया है और अब यह आम जनता के आवागमन के लिए पूरी तरह से सुलभ है। भविष्य की चेतावनी: अन्य अतिक्रमणकारियों पर भी होगी कार्रवाई इस सफल अभियान के बाद, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने एक स्पष्ट संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अन्य स्थानों पर भी, जहाँ राजकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, उन्हें चिन्हित किया जाएगा और नियमानुसार अवैध अतिक्रमण को हटाये जाने की कार्यवाही की जाएगी। यह बयान उन सभी अतिक्रमणकारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, जिन्होंने सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। प्रशासन अब ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं बरतेगा और कानून के दायरे में रहकर सख्त से सख्त कदम उठाएगा।

एक्शन में काशीपुर प्रशासन: कब्रिस्तान कमेटी का सार्वजनिक रास्ते पर अवैध गेट ध्वस्त, अब कहीं नहीं बचेगा कब्जा!

काशीपुर, 29 मई 2025 (समय बोल रहा): काशीपुर प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने ग्राम बैलजूडी, तहसील काशीपुर में कब्रिस्तान कमेटी, अल्लीखों द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर बनाए गए अवैध गेट और…

Read More
काशीपुर, 03 अक्टूबर 2025 (समय बोल रहा )– गिरीताल क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता ने अपने पति समेत तीन ससुरालियों पर दहेज में क्रेटा कार और 8 लाख रुपये नकद की मांग पूरी न होने पर गंभीर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। विवाहिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? गिरीताल निवासी शैलजा सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी शादी 14 जनवरी 2024 को दिल्ली निवासी ऋषभ चौहान से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद उनके ससुराल वाले उनसे क्रेटा कार और 8 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। शैलजा सिंह का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनके पति ऋषभ चौहान, सास स्नेहलता चौहान और ससुर राम सिंह चौहान ने उन्हें कम दहेज लाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। गर्भावस्था में की मारपीट और बनाया दबाव पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती थीं, तब भी उनके पति ऋषभ चौहान ने उनके साथ मारपीट की और उन पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। यह घटना ससुरालियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की गंभीरता को दर्शाती है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि 14 अप्रैल 2024 को दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उन्हें घर में बंद कर दिया, खाना-पीना नहीं दिया और कथित तौर पर जलाकर मारने का प्रयास भी किया। पिता ने कराया बच्चे का जन्म, ससुरालियों ने दी गाली-गलौज शैलजा ने बताया कि इस उत्पीड़न के बाद वह किसी तरह अपने मायके पहुंचीं। बाद में, उन्होंने 26 नवंबर 2024 को काशीपुर के एक अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका संपूर्ण खर्च उनके माता-पिता द्वारा उठाया गया। बच्चे के जन्म की सूचना देने पर भी ससुराल वालों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय, उन्हें गाली-गलौज की और दहेज की मांग जारी रखी। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू विवाहिता शैलजा सिंह की तहरीर के आधार पर, पुलिस ने आरोपी पति ऋषभ चौहान, सास स्नेहलता चौहान और ससुर राम सिंह चौहान के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली में उनके पते पर पुलिस टीम भेजने की तैयारी की जा रही है।

काशीपुर के दुर्गापुर दोहरे हत्याकांड में न्याय की जीत: 10 दोषियों को आजीवन कारावास की कठोर सजा

काशीपुर, 28 मई 2025 (समय बोल रहा): काशीपुर के कुंडा थाना क्षेत्र में करीब दस साल नौ महीने पहले हुए बहुचर्चित और जघन्य दोहरा हत्याकांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्या की अदालत ने इस निर्मम वारदात के 10 दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई…

