सभी पशुपालकों के लिए बड़ी खबर: 29 जनवरी को करनपुर में होगी भव्य पशु प्रदर्शनी, मिलेंगे पुरस्कार
जसपुर 26 जनवरी 2025 (समय बोल रहा)
पशुपालन विभाग, जसपुर द्वारा ग्राम करनपुर में गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को एक भव्य पशु प्रदर्शनी एवं पशु प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में जसपुर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों के पशुपालकों को अपने पशुओं के साथ भाग लेने का अवसर मिलेगा।पशुपालन विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस पशु प्रदर्शनी का उद्देश्य पशुपालकों को प्रोत्साहित करना, उन्नत नस्लों के पशुओं को बढ़ावा देना और पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में मजबूत करना है।
विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लें।प्रातः 9 बजे से होगा पशु पंजीकरणकार्यक्रम स्थल ग्राम करनपुर, जसपुर में पशुओं का पंजीकरण प्रातः 9:00 बजे से प्रारंभ होगा। पंजीकरण के बाद पशुओं को प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने पशुपालकों से समय पर पहुंचने की अपील की है, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
छह वर्गों में होगी पशु प्रतियोगिताइस पशु प्रदर्शनी में कुल 06 वर्गों में पशु प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें—गाय (दुग्धार)भैंस (दुग्धार)गाय (हीफर)भैंस (हीफर)गाय/बछियाभैंस/कटियाशामिल हैं।
प्रत्येक वर्ग में चयनित पशुओं को उनकी गुणवत्ता, दुग्ध उत्पादन क्षमता एवं स्वास्थ्य के आधार पर परखा जाएगा।प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कारपशुपालन विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि प्रत्येक समूह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रतिभागी पशुपालकों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे पशुपालकों का मनोबल बढ़ सके।वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूदइस आयोजन की देखरेख पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम में—डॉ. सुधांशु मिश्रा, वरिष्ठ पशुचिकित्साधिकारी, जसपुरडॉ. योगेश कुमार शर्मा, पशुचिकित्साधिकारी, करनपुर (ऊधम सिंह नगर)डॉ. आशुतोष जोशी, संयुक्त निदेशक / मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, ऊधम सिंह नगरकी उपस्थिति रहेगी।
पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभयह पशु प्रदर्शनी पशुपालकों के लिए अपने पशुओं की गुणवत्ता आंकने, नई तकनीकों की जानकारी लेने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने का बेहतर मंच साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और पशुपालन को व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

