दिल्ली मेट्रो में आज से सफर हुआ महंगा: 8 साल बाद DMRC ने बढ़ाया किराया, स्मार्ट कार्ड यूजर्स को मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लाखों यात्रियों की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो में सफर करना आज से महंगा हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लगभग आठ साल बाद किराए में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों की जेब पर पड़ेगा। DMRC ने एक बयान जारी कर किराए में संशोधन की पुष्टि की है, जो आज यानी 25 अगस्त से ही प्रभावी हो गए हैं। यह बढ़ोतरी सामान्य मेट्रो लाइनों और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन दोनों पर लागू होगी।
किराए में कितनी हुई बढ़ोतरी?
डी.एम.आर.सी. के अनुसार, किराए में यह बदलाव मामूली है, लेकिन इससे न्यूनतम और अधिकतम दोनों किराए प्रभावित हुए हैं।
- सामान्य मेट्रो लाइनों पर: किराए में ₹1 से ₹4 तक की वृद्धि की गई है।
- एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर: किराया ₹1 से ₹5 तक बढ़ाया गया है।
इस बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली मेट्रो का न्यूनतम किराया ₹11 और अधिकतम किराया ₹64 हो गया है। यह नई दरें सभी स्टेशनों और रूटों पर लागू होंगी।
स्मार्ट कार्ड यूजर्स को मिलेगी राहत
इस किराए वृद्धि के बीच, उन यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है जो स्मार्ट कार्ड (Smart Card) का उपयोग करते हैं। स्मार्ट कार्ड से यात्रा करने वालों को पहले की तरह किराए में छूट मिलती रहेगी, जो कि नियमित यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम DMRC द्वारा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और यात्रियों को स्मार्ट कार्ड का अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रयास भी है।
8 साल बाद क्यों बढ़ा किराया?
दिल्ली मेट्रो में पिछली बार किराया वृद्धि 2017 में हुई थी। इसके बाद से, मेट्रो के संचालन और रखरखाव की लागत में काफी वृद्धि हुई है। बिजली, कर्मचारियों के वेतन, मरम्मत, और नई परियोजनाओं पर होने वाले खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इन बढ़ती लागतों को पूरा करने और मेट्रो सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए, DMRC को किराया बढ़ाना पड़ा। DMRC का कहना है कि यह वृद्धि मेट्रो के भविष्य के संचालन और नए विस्तार योजनाओं के लिए जरूरी है।
आम जनता पर असर और प्रतिक्रियाएं
किराए में बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो मेट्रो को अपनी यात्रा का मुख्य साधन मानते हैं। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह एक अतिरिक्त बोझ साबित होगा। हालांकि, DMRC का कहना है कि मेट्रो अभी भी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन का सबसे सस्ता और सबसे कुशल साधन है, खासकर बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों के मुकाबले।
कुछ यात्री इस फैसले से निराश हैं, जबकि कुछ इसे परिचालन लागतों को देखते हुए एक आवश्यक कदम मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियाँ
किराया वृद्धि से प्राप्त राजस्व का उपयोग मेट्रो सेवाओं को बेहतर बनाने, नई लाइनों का निर्माण करने और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव में किया जाएगा। आने वाले समय में, दिल्ली मेट्रो अपनी कनेक्टिविटी का विस्तार करने और यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की योजना बना रही है। हालांकि, इस किराया वृद्धि के बाद, यह देखना होगा कि क्या यह कदम यात्रियों की संख्या पर कोई नकारात्मक प्रभाव डालता है या नहीं।