Read More
काशीपुर, 26 मई 2025 (समय बोल रहा): तीर्थ स्थल द्रोणासागर से जुड़ी भूमि पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। श्री डमरू वाले बाबा मंदिर सेवा ट्रस्ट ने काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) के अध्यक्ष पर सरकारी भूमि पर फर्जी तरीके से कब्जा कर निर्माण करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ट्रस्ट ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इस घटना ने क्षेत्र में भूमि विवादों और धार्मिक स्थलों से जुड़ी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या है पूरा मामला? ट्रस्ट ने लगाए गंभीर आरोप श्री डमरू वाले बाबा मंदिर सेवा ट्रस्ट द्वारा एसडीएम कार्यालय को सौंपे गए ज्ञापन में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ट्रस्ट के अनुसार, 9 जुलाई 2021 को केडीएफ के नाम एक रजिस्ट्री कराई गई थी। इस रजिस्ट्री में खसरा संख्या 70 मिन की भूमि का उल्लेख किया गया था, जिसे शंभूनाथ की निजी भूमि दर्शाया गया था। हालांकि, ट्रस्ट का आरोप है कि केडीएफ अध्यक्ष ने धोखाधड़ी करते हुए रजिस्ट्री में दर्शाई गई भूमि के बजाय, उसके पास स्थित सरकारी भूमि खसरा संख्या 69 मिन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। यह सरकारी भूमि तीर्थ स्थल द्रोणासागर का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसका अपना ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। ट्रस्ट ने अपने ज्ञापन में यह भी दावा किया है कि दानदाता द्वारा रजिस्ट्री में जिन स्थानों की तस्वीरें पेश की गई थीं, वे तस्वीरें वास्तव में खसरा संख्या 70 मिन की भूमि की नहीं थीं, बल्कि सरकारी भूमि खसरा संख्या 69 मिन की थीं, जिस पर अब अवैध कब्जा कर लिया गया है। बिना अनुमति निर्माण, गोविषाण टीले से दूरी का उल्लंघन ट्रस्ट ने आरोप लगाया है कि केडीएफ अध्यक्ष ने इस सरकारी भूमि खसरा संख्या 69 मिन पर बिना किसी सक्षम शासन की अनुमति के एक कार्यालय और एक पक्की दीवार का निर्माण करा लिया है। ट्रस्ट ने यह भी रेखांकित किया है कि यह निर्माण गोविषाण टीले से 100 मीटर के अंदर किया गया है, जबकि ऐसे धार्मिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों के आसपास निर्माण के लिए विशेष नियमों और अनुमतियों की आवश्यकता होती है। ट्रस्ट का कहना है कि यह अवैध निर्माण न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, बल्कि यह क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को भी ठेस पहुंचाता है। ट्रस्ट के सदस्यों ने की कार्रवाई की मांग ज्ञापन सौंपने के दौरान श्री डमरू वाले बाबा मंदिर सेवा ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। इनमें संस्थापक अजय कुमार चौहान, अध्यक्ष अक्षय कुमार नायक, उपाध्यक्ष विजय चौहान, सचिव विजेंद्र सिंह चौहान और कोषाध्यक्ष विशाल गुप्ता शामिल रहे। इन सभी सदस्यों ने एसडीएम से मांग की है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए, सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया जाए और धोखाधड़ी करने वाले केडीएफ अध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि द्रोणासागर जैसे पवित्र स्थल की भूमि को संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। केडीएफ अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा, मंदिर ट्रस्ट पर ही लगाए गंभीर आरोप दूसरी ओर, काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) के अध्यक्ष राजीव घई ने श्री डमरू वाले बाबा मंदिर सेवा ट्रस्ट द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। घई ने पलटवार करते हुए कहा है कि जो लोग उनके खिलाफ शिकायत कर रहे हैं, उन्होंने स्वयं मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे का दुरुपयोग किया जा रहा है और वे लोग विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं। घई ने कहा कि उनके द्वारा (केडीएफ) मंदिर क्षेत्र में कुछ रोक-टोक और व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके कारण ये लोग उनके खिलाफ गलत आरोप लगा रहे हैं। केडीएफ अध्यक्ष राजीव घई ने दावा किया कि उनके द्वारा कोई अवैध कब्जा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "अवैध कब्जे का मामला राजस्व विभाग देखेगा। उन्होंने (ट्रस्ट ने) शिकायत की है, उसकी जांच होगी। हमारा कोई कब्जा नहीं है।" घई ने स्पष्ट किया कि उनके सभी कार्य वैध हैं और वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। प्रशासन की भूमिका और आगे की राह एसडीएम कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और मामले की जांच का आश्वासन दिया है। अब यह राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों पर निर्भर करता है कि वे भूमि के अभिलेखों की गहन जांच करें, मौके पर स्थिति का सत्यापन करें और आरोपों की सच्चाई का पता लगाएं। इस विवाद में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे सच्चाई का पता लगाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। द्रोणासागर एक प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जिसकी भूमि को लेकर विवाद का गहराना चिंता का विषय है। प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी होगी ताकि न केवल कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सके, बल्कि ऐसे पवित्र स्थलों की गरिमा और उनकी भूमि की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

काशीपुर: द्रोणासागर की सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद गहराया, केडीएफ अध्यक्ष पर धोखाधड़ी का आरोप

काशीपुर, 26 मई 2025 (समय बोल रहा): तीर्थ स्थल द्रोणासागर से जुड़ी भूमि पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। श्री डमरू वाले बाबा मंदिर सेवा ट्रस्ट ने काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (केडीएफ) के अध्यक्ष पर सरकारी भूमि पर फर्जी तरीके से कब्जा कर निर्माण करने का आरोप लगाया है। इस…

