जसपुर में नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए कार्यशाला का आयोजन, सरकारी योजनाओं से अवगत कराएंगे अधिकारी

रूद्रपुर, 22 अगस्त 2025 – (समय बोल रहा ) – जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देश पर, जसपुर में एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 23 अगस्त, शनिवार को सुबह 11 बजे से विकास खंड कार्यालय जसपुर में आयोजित की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में नव-निर्वाचित प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देना है। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने बताया कि यह कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों और आम जनमानस दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी देना प्राथमिकता
इस कार्यशाला में जिला स्तरीय अधिकारी और विभागाध्यक्ष मौजूद रहेंगे। वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं, जन कल्याणकारी कार्यक्रमों और सरकारी नीतियों के बारे में जनप्रतिनिधियों को अवगत कराएंगे। अधिकारियों द्वारा यह जानकारी पीपीटी (प्रेजेंटेशन), पोस्टर, बैनर और अन्य माध्यमों से दी जाएगी, ताकि सभी जानकारी प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक आम जनता तक पहुंचे। यह तभी संभव है जब जमीनी स्तर पर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों को इन योजनाओं की पूरी जानकारी हो। यह कार्यशाला इसी उद्देश्य को पूरा करेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं और जन्म-मृत्यु पंजीकरण पर विशेष जोर
कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारी जन्म-मृत्यु से संबंधित कार्यों की जानकारी देंगे, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। इसके अलावा, अन्य विभाग भी अपनी योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कार्यशाला में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और अपनी विभागीय योजनाओं की पूरी जानकारी दें। उन्होंने उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी जसपुर को भी यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और आम जनमानस को कार्यशाला के बारे में सूचित किया जाए और कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।
सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
यह कार्यशाला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें वह जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हल करना चाहता है। निर्वाचित प्रतिनिधियों को शिक्षित करने से वे अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर पाएंगे। यह पहल सुशासन और जन भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता लाएगा। इस कार्यशाला से यह उम्मीद की जा रही है कि यह ग्रामीण विकास के लिए एक नई दिशा तय करेगी।