देश भर में भारी बारिश और बाढ़ का कहर: राजस्थान में घर-दुकानें डूबीं, यूपी में बांध टूटा और उत्तराखंड में हाईवे बंद

नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – मानसून की सक्रियता ने देश के कई हिस्सों में कहर बरपा रखा है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार तक, भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति है, जिससे घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और भूस्खलन के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है।
राजस्थान: बाढ़ और जलभराव से जनजीवन प्रभावित

राजस्थान के कई इलाकों में पिछले दो दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। राजधानी जयपुर और सीकर जैसे शहरों में भारी जलभराव से आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीकर रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पानी में डूब गए हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। सबसे ज्यादा खराब हालात उदयपुर में हैं, जहां घरों और दुकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है।
- यातायात ठप: जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पिछले दो दिनों से जलमग्न है। इसके अलावा, खेरवाड़ा-झाड़ोल मार्ग (NH 927A) पर सोम नदी का पानी आने से रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है।
- भूस्खलन का खतरा: सवाई माधोपुर में बारिश के बाद करीब 50 फीट जमीन धंस गई है, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश: घाघरा नदी पर बना बांध टूटा

उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। चंदौली जिले में घाघरा नदी पर बना मुसाहिबपुर बांध अचानक टूट गया, जिससे इसका पानी आसपास के 5 गांवों में घुस गया है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, फर्रुखाबाद का भुड़िया भेड़ा गांव गंगा नदी की बाढ़ के कारण टापू बन गया है। यहां के लोग नावों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं, क्योंकि सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
उत्तराखंड: यमुनोत्री हाईवे बंद
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश ने कहर बरपाया है। यमुनोत्री नेशनल हाईवे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की वजह से बंद हो गया है। यह भूस्खलन बाणस के पास हुआ, जिससे यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। राजमार्ग बंद होने से यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूस्खलन से सड़क पर मलबा और पत्थर गिर गए हैं, जिन्हें हटाने का काम जारी है।

बिहार और झारखंड: नदियां उफान पर, बाढ़ के हालात
देश के पूर्वी हिस्सों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बिहार की राजधानी पटना में सोमवार की सुबह मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को जलभराव वाली सड़कों पर चलने में कठिनाई हो रही है।
झारखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण नालंदा जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और राहत कार्यों के लिए टीमें तैयार रखी हैं।
यह स्थिति दर्शाती है कि मानसून का प्रकोप पूरे देश में बढ़ गया है, जिससे प्रशासन को आपदा प्रबंधन के लिए विशेष कदम उठाने पड़ रहे हैं। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे इन क्षेत्रों में स्थिति और खराब होने की आशंका है।