भारत 10 मई 2025 (समय बोल रहा ) भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर आज सुबह लागू हुआ सीजफायर (युद्धविराम) कुछ ही घंटों में तार-तार हो गया। पाकिस्तान ने एक बार फिर विश्वासघात करते हुए जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में अकारण गोलीबारी और मोर्टार दागना शुरू कर दिया, जिससे शांति की उम्मीदें पल भर में काफूर हो गईं और सीमा पर तनाव का माहौल फिर से गहरा गया। इस कायराना हरकत ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को एक और गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले निर्दोष नागरिकों के मन में भी भय और असुरक्षा की भावना को और मजबूत कर दिया है। सुबह की शांति, दोपहर का उल्लंघन: जम्मू-कश्मीर के किन इलाकों में हुई फायरिंग? आज सुबह, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर हुई सकारात्मक बातचीत के बाद सीमा पर शांति स्थापित करने पर सहमति बनी थी। इस सद्भावनापूर्ण पहल से जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली थी, जो लंबे समय से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) पर जारी तनाव और गोलाबारी से त्रस्त थे। हालांकि, यह अल्पकालिक शांति पाकिस्तान के नापाक इरादों के आगे टिक नहीं पाई। लगभग दोपहर के आसपास, जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों के सीमावर्ती इलाकों में तैनात भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान की ओर से बिना किसी उकसावे के छोटे हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू करने की सूचना दी। इसके तुरंत बाद, पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार के गोले भी दागने शुरू कर दिए, सीधे भारतीय सैन्य चौकियों और कुछ असैन्य इलाकों को निशाना बनाते हुए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी रेंजर्स ने पहले छोटे हथियारों से फायरिंग की, जिसके बाद मोर्टार दागे गए, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में दहशत फैल गई। भारतीय सेना की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया: मुंहतोड़ जवाब, स्थिति नियंत्रण में पाकिस्तान की इस उकसावे वाली कार्रवाई पर भारतीय सेना और बीएसएफ के जवानों ने त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तानी फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया और उन्हें अपनी हरकतों का करारा एहसास कराया। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, "आज सुबह दोनों पक्षों की सहमति से सीमा पर शांति स्थापित करने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों के भीतर जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी सेक्टरों में अकारण गोलीबारी शुरू कर दी। हमारे बहादुर जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया है। वर्तमान में स्थिति हमारे नियंत्रण में है और हम हर स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।" भारत की कड़ी आपत्ति: पाकिस्तान को चुकानी होगी कीमत भारत सरकार ने पाकिस्तान के इस गैर-जिम्मेदाराना और विश्वासघाती कृत्य पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग को तत्काल तलब कर इस घोर उल्लंघन पर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा। भारत पाकिस्तान से भविष्य में इस तरह की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए ठोस और सत्यापन योग्य कदम उठाने की मांग करेगा। भारत का स्पष्ट संदेश है कि सीमा पर शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी होगी। सीमावर्ती निवासियों में फिर से डर का माहौल: सुरक्षा पर मंडराता खतरा सीजफायर की खबर से उत्साहित जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों के नागरिक पाकिस्तान के इस विश्वासघाती कदम से एक बार फिर गहरे सदमे और डर के माहौल में डूब गए हैं। कुछ घंटों की बहुमूल्य शांति के बाद अचानक हुई गोलीबारी ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। जो लोग पहले से ही दशकों से सीमा पर जारी संघर्ष की त्रासदी झेल रहे हैं, उनके लिए यह घटना एक और मनोवैज्ञानिक आघात है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। द्विपक्षीय संबंधों पर गहरा आघात: शांति की राह और मुश्किल भारत और पाकिस्तान के बीच यह सीजफायर का उल्लंघन ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही विभिन्न जटिल मुद्दों पर तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस घटना ने द्विपक्षीय बातचीत और संबंधों को सामान्य बनाने की किसी भी संभावना को और भी कमजोर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है और दोनों देशों से संयम बरतने तथा सीमा पर शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। हालांकि, पाकिस्तान का बार-बार इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी विश्वसनीयता को गंभीर रूप से कमजोर करता है। आगे की राह: पाकिस्तान के रवैये पर टिकी निगाहें अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान इस स्पष्ट और अकारण उल्लंघन पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देता है और भविष्य में जम्मू-कश्मीर की सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए क्या विश्वसनीय कदम उठाता है। भारत, अतीत के कड़वे अनुभवों को देखते हुए, इस मामले पर कड़ी निगरानी रखेगा और अपनी सीमा की सुरक्षा तथा अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा। फिलहाल, पाकिस्तान के इस विश्वासघाती कृत्य ने दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा कर दिया है और शांति की राह पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।