Read More
काशीपुर, 25 मई 2025 (समय बोल रहा): काशीपुर में बाइक चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शहर के बीचों-बीच स्थित एक मिठाई की दुकान के बाहर से सामने आया है, जहां कुछ देर के लिए खड़ी की गई एक बाइक रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से शहर में एक बार फिर वाहन चोरों के बढ़ते आतंक को लेकर हड़कंप मच गया है। गौरी स्वीट्स के सामने से हुई चोरी की घटना जानकारी के अनुसार, श्यामपुरम कॉलोनी, खड़कपुर देवीपुरा निवासी गारवित शर्मा पुत्र नरेंद्र शर्मा ने थाना आईटीआई में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। गारवित शर्मा ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे वह अपनी मोटरसाइकिल से किसी काम के लिए निकले थे। उन्होंने अपनी बाइक शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक, गौरी स्वीट्स के सामने खड़ी की और अपने आवश्यक काम से चले गए। यह क्षेत्र आमतौर पर भीड़भाड़ वाला रहता है और लोगों को उम्मीद रहती है कि यहां वाहन सुरक्षित रहेंगे। एक घंटे में बाइक गायब, मचा हड़कंप गारवित शर्मा के अनुसार, वह अपना काम निपटाकर करीब 10:30 बजे अपनी बाइक लेने वापस लौटे। लेकिन जब वह गौरी स्वीट्स के सामने पहुंचे, तो उन्हें अपनी बाइक वहां नहीं मिली। पहले तो उन्हें लगा कि शायद उन्होंने कहीं और खड़ी कर दी होगी, लेकिन आसपास देखने और काफी खोजबीन करने के बावजूद बाइक का कोई सुराग नहीं मिला। लगभग एक घंटे के भीतर ही उनकी बाइक मौके से गायब हो चुकी थी। इस घटना से गारवित शर्मा के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू शिकायत मिलने के बाद, थाना आईटीआई की पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने गारवित शर्मा की शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का प्रयास कर रही है, ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। पुलिस ने पीड़ित को आश्वासन दिया है कि जल्द ही चोरों को पकड़कर उनकी बाइक बरामद कर ली जाएगी। शहर में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाएं, जनता में दहशत काशीपुर में पिछले कुछ समय से बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शहर के विभिन्न इलाकों से आए दिन बाइक चोरी की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे आम जनता में दहशत का माहौल है। वाहन चोर इतने बेखौफ हो गए हैं कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों और व्यस्त सड़कों से भी बाइकों को आसानी से निशाना बना रहे हैं। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा है। नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण जैसे डिस्क लॉक या एंटी-थेफ्ट अलार्म का इस्तेमाल करें। साथ ही, अनजान जगहों पर वाहन खड़े करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी को भी वाहन चोरी या संदिग्ध गतिविधि के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि काशीपुर में वाहन चोरों का गिरोह सक्रिय है और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस को और अधिक सक्रियता दिखानी होगी। अपनी बाइक शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक, गौरी स्वीट्स के सामने खड़ी की और अपने आवश्यक काम से चले गए। यह क्षेत्र आमतौर पर भीड़भाड़ वाला रहता है और लोगों को उम्मीद रहती है कि यहां वाहन सुरक्षित रहेंगे।

ब्रेकिंग! काशीपुर में मिठाई लेने गए, बाइक हुई गायब! गौरी स्वीट्स के बाहर खड़ी बाइक चोरी, मचा हड़कंप!

काशीपुर, 25 मई 2025 (समय बोल रहा): काशीपुर में बाइक चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शहर के बीचों-बीच स्थित एक मिठाई की दुकान के बाहर से सामने आया है, जहां कुछ देर के लिए खड़ी की गई एक बाइक रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। पीड़ित ने तुरंत…

