बजट 2026-27: किस सेक्टर को कितना मिला? सरकार का पूरा खर्च प्लान सामने देखे
नई दिल्ली 01 फरवरी 2026 (समय बोल रहा)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया है। इस बार का बजट साफ संकेत देता है कि सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं की बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता दी है। आम करदाताओं को टैक्स में बड़ी राहत नहीं दी गई, लेकिन सरकारी खर्च का फोकस पूरी तरह पूंजीगत निवेश पर केंद्रित रहा।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे बड़ा दांव – ₹12.20 लाख करोड़
बजट का सबसे बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला है। इसमें सड़क, हाईवे, रेलवे, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट सिटी, शहरी विकास, जलमार्ग और पोर्ट कनेक्टिविटी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि रोजगार सृजन और GDP ग्रोथ तभी संभव है जब निर्माण कार्य जमीन पर दिखे।
रेलवे को मिला ₹2.6 लाख करोड़
रेलवे के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, स्टेशन रिडेवलपमेंट और फ्रेट कॉरिडोर के विस्तार पर जोर दिया गया है। सरकार रेलवे को दोबारा अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
रक्षा बजट – ₹6.3 लाख करोड़
रक्षा क्षेत्र में हथियारों की खरीद, मेक-इन-इंडिया रक्षा परियोजनाओं और सीमा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है। यह खर्च राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए अनिवार्य बताया गया है।
मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर – ₹40,000 करोड़
सेमीकंडक्टर फैब, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PLI योजनाओं के विस्तार के लिए विशेष पैकेज दिया गया है। उद्देश्य चीन पर तकनीकी निर्भरता कम करना है।
कृषि और ग्रामीण विकास – ₹1.52 लाख करोड़
कृषि क्षेत्र में FPOs, पशुपालन, मत्स्य पालन, एग्री-टेक और डिजिटल खेती पर ध्यान दिया गया है। इस बार सब्सिडी की बजाय सिस्टम सुधार को प्राथमिकता दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र – ₹98,000 करोड़
स्वास्थ्य बजट में मेडिकल टूरिज्म, आयुष सिस्टम और मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर है। सरकार स्वास्थ्य को अब सिर्फ खर्च नहीं बल्कि संभावित रेवेन्यू सेक्टर के रूप में देख रही है।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट – ₹1.25 लाख करोड़स्किल यूनिवर्सिटी, AVGC (एनिमेशन, गेमिंग, VFX) और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। सरकार का फोकस डिग्री से ज्यादा रोजगार-योग्य युवाओं पर है।
MSME सेक्टर – ₹22,000 करोड़
छोटे उद्योगों के लिए सस्ता कर्ज, एक्सपोर्ट सपोर्ट और कैश-फ्लो सुधार के उपाय किए गए हैं। रोजगार सृजन का मुख्य स्रोत इसी सेक्टर को माना गया है।
ऊर्जा और ग्रीन सेक्टर – ₹35,000 करोड़ से अधिकरिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं को बजट में प्रमुख स्थान मिला है। लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करना है।
टैक्स और फाइनेंशियल सुधार
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। TDS-TCS में कुछ राहत दी गई है। नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
बजट 2026-27 में मध्यम वर्ग को सीधी टैक्स राहत नहीं मिली है। सरकार का पैसा कंक्रीट, मशीनों और फैक्ट्रियों में लगाया जा रहा है। यह बजट वोट-बजट नहीं, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित ग्रोथ बजट माना जा रहा है। अब असली परीक्षा यह है कि घोषित योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से उतरती हैं।