देशभर में 7 मई को बजेंगे हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन, केंद्र सरकार ने राज्यों को मॉक ड्रिल के दिए निर्देश

नई दिल्ली, 05 मई 2025 (समय बोल रहा ):  हवाई हमले  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी 7 मई 2025 को एक…

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धानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए कड़े फैसले, कहा – "आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा" नई दिल्ली 23 अप्रैल 2025 (समय बोल रहा ) जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है। हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की मौत और दर्जनों के घायल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया: "देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। पाकिस्तान को अब हर मंच पर जवाब मिलेगा।" 1. सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया गया 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि, जिसे भारत ने दशकों तक निभाया, अब स्थगित कर दी गई है। CCS के फैसले के अनुसार यह निर्णय तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और भरोसेमंद तरीके से समाप्त नहीं करता। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। 2. अटारी चेकपोस्ट को बंद किया गया भारत-पाकिस्तान के बीच आवाजाही और व्यापार का प्रमुख केंद्र अटारी एकीकृत चेकपोस्ट अब बंद कर दिया गया है। CCS के अनुसार, जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ सीमा पार कर चुके हैं, उन्हें 1 मई 2025 से पहले उसी मार्ग से लौटने की अनुमति होगी। इसके बाद चेकपोस्ट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। 3. पाकिस्तानियों के लिए वीजा छूट योजना रद्द SAARC वीजा छूट योजना के तहत अब किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अतीत में जारी सभी SPES वीजा को रद्द माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, जो पाकिस्तानी नागरिक इस वीजा के तहत वर्तमान में भारत में हैं, उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। 4. पाकिस्तानी उच्चायोग से रक्षा सलाहकार निष्कासित नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत रक्षा, नौसेना, वायुसेना और सैन्य सलाहकारों को "अवांछित व्यक्ति" (Persona non grata) घोषित कर दिया गया है। उन्हें भारत छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। यह कदम भारत की तीव्र असहमति और आक्रोश का प्रतीक माना जा रहा है। 5. भारत ने इस्लामाबाद से अपने सैन्य सलाहकारों को बुलाया वापस CCS ने यह भी निर्णय लिया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कार्यरत रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को तत्काल प्रभाव से वापस बुला लिया जाएगा। संबंधित उच्चायोगों में इन पदों को अब स्थायी रूप से समाप्त कर दिया जाएगा। यह भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य-राजनयिक रिश्तों में एक नई दूरी का संकेत है। मोदी सरकार का स्पष्ट संदेश: "अब सहन नहीं करेंगे" प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, "भारत अब आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। पाकिस्तान को हर मोर्चे पर जवाब मिलेगा—राजनयिक, आर्थिक और सामरिक। देशवासियों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह कदम उठाया जाएगा।" विशेषज्ञों की राय: कूटनीतिक दबाव और वैश्विक मंच पर आक्रामकता बढ़ेगी विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के इन फैसलों से पाकिस्तान पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ेगा। सिंधु जल संधि की स्थगन से पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था पर असर पड़ेगा, वहीं वीज़ा नीति में बदलाव और सैन्य सलाहकारों की वापसी से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का रुख और स्पष्ट होगा। प्रभावी जवाब प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में लिए गए इन फैसलों ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब हर प्रकार के आतंकी हमले का निर्णायक और प्रभावी जवाब देगा। यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि कार्रवाई की शुरुआत है।

