सुखवंत सिंह का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, उमड़ा जनसैलाब — परिवार की तीन बड़ी मांगें, CBI जांच की उठी जोरदार मांग
काशीपुर 11 जनवरी 2026 (समय बोल रहा)
स्वर्गीय सुखवंत सिंह का पार्थिव शरीर जब उनके निवास स्थान पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे और परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।
माहौल गमगीन होने के साथ-साथ आक्रोश से भी भरा नजर आया।परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर षड्यंत्र है, जिसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है। परिजनों ने सरकार से इस पूरे प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की मांग की।
परिवार ने बताया कि सुखवंत सिंह द्वारा आत्महत्या से पहले जो वीडियो रिकॉर्ड किया गया था, उसमें जिन-जिन लोगों के नाम लिए गए हैं और जिन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ उसी आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में कुछ अधिकारी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, इसलिए ऐसे सभी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए।परिवार की प्रमुख मांगेंमांग
1:पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और परिवार को न्याय मिल सके।मांग 2:सुखवंत सिंह की जिस जमीन का पैसा अब तक नहीं मिला है, उसे लेकर सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे। या तो वह जमीन वापस दिलाई जाए या फिर लगभग 4 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि परिवार को दिलाई जाए।मांग 3:परिजनों ने सरकार को कल दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है।
उनका कहना है कि यदि तय समय तक ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सुखवंत सिंह के पार्थिव शरीर को लेकर आईटीआई थाना, काशीपुर पहुंचेंगे और वहीं रखकर विरोध दर्ज कराएंगे।परिवार का कहना है कि यह लड़ाई केवल सुखवंत सिंह की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जो सिस्टम की लापरवाही और दबाव का शिकार होते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और सरकार के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार परिवार की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या वाकई पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा या नहीं।