Read More
काशीपुर, 24 मई 2025 (समय बोल रहा): उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने आज जनपद भ्रमण के दौरान काशीपुर का दौरा किया। वे दोपहर 2 बजे कार द्वारा मंडी विश्राम गृह पहुंचे, जहां जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राज्यपाल के आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया, जो प्रोटोकॉल के अनुसार विशिष्ट अतिथियों को दिया जाता है। इस संक्षिप्त दौरे के दौरान राज्यपाल ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। भव्य स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के काशीपुर पहुंचने पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने स्वयं उपस्थित होकर उनका स्वागत किया। दोनों अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल महोदय का अभिनंदन किया। मंडी विश्राम गृह परिसर में पुलिस बल द्वारा राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसमें जवानों ने पूरी मुस्तैदी और सम्मान के साथ सलामी दी। यह स्वागत समारोह राज्यपाल के प्रति सम्मान और प्रोटोकॉल का हिस्सा था, जो उनके आगमन पर आयोजित किया गया। राज्यपाल ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। संक्षिप्त ठहराव और अधिकारियों से मुलाकात राज्यपाल का यह दौरा मुख्य रूप से जनपद भ्रमण का हिस्सा था। मंडी विश्राम गृह में उनके अल्प विश्राम के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य मौजूद अधिकारियों से अनौपचारिक बातचीत की। हालांकि, इस मुलाकात का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि राज्यपाल ने जनपद में चल रही विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली होगी। राज्यपाल समय-समय पर राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लेते रहते हैं, ताकि उन्हें जनता की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति के बारे में सीधा फीडबैक मिल सके। राजभवन नैनीताल के लिए प्रस्थान मंडी विश्राम गृह में लगभग सवा घंटे के अल्प विश्राम के बाद, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर कार द्वारा राजभवन नैनीताल के लिए प्रस्थान कर गए। उनका यह दौरा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न हुआ। राज्यपाल के काफिले को सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजभवन नैनीताल के लिए रवाना किया गया। उपस्थित प्रमुख अधिकारी इस अवसर पर राज्यपाल के स्वागत और विदाई के लिए कई प्रमुख प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एसपी निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, सी.एस. चौहान, सीओ दीपक सिंह, आर.डी. मठपाल और तहसीलदार सुभांगनी जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इन सभी अधिकारियों ने राज्यपाल के भ्रमण को सफल बनाने और प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभाई। जनपद भ्रमण का महत्व राज्यपाल

काशीपुर पहुंचे राज्यपाल गुरमीत सिंह, जिलाधिकारी और एसएसपी ने किया भव्य स्वागत

काशीपुर, 24 मई 2025 (समय बोल रहा): उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने आज जनपद भ्रमण के दौरान काशीपुर का दौरा किया। वे दोपहर 2 बजे कार द्वारा मंडी विश्राम गृह पहुंचे, जहां जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राज्यपाल के आगमन पर उन्हें…

Read More
काशीपुर, 23 मई 2025  (समय बोल रहा)  — उत्तराखंड के काशीपुर क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुंडेश्वरी पुलिस चौकी की टीम ने शुक्रवार को गश्त के दौरान ग्राम रमपुरा निवासी एक युवक को अवैध कच्ची शराब की तस्करी करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी स्कूटी पर सवार था और शराब की खेप को किसी गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से 70 पाउच अवैध कच्ची शराब बरामद की, जिसे उसने स्कूटी के अंदर छिपा रखा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम सतपाल सिंह पुत्र जर्नेल सिंह बताया, जो कि ग्राम रमपुरा का निवासी है। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उत्तराखंड आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। गश्त के दौरान पकड़ा गया आरोपी कुंडेश्वरी पुलिस चौकी इंचार्ज ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम नियमित गश्त पर थी, तभी एक स्कूटी सवार युवक को संदिग्ध अवस्था में जाते देखा गया। जब उसे रोककर पूछताछ की गई और तलाशी ली गई, तो स्कूटी की सीट के नीचे और डिक्की में प्लास्टिक की थैलियों में भरकर रखे गए 70 पाउच कच्ची शराब बरामद हुए। शराब की तेज गंध और थैलों की पैकिंग से साफ था कि यह शराब अवैध रूप से तैयार और तस्करी की जा रही थी। स्थानीय तस्करों पर कसेगा शिकंजा पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर चल रहे अवैध कच्ची शराब के नेटवर्क पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्र में लंबे समय से यह सूचना मिल रही थी कि कुछ असामाजिक तत्व अवैध शराब का निर्माण और वितरण कर रहे हैं, जिससे ना केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। पुलिस अब इस मामले की तह तक जाकर यह पता लगाने में जुट गई है कि आरोपी सतपाल सिंह किसके लिए यह शराब लेकर जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। शराब माफियाओं के खिलाफ सख्ती काशीपुर क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा एक लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। खासकर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में कच्ची शराब का निर्माण व वितरण तेजी से बढ़ा है। पुलिस विभाग द्वारा कई बार ऐसे अड्डों पर छापेमारी की जाती रही है, लेकिन शराब माफिया नए-नए तरीकों से कानून से बचने की कोशिश करते रहते हैं। पुलिस अब ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है। कुंडेश्वरी पुलिस चौकी की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि कच्ची शराब ने कई परिवारों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है। अवैध शराब पीने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और कई बार मौत तक के मामले सामने आए हैं। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। स्कूटी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है और अब उसकी जांच की जा रही है कि वह स्कूटी किसके नाम पर है और क्या यह वाहन पहले भी किसी अवैध गतिविधि में प्रयुक्त हुआ है। पुलिस का यह भी कहना है कि सतपाल सिंह से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह शराब कहां से लेकर आया था और किन लोगों तक इसे पहुंचाने वाला था। इस मामले में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है और पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की दिशा में कार्रवाई करेगी। पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अपने आस-पास यदि कहीं अवैध शराब बनते या बिकते देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। पुलिस विभाग का उद्देश्य है कि समाज को नशे के जहर से मुक्त किया जा सके और युवाओं को इस गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सके।