पाकिस्तान को करारा जवाब: CCS की आपात बैठक में ऐतिहासिक फैसले, सिंधु जल संधि स्थगित, अटारी बॉर्डर बंद, मोदी सरकार का बड़ा एक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए कड़े फैसले, कहा – “आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” नई दिल्ली 23 अप्रैल 2025 (समय बोल रहा ) जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है। हमले में 28…

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अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर 23 अप्रैल 2025 (समय बोल रहा ) — पहलगाम आतंकी हमला ,जम्मू-कश्मीर के शांत और खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम के बाईसरण घास के मैदान में मंगलवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं। इस हमले ने एक बार फिर कश्मीर घाटी की शांति को गहरी चोट पहुंचाई है। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। हमला कैसे हुआ? घटना दोपहर के समय उस वक्त हुई जब पर्यटक बाईसरण में घुड़सवारी, पिकनिक और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चार से छह की संख्या में आतंकी सेना की वर्दी पहनकर मौके पर पहुंचे और उन्होंने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की बौछार से अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों ने जान बचाने के लिए पास के जंगलों में शरण ली। मृतक और घायल प्रशासन के मुताबिक, हमले में मारे गए 28 लोगों में 24 भारतीय पर्यटक, 2 स्थानीय निवासी और 2 विदेशी नागरिक शामिल हैं। घायलों को श्रीनगर और अनंतनाग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घायलों में बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के नागरिक शामिल हैं। आतंकी संगठन का बयान द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने एक ऑनलाइन बयान में हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे ‘बाहरी बसावट’ के खिलाफ प्रतिरोध की कार्रवाई बताया। TRF ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में भूमि और संसाधनों पर बाहरी लोगों का अधिकार बढ़ा है और यह हमला उसी का प्रतिरोध था। प्रधानमंत्री ने की आपात बैठक घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सऊदी अरब यात्रा बीच में रोक दी और दिल्ली लौटकर आपातकालीन सुरक्षा बैठक की। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा की और शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह हमला भारत की आत्मा पर हमला है, इसका करारा जवाब दिया जाएगा।" गृह मंत्री अमित शाह भी तुरंत श्रीनगर पहुंचे और उच्चस्तरीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने एनआईए, रॉ और आईबी को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। सुरक्षा बलों का जवाब हमले के बाद पहलगाम और आसपास के इलाकों में सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। अब तक 100 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि हमलावरों को स्थानीय मदद भी मिली थी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र ने हमले की कड़ी निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है। पर्यटन उद्योग को झटका पहलगाम घाटी का यह हमला वहां के पर्यटन व्यवसाय के लिए एक बड़ा झटका है। कई टूरिस्ट एजेंसियों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी हैं और कई पर्यटक समय से पहले ही लौट रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के हमले कश्मीर की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और बेरोजगारी को बढ़ाते हैं। जनमानस में गुस्सा हमले के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया है। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सरकार से आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की जा रही है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “अब बहुत हो गया, हम शांति चाहते हैं, न कि खून खराबा।” पहलगाम हमला पहलगाम हमला केवल एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय त्रासदी है। यह घटना दर्शाती है कि आतंकवाद अब भी कश्मीर की शांति और भारत की संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है। ऐसे में समय आ गया है कि देश एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़े, ताकि फिर किसी निर्दोष की जान यूं न जाए।

पहलगाम आतंकी हमला: 28 पर्यटकों की हत्या से दहशत, ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने ली जिम्मेदारी

अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर 23 अप्रैल 2025 (समय बोल रहा ) — पहलगाम आतंकी हमला ,जम्मू-कश्मीर के शांत और खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम के बाईसरण घास के मैदान में मंगलवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं। इस हमले ने एक बार फिर…

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दिल्ली, 27 मार्च 2025 (समय बोल रहा) – अगर आप एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो अब आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से नकद निकासी पर नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा पार करने के बाद ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। क्या है नया नियम? भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, अब किसी भी बैंक के ग्राहक मुफ्त लेन-देन की निर्धारित सीमा के बाद एटीएम से पैसे निकालने पर अतिरिक्त शुल्क चुकाएंगे। नए नियम के तहत: मासिक मुफ्त लेन-देन की सीमा – किसी भी बैंक के ग्राहकों को मेट्रो शहरों में 3 और गैर-मेट्रो शहरों में 5 बार तक मुफ्त निकासी की सुविधा मिलेगी। अतिरिक्त निकासी पर शुल्क – निर्धारित सीमा के बाद प्रति ट्रांजेक्शन ₹23 तक का शुल्क लिया जाएगा। नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन – बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसी सेवाओं के लिए भी एक निश्चित संख्या तक मुफ्त सुविधा होगी, इसके बाद चार्ज लिया जाएगा। ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर? इस नए नियम के लागू होने से उन ग्राहकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा, जो बार-बार एटीएम से नकद पैसे निकालते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा और लोग कैशलेस लेन-देन की ओर प्रेरित होंगे। क्यों लिया गया यह फैसला? आरबीआई ने कहा है कि एटीएम के रखरखाव की बढ़ती लागत और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस फैसले से बैंकों को एटीएम के संचालन में मदद मिलेगी और डिजिटल ट्रांजेक्शन को भी बढ़ावा मिलेगा। महत्वपूर्ण बातें – जानिए नए नियम की मुख्य बातें मेट्रो शहरों में: 3 मुफ्त ट्रांजेक्शन के बाद ₹23 प्रति निकासी। गैर-मेट्रो शहरों में: 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन के बाद ₹23 प्रति निकासी। नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन: फ्री लिमिट पार होने पर अतिरिक्त शुल्क। राशि निकालने की सीमा: एक बार में अधिकतम ₹25,000 तक की निकासी संभव। ग्राहकों के लिए सुझाव डिजिटल पेमेंट का अधिक इस्तेमाल करें। मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा को समझकर ही एटीएम से पैसे निकालें। नेट बैंकिंग और UPI जैसी सुविधाओं का लाभ उठाएं। आरबीआई के नए नियम 1 मई 2025 से पूरे देश में लागू हो जाएंगे। अतः ग्राहक अपने बैंक की नीतियों को समझकर ही नकद निकासी करें ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके। समय बोल रहा से विशेष रिपोर्ट।

एटीएम से पैसे निकालने पर अब लगेगा अतिरिक्त शुल्क – जानिए नए नियम

दिल्ली, 27 मार्च 2025 (समय बोल रहा) – अगर आप एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो अब आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से नकद निकासी पर नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा पार करने के बाद ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। क्या है…

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मेरठ, 22 मार्च 2025 (समय बोल रहा) – उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेरठ में एक अवैध इंटरनेशनल कॉल एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है, जो वीओआईपी (VoIP) कॉल को लोकल कॉल में बदलकर हर दिन 25 हजार रुपये की अवैध कमाई कर रहा था। चार लाख का इनवेस्टमेंट, देहरादून में ट्रायल से शुरू हुआ गोरखधंधा पुलिस जांच में पता चला है कि इस अवैध इंटरनेशनल कॉल एक्सचेंज के लिए चार लाख रुपये का निवेश किया गया था। सबसे पहले देहरादून में ट्रायल के रूप में इसे शुरू किया गया, जिसके बाद मेरठ में इसका पूरा सेटअप तैयार किया गया। कैसे चलता था अवैध इंटरनेशनल कॉल एक्सचेंज? पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार, इस अवैध एक्सचेंज में वीओआईपी कॉल्स (Voice Over Internet Protocol) को लोकल कॉल में बदलने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता था। इस प्रक्रिया से न केवल टेलीकॉम कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो रहा था। लखीपुरा में छापेमारी, मुख्य आरोपी जुनैद गिरफ्तार मेरठ के लखीपुरा इलाके में स्थित एक घर की ऊपरी मंजिल पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी जुनैद को गिरफ्तार किया है और मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सर्वर, और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अवैध कॉल एक्सचेंज से क्या नुकसान होता है? राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा – इंटरनेशनल कॉल्स को लोकल में बदलने से खुफिया एजेंसियों की निगरानी प्रणाली विफल हो सकती है। राजस्व का नुकसान – टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों रुपये की हानि होती है। आतंकी गतिविधियों में दुरुपयोग – ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और आतंकी संचार के लिए हो सकता है। पुलिस की कार्रवाई जारी, अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गोरखधंधे का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ

मेरठ: अवैध इंटरनेशनल कॉल एक्सचेंज का भंडाफोड़, हर दिन हो रही थी 25 हजार की कमाई!