काशीपुर: अवैध कच्ची शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्कूटी सवार युवक गिरफ्तार, 70 पाउच बरामद

काशीपुर, 23 मई 2025  (समय बोल रहा)  — उत्तराखंड के काशीपुर क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुंडेश्वरी पुलिस चौकी की टीम ने शुक्रवार को गश्त के दौरान ग्राम रमपुरा निवासी एक युवक को अवैध कच्ची शराब की तस्करी करते हुए रंगे हाथों…

Read More
महुआखेड़ा गंज, 22 मई 2025 (समय बोल रहा): महुआखेड़ा गंज स्थित एक बैटरी रिसाइकलिंग प्लांट में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते लाखों रुपये का सामान राख कर दिया। सुबह तड़के करीब सवा चार बजे लगी इस आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और आग को आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक फैलने से रोका जा सका। अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन प्लांट स्वामी को करीब 85 लाख रुपये के भारी नुकसान का अनुमान है। सुबह 4:20 बजे लगी भीषण आग, कच्चा माल चपेट में जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुबह लगभग 4 बजकर 20 मिनट पर महुआखेड़ा गंज क्षेत्र में स्थित उम्मेद हानि इंडस्ट्री नामक बैटरी रिसाइकलिंग प्लांट में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि उसने प्लांट के अंदर रखे बैटरी रिसाइकलिंग के कच्चे माल (रॉ मटेरियल्स) को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही देखा जा सकता था, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। प्लांट के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। दमकल टीम की त्वरित कार्रवाई, आग को फैलने से रोका सूचना मिलते ही फायर स्टेशन से लीडिंग फायरमैन चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में दमकल की एक यूनिट तत्काल मौके पर पहुंची। अग्निशमन दल के जवानों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने फायर इंजन से एक होज लगाकर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दमकलकर्मियों की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग को पास की अन्य फैक्ट्रियों और आवासीय संस्थानों तक फैलने से रोका जा सका, अन्यथा नुकसान का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता था। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। लाखों का नुकसान, जनहानि नहीं अग्निकांड के बाद प्लांट में हुए नुकसान का आकलन किया गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में प्लांट स्वामी का करीब 85 लाख रुपये का भारी नुकसान होने की संभावना जताई गई है। आग लगने से बैटरी रिसाइकलिंग का कच्चा माल और अन्य उपकरण जलकर खाक हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के समय प्लांट में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। अग्निशमन दल की सराहनीय भूमिका इस सफल अग्निशमन अभियान में फायर यूनिट टीम के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लीडिंग फायरमैन चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में फायरमैन कृपाल सिंह, महिला फायरमैन ज्योति, महिला फायरमैन शिखा मालिक और चालक दीपक राठौर ने विषम परिस्थितियों में भी साहस और लगन से काम करते हुए आग पर काबू पाया। उनकी त्वरित कार्रवाई और पेशेवर दक्षता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और आसपास की संपत्तियों को भारी नुकसान से बचाया जा सका। स्थानीय लोगों ने भी अग्निशमन विभाग के जवानों की इस सराहनीय कार्य की सराहना की है। आग लगने के कारणों की जांच जारी फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण लगी होगी। जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में आग सुरक्षा मानकों के पालन के महत्व को रेखांकित किया है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके। प्लांट के मालिक भी आग लगने के कारणों और नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं।

लाखों का नुकसान! महुआखेड़ा गंज में बैटरी रिसाइकलिंग प्लांट में भीषण आग, कैसे हुआ इतना बड़ा अग्निकांड?

महुआखेड़ा गंज, 22 मई 2025 (समय बोल रहा): महुआखेड़ा गंज स्थित एक बैटरी रिसाइकलिंग प्लांट में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते लाखों रुपये का सामान राख कर दिया। सुबह तड़के करीब सवा चार बजे लगी इस आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां…

Read More