मेरठ, 22 मार्च 2025 (समय बोल रहा) – उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेरठ में एक अवैध इंटरनेशनल कॉल एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है, जो वीओआईपी (VoIP) कॉल को लोकल कॉल में बदलकर हर दिन 25 हजार रुपये की अवैध कमाई कर रहा था। चार लाख का इनवेस्टमेंट, देहरादून में ट्रायल से शुरू हुआ गोरखधंधा पुलिस…

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नई दिल्ली, 18 मार्च 2025 (समय बोल रहा) अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की मशहूर भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके साथी बुच विल्मोर (Butch Wilmore), निक हेग (Nick Hague) और अलेक्जेंडर गोर्बुनोव (Alexander Gorbunov) स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान (SpaceX Dragon Spacecraft) से धरती की ओर लौट रहे हैं। कब और कहां होगी लैंडिंग? ✔ वापसी की तारीख: 19 मार्च 2025 ✔ समय: भारतीय समयानुसार सुबह 3:27 बजे ✔ लैंडिंग स्थान: फ्लोरिडा के तट के पास अटलांटिक महासागर सुनीता विलियम्स की ऐतिहासिक यात्रा जून 2024 में, सुनीता विलियम्स बोइंग स्टारलाइनर (Boeing Starliner) के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंची थीं। उन्होंने 9 महीने अंतरिक्ष में बिताए और इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रयोग किए। उनकी वापसी में देरी हुई थी, लेकिन अब स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट उन्हें सुरक्षित धरती पर ला रहा है। यह मिशन NASA और SpaceX के लिए एक बड़ी सफलता है। स्पेस में 9 महीने रहने के बाद क्या होंगे बदलाव? लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनमें शामिल हैं: ✔ हड्डियों की कमजोरी ✔ मांसपेशियों की कमजोरी ✔ ग्रैविटी की वजह से बैलेंस की समस्या ✔ ब्लड सर्कुलेशन पर असर ✔ मनोवैज्ञानिक बदलाव डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम उनकी स्वास्थ्य जांच करेगी और उन्हें पृथ्वी के वातावरण के अनुकूल बनाने के लिए विशेष पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। सुनीता विलियम्स: भारतीयों के लिए गर्व का पल सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की दूसरी महिला हैं जिन्होंने अंतरिक्ष में लंबा समय बिताया है। उनकी इस वापसी पर भारत सहित पूरी दुनिया उत्साहित है। उनका यह मिशन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है और भारत के युवाओं को अंतरिक्ष अनुसंधान में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। …….. आप इस मिशन के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी रा

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी: स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से सफल मिशन समापन

नई दिल्ली, 18 मार्च 2025 (समय बोल रहा ) अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की मशहूर भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और उनके साथी बुच विल्मोर (Butch Wilmore), निक हेग (Nick Hague) और अलेक्जेंडर गोर्बुनोव (Alexander Gorbunov) स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान (SpaceX Dragon Spacecraft) से धरती की ओर लौट रहे हैं। अंतरिक्ष एजेंसी…

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चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 मार्च को खेला जाएगा। इस बड़े मैच से पहले कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने अहम बयान दिया है। इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय टीम सुरक्षा कारणों और सरकार की मंजूरी न मिलने के चलते पाकिस्तान नहीं गई। इसके चलते भारत को दुबई में अपने मुकाबले खेलने पड़े। अब भारत के एक ही वेन्यू पर खेलने को लेकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के कई क्रिकेटर्स ने प्रतिक्रिया दी है। इन खिलाड़ियों ने एक सुर में कहा कि भारत को सिर्फ एक ही स्थान पर खेलने का फायदा मिल सकता है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और ICC ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब देखना होगा कि 9 मार्च को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया कैसा प्रदर्शन करती है।

टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर किया कब्जा!

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 4 विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। कप्तान रोहित शर्मा की 76 रनों की पारी और शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने 252 रनों के लक्ष्य को 49 ओवरों में हासिल कर लिया। न्यूज़ीलैंड…

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चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 मार्च को खेला जाएगा। इस बड़े मैच से पहले कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने अहम बयान दिया है। इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय टीम सुरक्षा कारणों और सरकार की मंजूरी न मिलने के चलते पाकिस्तान नहीं गई। इसके चलते भारत को दुबई में अपने मुकाबले खेलने पड़े। अब भारत के एक ही वेन्यू पर खेलने को लेकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के कई क्रिकेटर्स ने प्रतिक्रिया दी है। इन खिलाड़ियों ने एक सुर में कहा कि भारत को सिर्फ एक ही स्थान पर खेलने का फायदा मिल सकता है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और ICC ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब देखना होगा कि 9 मार्च को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया कैसा प्रदर्शन करती है।

चैम्पियंस ट्रॉफी 2025: भारत के दुबई में खेलने पर बवाल, इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर्स का बड़ा बयान!

चैम्पियंस ट्रॉफी, 07  मार्च 2025 (समय बोल रहा) का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 मार्च को खेला जाएगा। इस बड़े मैच से पहले कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने अहम बयान दिया है। इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय टीम सुरक्षा कारणों और सरकार की मंजूरी…

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नई दिल्ली, 1 फरवरी 2025(समय बोल रहा)वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2025-26 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया, जिसमें मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन को मिलाकर, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये तक बढ़ जाती है। इस कदम का उद्देश्य मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। वित्त मंत्री ने नए आयकर स्लैब की घोषणा करते हुए कहा, "नया ढांचा मध्यम वर्ग पर करों को कम करेगा और उनके हाथों में अधिक धन छोड़ेगा, जिससे घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।" इस कर राहत से लगभग 2.5 से 3 करोड़ करदाताओं को लाभ होने की उम्मीद है, जिससे प्रत्येक करदाता को लगभग 1 लाख रुपये की वार्षिक बचत होगी। यह अतिरिक्त धनराशि उपभोक्ता वस्तुओं, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा देने में सहायक होगी। बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी राहत प्रदान की गई है, जिसमें ब्याज आय पर कर-मुक्त सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन शुरू किया जाएगा, जिसमें दालों और कपास के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों के लिए सब्सिडी वाले ऋण की सीमा को 5 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इन कर राहत उपायों का आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव अनिश्चित है। मूडीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष क्रिश्चियन डी गुज़मैन ने कहा, "यह इस बात पर निर्भर करता है कि उपभोक्ता इस अतिरिक्त धनराशि को खर्च करते हैं या नहीं।" कुल मिलाकर, बजट 2025 मध्यम वर्ग के लिए महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी और अर्थव्यवस्था में उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

बजट 2025 – मिडिलक्लास के लिए खुशखबरी 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर अब आयकर नहीं

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2025(समय बोल रहा)वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2025-26 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया, जिसमें मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन को मिलाकर, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए यह सीमा…

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a group of men standing in a circle

काशीपुर में नव निर्वाचित मेयर दीपक बाली ने किया विकास कार्यों का शुभारंभ

काशीपुर, 30 जनवरी 2025: नगर निगम चुनाव में जनता से किए गए वादों को साकार करने के लिए नव निर्वाचित मेयर दीपक बाली ने बुधवार को विकास कार्यों की शुरुआत की। उन्होंने रामलीला ग्राउंड के सामने फीता काटकर सड़क सुधार अभियान का शुभारंभ किया और कहा कि उनकी प्राथमिकता काशीपुर को गड्ढा मुक्त सड़कें उपलब्ध…

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